बुधवार, 26 फ़रवरी 2025

एसएन मेडिकल कॉलेज में कैंसर यूनिट शुरू

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में कैंसर यूनिट की शुरुआत हो गई है। इसमें तीस करोड़ रुपये की लीनियर एक्सीलरेटर मशीन लगाई गई है। इस मशीन से दिमाग, फेफड़े समेत शरीर के किसी भी हिस्से में कैंसर होने पर बेहद रियायती दर पर मरीजों को रेडियोथेरेपी की सुविधा मिलेगी। 

    प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि लीनियर एक्सीलरेटर मशीन एडवांस मशीन है। इससे कैंसर के जख्म की सटीक सिकाई होगी। इस मशीन से निकलने वाले खतरनाक रेडिएशन को रोकने के लिए साढ़े तीन मीटर चौड़ी कंक्रीट की दीवारों से बंकर बनाया गया है। इस यूनिट के शुरू होने से आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, इटावा, हाथरस, अलीगढ़, धौलपुर, भरतपुर समेत अन्य जिलों के कैंसर मरीजों को लाभ मिलेगा। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

तनाव और खराब फिटनेस से बढ़ रहे हैं हृदय रोगी

 लोगों में तनाव, सप्ताह में चार-पांच बार बाहर का खाना, नींद नहीं आना और खराब फिटनेस जैसे कारणों से हृदय रोगियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। यही नहीं ये समस्या अब युवाओं में भी देखने को मिल रही है। 

    आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर सौरभ नागर ने बताया कि कॉलेज की हृदय रोग विभाग की ओपीडी में आने वाले रोगियों में पचास फीसद युवा हैं। कैथ लैब में एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी करवाने वाले हर तीसरे रोगी की उम्र भी तीस साल से कम है। इसकी बड़ी वजह देर रात तक जागना, कंप्यूटर व मोबाइल चलाना, नौकरी, कैरियर का तनाव, धूम्रपान, एल्कोहल का अधिक सेवन, अनियमित खानपान है। 

    डॉक्टर सौरभ ने बताया कि अगर कोई सप्ताह में चार-पांच बार बाहर का भोजन करता है तो ऐसे लोगों में हार्ट अटैक का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। इसका कारण है बाहर का भोजन का बार बार तेल को गर्म करके पकाना जिसके चलते ये तेल जहर के समान हो जाता है। इस तेल में पकी सामग्री के इस्तेमाल से हृदय की नसें संकुचित होने लगती हैं। 

    पूर्व चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर युवराज सिंह ने बताया कि हृदय रोग से बचने के लिए धूम्रपान व मद्यपान से बचें। अगर पास में कोई धूम्रपान कर रहा है तो मास्क लगा लें। बाजार के भोजन और फास्ट फूड की लत नहीं लगाएं बल्कि घर में बना ताजा व शुद्ध पौष्टिक भोजन लें। मोटा अनाज, दाल, हरी सब्जी, सलाद, फल ज्यादा से ज्यादा खाएं। रात में आठ बजे से पहले भोजन कर लें और सात-आठ घंटे की नींद लें। डॉक्टर की सलाह से नियमित व्यायाम, योग, प्राणायाम करें। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सोमवार, 24 फ़रवरी 2025

साइबर क्राइम सेल में ऑनलाइन सुनवाई

आगरा में साइबर क्राइम सेल में ऑनलाइन जनसुनवाई की व्यवस्था की गई है। इसमें एक पुलिसकर्मी को ऑनलाइन जनसुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है। डीसीपी पश्चिम जोन सोनम कुमार ने बताया कि जनपद के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क बनी हैं। 

   डीसीपी ने बताया कि इन डेस्क पर एक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। किसी तरह की साइबर क्राइम की शिकायत मिलने पर थाने के पुलिसकर्मी गूगल मीट के माध्यम से साइबर सेल के प्रभारी से पीड़ित व्यक्ति की बात कराएंगे। इससे साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल कार्रवाई हो सकेगी।- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 



