गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026

सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन से कटौती अवैध

   इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने सेवानिवृत्ति के बाद वेतन निर्धारण में कथित गलती के आधार पर पेंशन से 6.74 लाख रुपए की वसूली को अवैध कर दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि याची की पेंशन से की गई कटौती की राशि आठ प्रतिशत ब्याज के साथ 8 सप्ताह में वापस करे। साथ ही पेंशन और सेवानिवृत्ति के अन्य सभी लाभ अंतिम आहरित वेतन के आधार पर निर्धारित किए जाएं।

  हाईकोर्ट ने मुरादाबाद के सूरज सिंह की याचिका पर यह आदेश दिया है। याची पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर नियुक्त हुआ था। इसके बाद उसे हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति दी गई। सेवानिवृत्ति के बाद विभाग ने वेतन निर्धारण में गलती बता कर उसकी पेंशन की राशि में से 6.74 लाख रुपए काट लिए। जिसे याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

चीनी की जमाखोरी करने वालों को भेजा जाएगा जेल

    उत्तर प्रदेश के खाद्य विभाग के अपर आयुक्त रविशंकर मिश्र की ओर से जारी आदेश के अनुसार चीनी की जमाखोरी करने वालों को जेल जाना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने चीनी के डीलरों को स्टाॅक रखने की सीमा में संशोधन करते हुए इसे 1000 क्विंटल कर दिया है। यह संशोधित सीमा 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक के लिए लागू की गई है।

   आदेश में यह भी कहा गया है कि किसी भी समय और किसी भी स्थान पर चीनी का कोई भी डीलर ऐसे स्टॉक की प्राप्ति की तारीख 15 से अधिक अवधि के लिए चीनी स्टॉक का भंडारण नहीं करेगा।

   उत्तर प्रदेश के गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर जिलों में चीनी मिलों से चीनी निकासी, बाजार में उपलब्धता, उसके एक्समिल खुदरा एवं थोक मूल्यों की सतत निगरानी करने का अनुरोध किया है। इसके लिए विशेष विभागीय टीमों का गठन कर भौतिक सत्यापन और प्रवर्तन की कार्रवाई सख्ती से सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

महत्वपूर्ण समाचार-सार


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अपने पैतृक गांव का विकास करा सकते हैं प्रवासी भारतीय

  आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। विदेश और देश के अन्य राज्यों में निवास कर रहे नागरिकों के लिए अब उनके पैतृक गांव की प्रगति में योगदान देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मातृभूमि योजना शुरू की गई है। इसके लिए सरकार ने पोर्टल शुरू कर दिया है।

  योजना के तहत यदि कोई प्रवासी भारतीय अपने गांव में स्कूल, हॉस्पिटल, पुस्तकालय, खेल के मैदान, डिजिटल क्लासरूम, सोलर लाइट या सामुदायिक भवन जैसे विकास कार्य कराना चाहता है तो उसे परियोजना की कुल लागत का 60 प्रतिशत हिस्सा दान के रूप में देना होगा। शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी। निर्माण कार्य पूरा होने पर उस भवन या विकास कार्य पर दानदाता या उनके पूर्वजों के नाम का शिलापट्ट लगाया जाएगा। इसके साथ ही दानदाताओं को आयकर अधिनियम के तहत कर छूट का लाभ भी मिलेगा।

  आगरा के अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार ने बताया कि आगरा मंडल से जुड़े सभी जिलों आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद एवं मैनपुरी के जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों और डीपीआरओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे हिंदी व अंग्रेजी भाषा के ब्रोशर के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं, जिससे कि अधिक से अधिक लोग योजना से जुड़ सकें।

  आगरा के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मातृभूमि योजना से लोगों को जोड़ने के लिए अधिक से अधिक प्रचार करने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी और डीपीआरओ को दिए गए हैं।

   जिलाधिकारी ने बताया कि इच्छुक दानदाताओं की सुविधा के लिए सरकार द्वारा एक पोर्टल शुरू किया है, जिसके जरिए विदेश में बैठकर भी आसानी से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन में दानदाता को अपनी जानकारी देने के साथ यह भी बताना होगा कि वह किस विकास कार्य के लिए योगदान करना चाहते हैं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

