बुधवार, 6 मई 2026

पर्सन इंचार्ज के तौर पर एक ही अस्पताल को मिलेगा लाइसेंस

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब पर्सन इंचार्ज के तौर पर एक ही अस्पताल को लाइसेंस दिए जाने का निर्णय लिया गया है। एक से अधिक का होने पर आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। वहीं एक डिग्री पर एक से अधिक हॉस्पिटल का आवेदन भी रद्द होगा।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में अस्पतालों के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन आ रहे हैं। इनमें नए अस्पतालों के लिए भी आवेदन शामिल हैं। कुछ आवेदनों में तीन डॉक्टरों ने एक से अधिक अस्पताल में पर्सन इंचार्ज के तौर पर आवेदन किया है। 

    उन्होंने बताया कि नियमानुसार पर्सन इंचार्ज के तौर पर एक डॉक्टर एक ही अस्पताल में सेवा दे सकता है। वहीं पैथोलॉजिस्ट तीन लैब और रेडियोलॉजिस्ट दो अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत कर सकते हैं। इसके लिए चिकित्सक को संबंधित लैब सेंटर में कितने समय तक सेवा देनी होगी, इसका शपथ पत्र में उल्लेख करना होता है।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि चिकित्सकीय संस्थान लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 30 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। बीते साल 1385 चिकित्सीय संस्थान पंजीकृत हुए थे। इनमें से करीब 480 के अधूरे मानक मिलने पर एक साल के लिए ही लाइसेंस का नवीनीकरण किया गया था। 

     इनकी मार्च में लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के कारण अब इन्हें नए सिरे से आवेदन करना होगा। अब अधूरे मानकों वाले अस्पतालों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। पर्सन इंचार्ज के तौर पर एक ही अस्पताल को लाइसेंस जारी किया जाएगा। एक से अधिक होने पर लाइसेंस आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

डिजिटल जनगणना की तैयारी पूरी, सात मई से शुरू होगी स्व गणना

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। पहली बार होने जा रही डिजिटल जनगणना की तैयारी पूरी हो गई है। बृहस्पतिवार सात मई से स्व गणना शुरू हो जाएगी जो 21 मई तक चलेगी। घर बैठे लोग मोबाइल से अपना ब्यौरा दर्ज कर सकेंगे। उनसे कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनके जवाबों का सत्यापन प्रगणकों द्वारा घर घर जाकर किया जाएगा। गलत या अधूरी जानकारी देने और जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

     जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि जनगणना के पहले चरण के अंतर्गत सात से 21 मई तक स्व गणना के लिए पोर्टल खुल जाएगा। पोर्टल पर जाकर नागरिक अपने मोबाइल या लेपटॉप से 15 दिनों के भीतर अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे। 

   जिलाधिकारी ने बताया कि स्व गणना के बाद 22 मई से 20 जून 2026 तक मकानों के सूचीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। इस दौरान 10 हजार गणना कर्मचारी जिले में घर घर जाकर ऑनलाइन दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। जिन लोगों द्वारा ऑनलाइन जानकारी नहीं भरी होगी, उनका डाटा डिजिटल डिवाइस के माध्यम से दर्ज करेंगे।

    जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 में कुल 33 प्रश्नों से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी। इनमें मकान संख्या, मकान निर्माण में लगी सामग्री, मकान का उपयोग, परिवार में सदस्यों की कुल संख्या, परिवार के मुखिया का नाम और जाति आदि जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी।

   जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि जनगणना कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्यूटी से गायब रहने अथवा कार्य में लापरवाही बरतने वाले प्रगणकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे पोस्टर, बैनर और सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता को इस अभियान में सहभागिता निभाने के लिए जागरूक करें। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

पुलिस कमिश्नरेट आगरा में पुलिस कर्मियों के लिए सोशल मीडिया पॉलिसी जारी

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। पुलिस कमिश्नरेट आगरा में पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार द्वारा पुलिस कर्मियों के लिए सोशल मीडिया पॉलिसी जारी की गई है। अब पुलिसकर्मी वर्दी पहनकर रील नहीं बना सकेंगे और न ही कार्यस्थल के फोटो और वीडियो पोस्ट कर सकेंगे। जारी की गई पॉलिसी के तहत सोशल मीडिया का गैर जिम्मेदाराना उपयोग करने पर दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

     डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि पुलिस कर्मियों के लिए जारी सोशल मीडिया पॉलिसी का पालन सभी को करना होगा। इसके तहत ड्यूटी के दौरान या कार्य स्थल थाना, पुलिस लाइन, कार्यालय पर वर्दी में वीडियो व रील बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। ड्यूटी के बाद भी वर्दी पहनकर ऐसी कोई सामग्री पोस्ट नहीं की जा सकेगी।

   डीसीपी सिटी ने बताया कि हथियारों के साथ फोटो खिचाना, फायरिंग या पुलिस ड्रिल का लाइव टेलीकास्ट करना भी अनुशासनहीनता की श्रेणी में आएगा। अब सहायक पुलिस आयुक्त स्तर से नीचे के अधिकारी सीधे मीडिया में बयान या बाइट नहीं दे सकेंगे। सभी प्रेस नोट संबंधित जोन के मीडिया सेल की ओर से अनुमोदित होने के बाद ही साझा किए जाएंगे। 

    उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पॉलिसी के तहत महत्वपूर्ण वीवीआईपी और वीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी भी प्रकार की पोस्ट डालने पर रोक लगा दी गई है। पुलिसकर्मी विभाग की जानकारी से संबंधित वीडियो और ऑडियो किसी को नहीं देंगे और किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डाउनलोड नहीं करेंगे। इसके लिए शासन से अनुमति आवश्यक होगी। पुलिसकर्मी ऐसी कोई जानकारी भी साझा नहीं करेंगे जो विभागीय नियुक्ति के कारण प्राप्त हुई हो।

   मीडिया पॉलिसी में यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया पर किसी को कॉल करने या मैसेज करने पर भी रोक लगा दी गई है। यदि कोई पुलिसकर्मी नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पॉलिसी का उद्देश्य पुलिस बल को उनके मूल कर्तव्य के प्रति अधिक सजग बनाना है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)



रविवार, 3 मई 2026

चलना ही ज़िंदगी है.....


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सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश

 

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बुधवार, 29 अप्रैल 2026

इलाहाबाद हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश


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इलाहाबाद हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश


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शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी जानकारी


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रविवार, 26 अप्रैल 2026

दिव्यांग दंपत्ति के लिए प्रोत्साहन योजना

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी श्रीमती ज्ञान देवी ने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा संचालित दिव्यांगजन शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांग दम्पत्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

      उन्होंने बताया कि योजना के तहत यदि दम्पत्ति में युवक दिव्यांग है तो उसे15,000 रुपए, युवती के दिव्यांग होने की स्थिति में 20,000 रुपए तथा यदि युवक एवं युवती दोनों दिव्यांग हैं तो 35,000 की धनराशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाएगी।

    जिला दिव्यांगजन अधिकारी ने बताया कि योजना की पात्रता के अनुसार विवाह के समय युवक की आयु 21 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि युवती की आयु 18 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। दम्पत्ति में कोई भी आयकरदाता नहीं होना चाहिए तथा मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र के अनुसार दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक होनी आवश्यक है। यह योजना उन दिव्यांग दम्पत्तियों पर लागू होगी जिनका विवाह गत वित्तीय वर्ष अथवा वर्तमान वित्तीय वर्ष में सम्पन्न हुआ हो।

   उन्होंने कहा कि आवेदन के लिए दम्पत्ति को दिव्यांगता दर्शाने वाला संयुक्त नवीनतम फोटो, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र अथवा शादी का काभीर्ड, वर एवं वधु का आयु प्रमाण पत्र, मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र, राष्ट्रीयकृत बैंक में संचालित संयुक्त खाता, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा आय एवं जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

   इच्छुक दिव्यांग दम्पत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु विभागीय वेबसाइट पर निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के पश्चात उसकी एक प्रति समस्त आवश्यक अभिलेखों सहित दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, विकास भवन, संजय पैलेस, आगरा में जमा करनी होगी, ताकि नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जा सके। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)




