सोमवार, 5 अक्टूबर 2026

सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट्स के महत्वपूर्ण आदेश-सार


 कृपया हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब, शेयर और लाइक कीजिए: प्रमोद कुमार अग्रवाल 

नया बिजली कनेक्शन निरस्त करने से पहले भेजा जाएगा मीमो

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। नए बिजली कनेक्शन के आवेदन अब सीधे निरस्त नहीं होंगे, बल्कि आवेदन स्वीकार करने के बाद मीमो के माध्यम से उपभोक्ता को कमियां बताई जाएंगी। ताकि वह निर्धारित समय सीमा में उन्हें सुधार कर सके।

   दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि अब उपभोक्ताओं के नए बिजली कनेक्शन के आवेदन सीधे ही निरस्त नहीं किए जाएंगे। अगर आवेदन में कोई कमी है तो उसके लिए आवेदक को मीमो भेज कर कमियां बताई जाएंगी। निर्धारित समय सीमा मेंकमियां सुधारे जाने के बाद संबंधित आवेदक को नया बिजली कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

स्पीड पोस्ट भेजने के लिए मोबाइल नंबर देना अनिवार्य

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। डाकघर से स्पीड पोस्ट भेजने के लिए अब प्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों का मोबाइल नंबर देना अनिवार्य कर दिया गया है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय के डाक विभाग द्वारा यह सख्त कदम उठाया है।

‌‌ आगरा के प्रतापपुरा स्थित प्रधान डाकघर के प्रवर डाकपाल एसके जैन ने बताया कि कुछ विशेष मामलों में मोबाइल नंबर देने से छूट रहेगी। अंतर्राष्ट्रीय डाक के मामले में, केंद्र या राज्य सरकार के विभागों, न्यायालय और सीवीसी जैसे संवैधानिक निकायों के कार्यालय को स्पीड पोस्ट भेजने पर प्राप्तकर्ता का नंबर देने पर छूट होगी।

उन्होंने बताया कि अनुबंध के तहत डाक भेजने वाले बल्क मेलर्स को प्रेषक का नंबर देने से छूट होगी। छूट वाले विशेष मामलों में बुकिंग के समय सिस्टम में डमी मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा। आम जनता को स्पीड पोस्ट भेजने के लिए अपना और प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर देना होगा। मोबाइल नंबर के बिना स्पीड पोस्ट स्वीकार नहीं की जाएगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)



इलाहाबाद हाईकोर्ट के पांच महत्वपूर्ण आदेश-सार

 @ इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने कहा कि जब किसी मामले में मुख्य चश्मदीद की मौजूदगी ही संदिग्ध है तो उसकी मौखिक गवाही के आधार पर किसी को आजीवन कारावास की सजा नहीं दी जा सकती।

@ इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में आम जनता के हित और सरकारी अस्पतालों की जरूरतों को देखते हुए योग्य डॉक्टरों का कुछ समय सरकारी अस्पताल में सेवा देना आवश्यक है।

@ इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने कहा कि पुरानी नियुक्ति रद्द होने की जानकारी न देना सेवा समाप्ति का आधार नहीं हो सकता।

@ इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायामूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने कहा कि 240 दिन की निरंतर सेवा साबित करने की प्राथमिक जिम्मेदारी श्रमिक की है। यदि श्रमिक इसे साबित नहीं कर पाता है तो उसकी पुनः बहाली और दो तिहाई पिछला वेतन दिए जाने का आदेश खारिज होने योग्य है।

@ इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की एकल पीठ ने कहा कि शारीरिक रूप से स्वस्थ पति बेरोजगारी का बहाना बनाकर पत्नी को भरण-पोषण देने से मना नहीं कर सकता। वह पत्नी को जीवनयापन के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट्स के महत्वपूर्ण आदेश-सार

 कृपया हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब, शेयर और लाइक कीजिए: प्रमोद कुमार अग्रवाल