खंदौली में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

   आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बृहस्पतिवार 15 अक्टूबर को खंदौली स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में विधिक एवं पॉक्सो एक्ट जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, किशोरी स्वास्थ्य योजना, छात्रवृत्ति योजना, बाल सुरक्षा योजनाओं आदि की विस्तृत जानकारी बालिकाओं को प्रदान की गई। 

   कार्यक्रम के दौरान प्राधिकरण सचिव पंकज कुमार द्वारा बालिकाओं को पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों, गुड टच एवं बैड टच में अंतर, हेल्पलाइन नंबर 1098 (चाइल्ड लाइन), 112 (आपातकालीन सेवा) तथा 15100 (विधिक सेवा हेल्पलाइन) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में शिकायत करने की प्रक्रिया समझाई गई।

    सचिव द्वारा उपस्थित छात्राओं, शिक्षिकाओं एवं अधिकारियों को यह भी अवगत कराया गया कि उच्च न्यायालय मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ द्वारा "राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0" एक अगस्त, 2026 से 30 सितम्बर, 2026 तक संचालित किया जा रहा है।

     सचिव ने बताया कि मध्यस्थता अभियान के अंतर्गत वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा विवाद, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, बंटवारा, बेदखली, भूमि अधिग्रहण एवं अन्य उपयुक्त सिविल मामलों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से निःशुल्क, शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से किया जा रहा है।

   कोई भी पक्षकार अपने लंबित वाद के निस्तारण हेतु संबंधित न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आगरा या संबंधित तहसील में विधिक सेवा समिति से संपर्क कर इस अभियान का लाभ प्राप्त कर सकता है। मध्यस्थता प्रक्रिया असफल होने पर मुकदमे पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। इस संबंध में अधिक जानकारी हेतु टोल फ्री नंबर 1800-419-0234 एवं 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।

  जागरूकता कार्यक्रम में नायब तहसीलदार एत्मादपुर सुश्री दिशा सिंह, विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. प्रीति यादव एवं समस्त शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा भी प्रतिभाग किया गया। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

15 अक्टूबर से मिठाइयों पर लिखनी होगी उपयोग की अंतिम तारीख

 उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार, 15 अक्टूबर 2026 से मिठाइयों पर उपयोग की अंतिम तिथि लिखना अनिवार्य होगा। यह नियम पैक्ड मिठाइयों के साथ बिक्री के लिए प्रदर्शित और भंडारित खुली मिठाइयों पर भी लागू होगा।

    खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, लखनऊ की आयुक्त डॉक्टर रोशन जैकब ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को मिठाइयों की ताजगी और गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी देना है। इससे ग्राहक मिठाई खरीदते समय उसकी उपयोग की अंतिम तिथि जान सकेंगे। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

हिंसक हुए कुत्ते और बंदर के काटने के मरीजों की संख्या बढ़ी

   आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। बदलते मौसम व भूख-प्यास के कारण कुत्ते और बंदर के हिंसक होने से वे लोगों पर हमला कर घायल कर रहे हैं। जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने आ रहे मरीजों के मल्टीपल घाव मिल रहे हैं। इनमें बच्चे और बुजुर्गों से की संख्या अधिक है। पिछले दो सप्ताह से जिला अस्पताल में 15 फीसदी तक मरीज बढ़ गए हैं ।

  प्रमुख अधीक्षिका डॉक्टर सुनीता राठौर ने बताया कि जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 550 मरीज एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने आते हैं। इनमें नए मरीजों की संख्या करीब 250 हैं। बाकी के मरीज विभिन्न डोज लगवाने आ रहे हैं।सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्गों की संख्या है। कुत्ते और बंदरों के हिंसक होने से मरीजों के पेट, कमर, छाती, गर्दन और चेहरे पर भी घाव पाए गए हैं। इनको एंटी रैबीज वैक्सीन के साथ सीरम की डोज भी दी जा रही है। हालत गंभीर होने पर दो-तीन मरीजों को भरती भी करने की नौबत आ रही है।