दस साल बाद कराना होगा टैक्स छूट का पंजीकरण

 पांच करोड़ रुपये से कम आय वाले छोटे ट्रस्ट, संस्थाओं को आयकर की छूट पाने के लिए अब पांच साल की जगह दस साल में पंजीकरण कराना होगा। वहीं पांच करोड़ रुपये से अधिक आय होने पर पंजीकरण पांच साल में ही कराना होगा। 

    आयकर विभाग आगरा की आयकर आयुक्त (छूट) सीता श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार द्वारा पांच करोड़ रुपये से कम आय वाले रजिस्टर्ड ट्रस्ट और संस्थाओं को आयकर छूट पाने के लिए अब दस साल में पंजीकरण कराना होगा। पहले यह अवधि पांच साल थी।- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 


31 मार्च तक नवीनीकरण करा सकते हैं रजिस्टर्ड श्रमिक

 उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने श्रमिकों के पंजीकरण का नवीनीकरण कराने के लिए समय सीमा में 31 मार्च तक की वृद्धि कर दी है। 

   आगरा के सहायक श्रमायुक्त संजय कुमार ने बताया कि निर्माण श्रमिकों को पोर्टल पर नवीनीकरण कराने और बोर्ड की योजनाओं का लाभ लेने के लिए नौ फरवरी तक आवेदन करना था। अब यह समय सीमा 31 मार्च तक कर दी गई है। रजिस्टर्ड श्रमिक नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 


शिकायतकर्ता को कॉल से खुलेगी फर्जी निस्तारण की पोल

उत्तर प्रदेश शासन के नए निर्देशों के बाद जनसुनवाई की रैंकिंग का तरीका बदल गया है। अब जनसुनवाई के निस्तारण की रिपोर्ट के बाद शिकायतकर्ता से कॉल द्वारा संपर्क किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे जन शिकायतों के फर्जी निस्तारण की पोल खुल सकेगी। 

     आगरा के अपर जिलाधिकारी प्रोटोकॉल एवं नोडल अधिकारी जन सुनवाई प्रशांत तिवारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा रैंकिंग के तरीके को बदल दिया गया है। अब शिकायतकर्ता को कॉल करना अनिवार्य कर दिया गया है। शिकायत के निस्तारण के बाद फीडबैक में अगर शिकायतकर्ता को कॉल करने पर उसके द्वारा यह कहा जाता है कि किसी ने संपर्क नहीं किया तो उस जिले की रैंकिंग खराब होगी। 
  उन्होंने बताया कि इसके अलावा निगेटिव फीडबैक वाली शिकायतों में भी अब अधिकारियों की मनमानी नहीं चलेगी। स्पेशल क्लॉज की आड़ में अधिकारी जिन शिकायतों का निस्तारण कर दिया करते थे, उन्हें भी अब निगेटिव फीडबैक में गिना जाएगा। विभागाध्यक्षों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी सुनिश्चित की गई है। रैंकिंग के तरीके में हुए बदलाव से शिकायतों के फर्जी निस्तारण के मामलों में भी कमी आएगी।
    अपर जिलाधिकारी प्रोटोकॉल ने बताया कि नई रैंकिंग व्यवस्था में जिस विभाग से संबंधित शिकायत है, उसके विभागाध्यक्ष को शिकायतकर्ता से कॉल पर अनिवार्य रूप से संपर्क करना होगा। यदि कॉल से संपर्क नहीं किया गया और शिकायतकर्ता द्वारा फीडबैक में कॉल न करने की बात कही गई तो माना जाएगा कि शिकायत का फर्जी निस्तारण हुआ है। ऐसे में फीडबैक को निगेटिव मानते हुए अंक कटेंगे। 
   याद रहे कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा सभी विभागों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई और समाधान के लिए आईजीआरएस पोर्टल बनाया गया था। जिसे प्रदेश में गुड गवर्नेंस का आधार माना जा रहा था। शासन स्तर पर फीडबैक लिए जाने के दौरान बहुत सी शिकायतों का फर्जी निस्तारण होने की पोल खुलने के कारण जिलाधिकारी की रैंकिंग पर निगेटिव असर पड़ता है और मुख्यमंत्री कार्यालय से भी जवाब तलब होता है। आगरा के जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी द्वारा नियमित जन सुनवाई की समीक्षा की जा रही है। जन शिकायतों के फर्जी निस्तारण के मामले में अधिकारियों का वेतन रोकने और नोटिस जारी करने की कार्रवाई भी की जा रही है।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

