इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने सेवानिवृत्ति के बाद वेतन निर्धारण में कथित गलती के आधार पर पेंशन से 6.74 लाख रुपए की वसूली को अवैध कर दिया है।
कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि याची की पेंशन से की गई कटौती की राशि आठ प्रतिशत ब्याज के साथ 8 सप्ताह में वापस करे। साथ ही पेंशन और सेवानिवृत्ति के अन्य सभी लाभ अंतिम आहरित वेतन के आधार पर निर्धारित किए जाएं।
हाई कोर्ट ने मुरादाबाद के सूरज सिंह की याचिका पर यह आदेश दिया है। याची पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर नियुक्त हुआ था। इसके बाद उसे हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति दी गई। सेवानिवृत्ति के बाद विभाग ने वेतन निर्धारण में गलती बता कर उसकी पेंशन की राशि में से 6.74 लाख रुपए काट लिए। जिसे याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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