    डॉक्टर राठौर ने बताया कि गलियों, सड़क और चौराहों पर घूमने वाले कुत्ते अधिक हमलावर हैं। इसके अलावा बंदर, बिल्ली, चूहा, सियार, घोड़े व गधे द्वारा भी लोगों को काटा गया है। कुत्ता काटने के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है।बढ़ते मरीजों को देखते हुए एंटी रैबीज वैक्सीन का स्टाॅक भी कर लिया गया है।

     एंटी रेबीज वैक्सीन के नोडल अधिकारी डॉक्टर मोहित बंसल ने बताया कि भूख, प्यास और बदलते मौसम में कुत्ते और बंदर हिंसक हो कर हमला करते है। ऐसे में कई मरीज घाव पर नमक व मिर्च लगाने समेत अन्य घरेलू उपचार करते हैं। यह बेहद खतरनाक है। इससे वायरस खून में तेजी से प्रवाहित होता है, इससे बीमारी और बढ़ सकती है। कुत्ते और बंदर के काटने के 24 घंटे के अंदर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना जरूरी है।

    डॉक्टर बंसल ने बताया कि कुत्ते, बंदर आदि जानवरों के काटने पर उपाय के तौर पर सबसे पहले घाव को पानी की तेज धार से साबुन से 10 से 15 मिनट तक धोना चाहिए। घाव साफ करने के बाद एंटीसेप्टिक क्रीम लगा सकते हैं। इसके बाद तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टर के पास जाकर एंटी रैबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए। घाव पर अपनी मर्जी से लाल मिर्च पाउडर या घर में इस्तेमाल होने वाली क्रीम आदि को नहीं लगाना चाहिए। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

दुश्मन की पनडुब्बियों का काल 'मंगरोल' नौसेना में शामिल

   तटवर्ती और उथले समुद्री क्षेत्र में चलने वाले तीसरे पनडुब्बी रोधी युद्धपोत मंगरोल को सोमवार 12 अक्टूबर 2026 को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। कोच्चि स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा इसे निर्मित किया गया है।

    मंगरोल के निर्माण में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। समुद्र के तट पर कम पानी होने के कारण जहां बड़े युद्धपोत नहीं पहुंच सकते, वहां यह पहुंच सकता है। इसका नाम गुजरात के जूनागढ़ जिले के तटीय शहर और मछली पकड़ने वाले बंदरगाह मंगरोल के नाम पर रखा गया है, जो पूर्ववर्ती आईएनएस श्रेणी के युद्धपोतों की विरासत को आगे बढ़ाता है। 

   मंगरोल अभय हल माउंटेड सोनार, हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी पनडुब्बी रोधी रॉकेट लांचर और मारीच उन्नत टाॅरपीडो डिकाॅय प्रणाली से लैस है। यह उथले और तटीय समुद्री क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, निगरानी करने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन में से वसूली अवैध

 इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने सेवानिवृत्ति के बाद वेतन निर्धारण में कथित गलती के आधार पर पेंशन से 6.74 लाख रुपए की वसूली को अवैध कर दिया है। 

   कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि याची की पेंशन से की गई कटौती की राशि आठ प्रतिशत ब्याज के साथ 8 सप्ताह में वापस करे। साथ ही पेंशन और सेवानिवृत्ति के अन्य सभी लाभ अंतिम आहरित वेतन के आधार पर निर्धारित किए जाएं।

   हाई कोर्ट ने मुरादाबाद के सूरज सिंह की याचिका पर यह आदेश दिया है। याची पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर नियुक्त हुआ था। इसके बाद उसे हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति दी गई। सेवानिवृत्ति के बाद विभाग ने वेतन निर्धारण में गलती बता कर उसकी पेंशन की राशि में से 6.74 लाख रुपए काट लिए। जिसे याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

रविवार, 11 अक्टूबर 2026

इलाहाबाद हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश-सार


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प्रधान डाकघर में 22 अक्टूबर को लगेगी डाक अदालत