तनाव और खराब फिटनेस से बढ़ रहे हैं हृदय रोगी

आजकल के समय में लोगों में तनाव, सप्ताह में चार-पांच बार बाहर का खाना, नींद नहीं आना और खराब फिटनेस जैसे कारणों से हृदय रोगियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। यही नहीं ये समस्या अब युवाओं में भी देखने को मिल रही है। 

    एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर सौरभ नागर ने बताया कि कॉलेज की हृदय रोग विभाग की ओपीडी में आने वाले रोगियों में पचास फीसद युवा हैं। कैथ लैब में एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी करवाने वाले हर तीसरे रोगी की उम्र भी तीस साल से कम है। इसकी बड़ी वजह देर रात तक जागना, कंप्यूटर व मोबाइल चलाना, नौकरी, कैरियर का तनाव, धूम्रपान, एल्कोहल का अधिक सेवन, अनियमित खानपान है। 
    डॉक्टर सौरभ ने बताया कि अगर कोई सप्ताह में चार-पांच बार बाहर का भोजन करता है तो ऐसे लोगों में हार्ट अटैक का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। इसका कारण है बाहर का भोजन का बार बार तेल को गर्म करके पकाना जिसके चलते ये तेल जहर के समान हो जाता है। इस तेल में पकी सामग्री के इस्तेमाल से हृदय की नसें संकुचित होने लगती हैं। 
    पूर्व चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर युवराज सिंह ने बताया कि हृदय रोग से बचने के लिए धूम्रपान व मद्यपान से बचें। अगर पास में कोई धूम्रपान कर रहा है तो मास्क लगा लें। बाजार के भोजन और फास्ट फूड की लत नहीं लगाएं बल्कि घर में बना ताजा व शुद्ध पौष्टिक भोजन लें। मोटा अनाज, दाल, हरी सब्जी, सलाद, फल ज्यादा से ज्यादा खाएं। रात में आठ बजे से पहले भोजन कर लें और सात-आठ घंटे की नींद लें। डॉक्टर की सलाह से नियमित व्यायाम, योग, प्राणायाम करें। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

शनिवार, 22 फ़रवरी 2025

कुत्तों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के लिए रिफ्लेक्टर कॉलर

सड़कों पर रहने वाले कुत्तों को दुर्घटनाओं में जान जाने से बचाने के लिए नगर निगम आगरा द्वारा उनके गले में रिफ्लेक्टर कॉलर लगाने के लिए अभियान शुरू किया गया है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने इसके लिए निर्देश दिए हैं। अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के भी निर्देश दिए गए हैं। 

    नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉक्टर अजय कुमार सिंह ने बताया कि वाहन चालकों और घुमंतु कुत्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगम ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शहर भर में इन कुत्तों के गले में रिफ्लेक्टर नेक कॉलर पहनाने का अभियान शुरू किया है। इस कॉलर को पहनने के बाद घुमंतु कुत्ते रात के अंधेरे में दूर से ही वाहन चालकों को नजर आ सकेंगे। 
    पशु कल्याण अधिकारी ने बताया कि निगम का उद्देश्य अधिक से अधिक कुत्तों को सड़क दुर्घटनाओं में मरने से बचाना है। अभियान को असली जामा पहनाने के लिए नगर निगम कर्मचारियों की टीमें बनाई गई हैं, जो शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर घुमंतु कुत्तों को सुरक्षित पकड़ कर उन्हें रिफ्लेक्टर नेक कॉलर पहनाने के बाद वापस छोड़ रही हैं। इस अभियान के तहत अब तक सैकड़ों कुत्तों को सुरक्षित किया जा चुका है। इस अभियान को और भी बड़े स्तर पर चलाने की योजना बनाई जा रही है।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

एसएन मेडिकल कॉलेज में होगा किडनी ट्रांसप्लांट

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में अब किडनी ट्रांसप्लांट भी किया जाएगा। जल्द ही यह सुविधा शुरू हो जाएगी। इससे आसपास के जिलों के मरीजों को दिल्ली और निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। 

