उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के तहत तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। पहले सुबह गणना की प्रक्रिया की जाएगी और फिर प्रगणक कर्मचारी मौके पर जाकर प्रक्रिया पूरी करेंगे। वहीं जो भारतीय लंबे समय से विदेश में रह रहे हैं, उनकी गणना नहीं की जाएगी। यह जानकारी बृहस्पतिवार 22 अक्टूबर को लखनऊ में जनगणना निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि किसी के पास पक्का मकान नहीं है और वह अस्थायी झोपड़ी में रह रहा है, तब भी उसे जनगणना से बाहर नहीं रखा जाएगा। वहीं फुटपाथ, फ्लाईओवर के नीचे, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर सोने वाले लोगों की भी जनगणना होगी। पांच जनवरी को जनगणना के आंकड़े जारी होंगे। उसके ठीक एक दिन पहले 4 जनवरी को विशेष अभियान चलेगा। इस दिन शाम 5 बजे से रात 10 बजे के बीच ऐसे लोगों की गिनती की जाएगी जो फुटपाथ आदि पर रहते हुए पाए जाएंगे। ताकि एक भी व्यक्ति गणना से ना छूटे।
जनगणना निदेशक ने बताया कि अभियान के लिए 5.62 लाख से अधिक कार्मिक लगाए जाएंगे। जो लोग विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं या नौकरी में हैं ,उनको गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। उनके परिजन गांव या शहर जहां भी निवास कर रहे होंगे, उनकी गणना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में मकान की गणना की गई थी। अब दूसरे चरण में प्रत्येक नागरिक की गणना होगी। स्वगणना की प्रक्रिया 16 से 30 नवंबर तक चलेगी। एक दिसंबर से 4 जनवरी के बीच प्रगणक घर-घर जाएंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आबादी की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। किसी को कोई दिक्कत आती है या कोई जानकारी चाहिए तो है टोल फ्री नंबर 1855 पर संपर्क कर सकता है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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