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। डाक सेवाओं से जुड़ी जन शिकायतों को दूर करने के लिए प्रतापपुरा स्थित प्रधान डाकघर में बृहस्पतिवार 22 अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजे से डाक अदालत का आयोजन किया जाएगा।

   सहायक निदेशक डाक एसके शुक्ला ने बताया कि पोस्टमास्टर जनरल आगरा के कार्यालय में डाक अदालत लगेगी। इसमें ऐसे मामले भी सुने जाएंगे जो प्रवर अधीक्षक डाक आगरा, अलीगढ़, मथुरा और झांसी के सामने पेश किए गए हों , लेकिन अभी तक उनका निस्तारण न हुआ हो।

    उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों की जानकारी 14 अक्टूबर सुबह 11 बजे तक सहायक निदेशक डाक सेवाएं (जन परिवाद), पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय, आगरा को अथवा pg.agra@indiapost.gov.in पर भेज सकते हैं। परिवादी डाक अदालत में व्यक्तिगत रूप से भी उपस्थित हो सकते हैं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

12 अक्टूबर को लगेगी डाक प्रदर्शनी

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। डाक विभाग द्वारा शुक्रवार नौ अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष की थीम 'एक डाक नेटवर्क, अनंत संभावनाएं' रखी गई है। आयोजन का उद्देश्य डाक सेवाओं को जन-जन तक पहुंचना है।


    प्रवर अधीक्षक डाक आगरा मंडल अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस के अवसर पर प्रधान डाकघर में आयोजनों की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

   उन्होंने बताया कि डाक सप्ताह के दौरान प्रत्येक दिन अलग-अलग थीम पर कार्यक्रम होंगे। डाक टिकट संग्रह के साथ आनंद दिवस 12 अक्टूबर को मनाया जाएगा और डाक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मंडल के सभी प्रमुख डाकघरों में सप्ताह भर विशेष गतिविधियों का आयोजन होगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

घर के पास मुफ्त इलाज उपलब्ध कराएगी सरकार

 केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि गांव और छोटे शहरों में भी मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जा रही है। लोगों को उनके आसपास ही इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अस्पतालों के साथ अधिक से अधिक निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा जाएगा।

  उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का कुल बजट 9.12 लाख करोड रुपए है। इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 55 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह कुल बजट का करीब छह प्रतिशत है। अस्पतालों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों की पहुंच में लाना सरकार का लक्ष्य है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 26 करोड़ आबादी तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए आयुष्मान भारत योजना का विस्तार गांवों और छोटे शहरों तक करने पर जोर दिया जा रहा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के तीन महत्वपूर्ण आदेश-सार

 ## इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने कहा कि चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भर्ती नियमों में हुए बदलाव को पिछली तारीख से लागू कर अभ्यर्थी को नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने प्रयागराज की याची ज्ञान लता पाल की याचिका को स्वीकार करते हुए डिप्टी जेलर के पद पर हुई उनकी नियुक्ति को कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से नियमित मानने और सभी परिणामी लाभ देने का आदेश दिया है।

## इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की एकल पीठ ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी आस्था और विश्वास का पालन करने की आजादी है। इसलिए किसी भी कर्मचारी को ऐसे निर्देश नहीं दिए जा सकते, जिससे उसकी धार्मिक या व्यक्तिगत भावनाएं आहत हों। पीठ ने यह आदेश आगरा के विक्रम सिंह उर्फ विश्व विक्रम सिंह की याचिका पर दिया है।

## इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अरुण कुमार की एकल पीठ ने कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद व्यक्ति को जनजातीय रीति-रिवाज और सामाजिक जीवन से निरंतर जुड़ाव बनाए रखना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर उसे अनुसूचित जनजाति दर्जे का लाभ पाने का अधिकार नहीं रह सकता। हाईकोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ रजिया उर्फ और दुलारिया की याचिका को निरस्त कर दिया। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

ग्रेटर आगरा बार एसोसिएशन का चुनाव नवंबर में

  आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। ग्रेटर आगरा बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी के गठन के लिए नवंबर में चुनाव कराया जाएगा। यह निर्णय शुक्रवार 9 अक्टूबर को दीवानी न्यायालय परिसर स्थित एसोसिएशन के कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया है। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश पाठक एडवोकेट द्वारा की गई।

     एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन शिवराज सिंह चाहर एडवोकेट द्वारा एसोसिएशन के चुनाव नवंबर में कराए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। चुनाव प्रक्रिया से पहले नई एल्डर्स कमेटी के गठन पर भी सर्वसम्मति से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी चुनाव में केवल उन्हीं सदस्यों को मतदाता के रूप में भाग लेने का अधिकार होगा, जिन्होंने अपना पुनः सत्यापन फॉर्म जमा कराकर नया सदस्यता कार्ड बनवा लिया है। जिन पूर्व सदस्यों द्वारा अभी तक पुनः सत्यापन फॉर्म जमा नहीं किया गया है, उन्हें मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।

   बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री पाठक ने कहा कि सदस्यों को अपनी सदस्यता का सत्यापन करा कर नया परिचय पत्र बनवाने के संबंध में अनेकों बार सूचनाएं दी जा चुकी हैं। दीवानी परिसर में सूचना चस्पा करने के साथ-साथ समाचार पत्रों में भी विज्ञापन प्रकाशित कराकर सदस्यों को अवगत कराया गया है। इसके बावजूद जिन सदस्यों ने अभी तक अपना पुनः सत्यापन नहीं कराया है, वे शीघ्र आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर लें, अन्यथा वे आगामी चुनाव की मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सकेंगे।

   बैठक में वरिष्ठ सदस्य कोमल सिंह वर्मा, एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन शिवराज सिंह चाहर, गिरीश पाठक, संयुक्त सचिव अमित पाराशर, उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र गौतम, कोषाध्यक्ष राशिद सलीम शम्सी, सचिव अर्जुन सिंह, कार्यकारिणी सदस्य आकाश चौहान, नरेश पाराशर, ठाकुर उपेंद्र चौहान सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

एफआईआरदर्ज करने से लेकर आरोप पत्र तैयार करने तक संवेदनशील भाषा का इस्तेमाल करने के निर्देश

 उत्तर प्रदेश के महानिदेशक पुलिस राजीव कृष्ण ने यौन अपराध के मामलों में अब प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने से लेकर आरोप पत्र तैयार करने तक सभी संबंधित अभिलेखों में संवेदनशील भाषा का इस्तेमाल करने के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए हैं।

    निर्देशों में एफआईआर, केस डायरी, विवेचना संबंधी दस्तावेज, पुलिस रिपोर्ट और आरोप पत्र में संवेदनशील, सम्मानजनक और गैर भेदभावपूर्ण भाषा के इस्तेमाल पर विशेष बल दिया गया है। निर्देशों में कहा गया है कि एफआईआर में घटना से जुड़ी जरूरी सूचना, बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य, फॉरेंसिक सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए।पीड़िता के चरित्र, पहनावे, वैवाहिक स्थिति, पूर्व यौन इतिहास या व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी अनावश्यक जानकारी दर्ज न की जाए।

    महानिदेशक पुलिस के निर्देशानुसार पीड़िता को दोषी ठहराने वाली भाषा शैली बचना होगा। शिकायत दर्ज कराने में हुई देरी को पीड़िता की विश्वसनीयता से नहीं जोड़ा जाएगा। चोट नहीं मिलने, घटना के बाद सामान्य व्यवहार करने या तत्काल शिकायत नहीं करने को भी सहमति का आधार नहीं माना जाएगा। सहमति को स्पष्ट और स्वतंत्र होना जरूरी बताया गया है। केवल विरोध नहीं करने या चुप रहने को सहमति नहीं माना जाएगा।

    निर्देशों के अनुसार असहाय, बेबस, बेचारी आदि शब्दों की जगह पीड़िता शब्द का इस्तेमाल किया जाए। वहीं इज्जत लूट ली, लज्जा भंग, मर्यादा भंग, अपनी पवित्रता खो दी, पारिवारिक प्रतिष्ठा दाव पर लगी, वासना का शिकार, शारीरिक संबंध बनाए, बच्ची सहमति से आरोपी के साथ गई थी, पीड़िता ने शोर नहीं मचाया, सेक्स स्लेव जैसे से शब्दों का भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। अठारह वर्ष से कम उम्र के बच्चों से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी रखी जाएगी। साथ ही पीड़ित बच्चे की पहचान को भी गोपनीय रखना होगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