   उत्तर प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक किंजल सिंह ने गत दिवस एसएन मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी विंग में पांच मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर का शुभारंभ करने के दौरान यह जानकारी दी। महानिदेशक ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज के ऑपरेशन थियेटर में दिमाग, मूत्र मार्ग और पेट की सर्जरी भी की जाएगी, जिसके लिए मात्र एक से पांच हजार रुपये ही देने होंगे। 
   इस दौरान डॉक्टर पीके माहेश्वरी, अधीक्षक डॉक्टर ब्रजेश शर्मा, मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर टीपी सिंह, रेडियो डायग्नोस्टिक विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर हरि सिंह, आईसीयू प्रभारी डॉक्टर अतिहर्ष मोहन, डॉक्टर सुशील सिंघल, डॉक्टर बसंत गुप्ता आदि मौजूद रहे।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

महिला थाने का नाम अब वुमेन सेफ्टी सेल

 आगरा कमिश्नरेट में महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न के मामलों में सुनवाई के लिए नई व्यवस्था की गई है। महिला थाने का नाम बदल कर वुमेन सेफ्टी सेल करने की योजना है। सेल में विक्टिम सपोर्ट टीम होगी जो मुकदमा लिखने, मेडिकल कराने, बयान दर्ज कराने और कोर्ट में पैरवी करने में मदद करेगी। टीम में पुलिस के साथ सिविल सोसाइटी के लोग भी रहेंगे। 

    एसपी क्राइम अगेंस्ट वुमेन डॉक्टर सुकन्या शर्मा ने बताया कि प्रदेश में पहली बार महिला थाने का नाम बदला जा रहा है। महिला थाने में वुमेन सेफ्टी सेल का संचालन किया जाएगा। सेल में आगंतुक कक्ष और विक्टिम सपोर्ट टीम के कक्ष होंगे। टीम में एक एएसआई, एक हेड कांस्टेबल, एक सिपाही और दो सिविल सोसाइटी के सदस्य होंगे। मनोवैज्ञानिक, विधि की छात्राएं भी टीम में शामिल होंगी।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

एसएन मेडिकल कॉलेज में बना एंटी बैक्टीरियल वार्ड

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में हेपा फिल्टर तकनीक से एंटी बैक्टीरियल वार्ड तैयार किया गया है। इस वार्ड में ही टीबी के मरीजों का इलाज किया जाएगा। इससे संक्रमण नहीं फैलेगा और मरीज भी जल्द ठीक होंगे। 

     एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर जीवी सिंह ने बताया कि नई सर्जरी इमारत में पचपन बेड के एंटी बैक्टीरियल वायरस वार्ड बनाया गया है। दस बेड अति गंभीर मरीजों के लिए हैं। वार्ड में पहली बार एमडीआर मरीजों को भी भर्ती किया जाएगा। इनके लिए पांच बेड का अलग से आईसीयू बनाया गया है। 
    डॉक्टर सिंह ने बताया कि वार्ड हेपा फिल्टर तकनीक से लैस है। इसमें बैक्टीरिया के साथ साथ .5 माइक्रोन का वायरस भी प्रवेश नहीं कर सकता। इस तकनीक से हर दो मिनट में हवा शुद्ध होगी। इसके लिए वार्ड आईसीयू, चिकित्सक और प्रशासनिक कक्ष में एयर हैंडलिंग यूनिटें भी लगाई गई है। इससे मरीजों, तीमारदारों और चिकित्सकीय स्टाफ का बचाव होगा।- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

गुरुवार, 13 फ़रवरी 2025

महिलाओं में बढ़ता मोटापा दे रहा है बांझपन का खतरा

    कम उम्र में युवतियों और महिलाओं में बढ़ता मोटापा बांझपन का खतरा पैदा कर रहा है। इस वजह से महिलाओं में हार्मोंस की गड़बड़ी होने से गर्भधारण करने में समस्याएं आ रही हैं। यहां तक कि 30-35 वर्ष की उम्र में बांझपन की दर बढ़ने के कारण मां बनने में दिक्कत आ रही है।

