आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। हल्का बुखार बने रहना, वजन कम होना, पेट में परेशानी, हड्डियों में दर्द और खुजली की समस्या हो तो इन लक्षणों को आम बीमारी नहीं समझना चाहिए, बल्कि तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच कराना चाहिए। यह लक्षण त्वचा, आंत और गुप्तांग में टीबी के हो सकते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि कभी-कभी बिना खांसी और सांस न फूलने के बाद भी जांच में टीबी आ सकती है। सामान्यतः दो सप्ताह तक खांसी, बुखार होना, सीने में दर्द, खांसी के साथ खून आना, गर्दन में गांठ व गिल्टी होना, बांझपन की परेशानी, भूख न लगना, वजन कम होना, थकान, रात में पसीना आना, पेट और हड्डियों में दर्द रहना जैसे लक्षण अगर हैं तो अपने डॉक्टर की सलाह से टीबी की जांच करानी चाहिए।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर सुकेश गुप्ता ने बताया कि एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी के बारे में मरीजों को कम जानकारी है। जांच में फेफड़ों के अलावा त्वचा, आंत, हड्डी, दिमाग, बगल, पेट, बच्चेदानी गुप्तांग आदि अंगों में भी टीबी हो सकती है। इसलिए किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल जांच करानी चाहिए और टीबी की पुष्टि होने पर क्षय रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर पूरा कोर्स करना चाहिए।
डॉक्टर गुप्ता ने बताया कि टीबी लाइलाज नहीं है, बल्कि समय पर जांच , इलाज, दवाओं और पौष्टिक भोजन के सेवन से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। टीबी के मरीज अधिक जानकारी और किसी भी मदद के लिए टोल फ्री नंबर 1800116666 अथवा 0562-2600412 पर कॉल कर सकते हैं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)