इलाहाबाद हाईकोर्ट के पांच महत्वपूर्ण आदेश-सार

 @ इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस प्रकाश पाडिया और जस्टिस विवेक सरन की खंडपीठ ने कहा कि सरफेसी एक्ट की धारा 14 के अंतर्गत बंधक संपत्ति का कब्जा लेने की कार्रवाई से पहले कर्जदार को नोटिस देकर सुनवाई का अवसर देना जरूरी नहीं है।

 @ इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप जैन की एकल पीठ ने कहा कि नाबालिक की अभिरक्षा का निर्णय केवल माता-पिता के कानूनी अधिकारों के आधार पर नहीं किया जा सकता। इसमें बच्चों का कल्याण सबसे ऊपर होना चाहिए।

@ इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने कहा कि केवल सरकारी कार्यालय से रिकॉर्ड या पत्रावली न मिलने के आधार पर किसी की नियुक्ति को अमान्य या फर्जी घोषित नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने बिना सुने वेतन रोकने के आदेश को रद्द कर दिया।

@ इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस गरिमा प्रसाद की एकल पीठ में कहा कि वसीयत की वैधता उसके वास्तविक निष्पादन और वसीयतकर्ता की मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर विवाद होने पर उसका अंतिम निर्णय केवल सक्षम सिविल न्यायालय ही कर सकता है। राजस्व अधिकारी को वसीयत की वैधता पर निर्णय लेने का अधिकार नहीं है।  

@ इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस विकास बुधवार की एकल पीठ ने कहा कि किसी अंतरिम आदेश के प्रभावी रहने के दौरान उसका उल्लंघन किए जाने के आरोप में चल रही अवमानना कार्रवाई केवल इस आधार पर समाप्त नहीं हो सकती कि संबंधित मुकदमा बाद में खारिज हो गया। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

महत्वपूर्ण समाचार-सार


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पैरामेडिकल रेडियोलाॅजी में अब एक समान डिप्लोमा कोर्स

उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय सहबद्ध और स्वास्थ्य देख-रेख वृत्ति आयोग द्वारा डिप्लोमा इन मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी के लिए नए पाठ्यक्रम को मंजूरी दे दी गई है। 

   स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आयोग के सचिव उमेश बलौंदा द्वारा 30 सितंबर को यह पाठ्यक्रम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।

  आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो भी संस्थान पैरामेडिकल रेडियोलॉजी में डिप्लोमा कोर्स को पढ़ा रहे हैं या पढ़ाना चाहते हैं, वे इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्वेच्छा से लागू कर सकते हैं। किंतु शैक्षणिक सत्र 2027-28 से नए कोर्स को अपनाना अनिवार्य होगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026

अतिक्रमण मुक्त फुटपाथ जरूरी : सुप्रीम कोर्ट

 सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने देश भर में पैदल चलने वालों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह देश में पांच शहरों की पहचान करे, जहां हर सड़क के साथ अतिक्रमण मुक्त और स्पष्ट रूप से चिह्नित फुटपाथ बनाने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सके।

   सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि निर्देशों को जमीन पर लागू करने के लिए कौन सा केंद्रीय प्राधिकरण जिम्मेदार होगा। पीठ ने केंद्र की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से कहा कि इस काम के लिए निर्धारित की जाने वाली अथॉरिटी के पास पर्याप्त बजट, कर्मचारी और जरूरी बुनियादी ढांचा होना अनिवार्य है, ताकि फुटपाथ निर्माण का काम बिना रुकावट पूरा हो सके। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

 

सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन से कटौती अवैध

   इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने सेवानिवृत्ति के बाद वेतन निर्धारण में कथित गलती के आधार पर पेंशन से 6.74...