यात्रियों की सुरक्षा के लिए आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर लगे 200 हाईटेक कैमरे

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नई केंद्रीकृत सर्विलांस प्रणाली की शुरुआत की गई है।  इसके तहत रेलवे स्टेशन पर 200 अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। जिससे प्लेटफार्म से लेकर प्रवेश व निकास द्वार तक हर गतिविधि पर रियल टाइम नजर नजर रखी जा सकेगी।

   रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि कैंट रेलवे स्टेशन पर वेटिंग रूम, फुटओवर ब्रिज और अन्य संवेदनशील स्थानों की उच्च गुणवत्ता वाली निगरानी अब केंद्रीकृत सर्विलांस प्रणाली से हो सकेगी। किसी भी तरह की अवांछनीय गतिविधि नजर आने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इससे यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर बनेगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

इलाहाबाद हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश


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शनिवार, 25 अप्रैल 2026

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026

गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश


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बुधवार, 22 अप्रैल 2026

ध्वनि प्रदूषण फैला रहे वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग में शुरू किया अभियान

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा को देखते हुए परिवहन विभाग ने वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर के खिलाफ अभियान शुरू किया है। इसके लिए परिवहन विभाग दोषी वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

    सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) आलोक कुमार ने बताया कि वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर लगाने वाले मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मोडिफाइड साइलेंसर या प्रेशर हॉर्न बेचने और लगाने पर वर्कशॉप संचालक पर हर मामले में एक लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

    उन्होंने बताया कि यदि कोई वाहन स्वामी अपने वाहन में अनाधिकृत बदलाव करता है तो उसे 6 महीने तक की जेल, 5,000 रुपए तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है। सार्वजनिक स्थान पर ऐसे वाहन चलाने या चलवाने पर, जिससे सड़क सुरक्षा, शोर नियंत्रण और वायु प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन होता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहली बार पकड़े जाने पर 3 महीने तक की जेल और 10,000 रुपए तक का जुर्माना और 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

इलाहाबाद हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश


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मंगलवार, 21 अप्रैल 2026

शनिवार, 18 अप्रैल 2026

साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने को बैंकों की मदद ले रही है कमिश्नरेट पुलिस

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। डिजिटल अरेस्ट सहित सभी तरह से होने वाले साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए आगरा कमिश्नरेट पुलिस बैंकों की मदद ले रही है। इसके लिए डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार द्वारा बैंकों के प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर साइबर अपराधों में तुरंत प्रभावी कार्रवाई पर विचार विमर्श किया गया।

     डीसीपी साइबर क्राइम ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट और अन्य बहुत से तरीके अपना कर साइबर अपराधी लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे मामलों में पीड़ितों को तुरंत राहत दिलाने के लिए आगरा कमिश्नरेट पुलिस, बैंक के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर रही है। सभी बैंक अधिकारियों को साइबर ठगी के मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने और पीड़ितों की रकम सुरक्षित रखने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।

    डीसीपी साइबर क्राइम ने बताया कि साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अब समय समय पर बैठकों का आयोजन किया जाएगा, संदिग्ध लेनदेन पर तत्काल रोक लगाने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, साइबर फ्रॉड की सूचना मिलते ही गोल्डन आवर में तुरंत कार्रवाई की जाएगी और लोगों को जागरूक करने के लिए संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। 

    डीसीपी साइबर क्राइम ने बताया कि सभी बैंकों में साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे, संबंधित पुलिस थाना और चौकी प्रभारियों द्वारा समय समय पर बैक शाखाओं में चेकिंग की जाएगी, बैंक स्तर पर नोडल अधिकारियों की सक्रियता बढ़ाने के साथ साथ शक होने पर बैक के शाखा प्रबंधक द्वारा साइबर फ्रॉड की जानकारी संबंधित पुलिस थाना और चौकी को भेजी जाएगी। (न्यूजलाइन ब्यूरो)


पर्सन इंचार्ज के तौर पर एक ही अस्पताल को मिलेगा लाइसेंस

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब पर्सन इंचार्ज के तौर पर एक ही अस्पताल को लाइसेंस दिए जाने का निर्णय लिया गया है। एक स...