   एसएन मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है। अध्ययन के मुताबिक अत्यधिक मोटापे से प्रभावित तीन फीसदी महिलाओं में बांझपन का खतरा है। स्त्री रोग विभाग की वरिष्ठ डॉक्टर रुचिका गर्ग ने बताया कि ओपीडी में 20-30 साल की करीब 450 विवाहित महिलाओं पर अध्ययन किया गया। इनमें से 70 फीसदी महिलाएं मोटापे की शिकार थीं। इनकी कमर की नाप नाभी से नीचे 80 सेंटीमीटर से ज्यादा थी। इनमें से 22 फीसद को गर्भ धारण करने और गर्भ ठहरने में दिक्कत आ रही थी। 
    एसएन मेडिकल कॉलेज में स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉक्टर रिचा सिंह ने बताया कि मोटापे के कारण लेप्टिन हार्मोंस प्रभावित होता है। इससे महिलाओं में अंडाणु के उत्पादन के साथ ही प्रजनन क्षमता कम होने लगती है। मोटापे के कारण गर्भपात और गर्भ में पल रहे शिशु के अविकसित होने का खतरा भी दोगुना होता है। इसके अलावा महिलाओं में मोटापा अनियमित मासिक धर्म, खर्राटे और स्लीप एपनिया, डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर, पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज (पीओसीडी) और मीनोपॉज के दौरान कई समस्या का भी कारण बना हुआ है। 
   डॉक्टर रिचा सिंह ने बताया कि फास्ट फूड, डिब्बा बंद भोजन, घरेलू कार्य व व्यायाम न करने की वजह से महिलाओं में मोटापे की समस्या बढ़ रही है। दरअसल फास्ट फूड में मिलने वाले रासायनिक तत्वों के कारण एस्ट्रोजन हार्मोंस और टेस्टोस्टेरोन हार्मोंस में बदलाव की संभावना रहती है। इसका असर प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। इसके अलावा महिलाओं में हल्की दाढ़ी व मूंछ का उभरना भी इन्हीं हार्मोंस के बदलाव का नतीजा है। 

   डॉक्टर रुचिका गर्ग ने बताया कि गर्भ धारण क्षमता बनाए रखने के लिए महिलाओं को अपने बढ़ते मोटापे पर अंकुश लगाने की जरूरत है। इसके लिए महिलाओं को नियमित रूप से टहलने, पैदल जाकर बाजार से खरीदारी करने, घर में सफाई कार्य खुद करने, योग, प्राणायाम और व्यायाम करने की आदत डालनी चाहिए। इसके अलावा सभी को फास्ट फूड, डिब्बा बंद भोजन, तला व ज्यादा मिर्च मसालेदार भोजन के सेवन से बचना चाहिए। अगर गर्भ धारण करने में शुरुआती दिक्कत आ रही है तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।--प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

एआई की मदद से लगेगी हॉट स्पॉट पर ड्यूटी

   साइबर क्राइम के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही कर्मचारियों की हॉट स्पॉट पर ड्यूटी लगाने जैसे कार्य में आगरा कमिश्नरेट पुलिस द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद ली जाएगी। इसके लिए डीसीपी पश्चिम जोन के कार्यालय में ई-कॉप सेल बनाई गई है। 

   डीसीपी पश्चिम सोनम कुमार ने बताया कि एआई की मदद से पहले से ही मुकदमे दर्ज करने में धारा का निर्धारण किया जा रहा है। अब महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता और अन्य सामाजिक मुद्दों पर एआई की मदद से एक घंटे से भी कम समय में वीडियो बनाए जा रहे हैं। जबकि पहले इस काम में तीन से चार घंटे का समय खर्च होता था। 

    डीसीपी ने बताया कि जोन के एसीपी को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया है। ई-कॉप सेल भी बनाई गई है। इसमें चार पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। वे कमिश्नरेट पुलिस को ही नहीं बल्कि जोन के सभी जिलों के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित करेंगे। इससे भविष्य में कर्मचारियों की ड्यूटी और उपस्थिति के साथ ही वारदात स्थलों को भी एआई की मदद से आसानी से चिह्नित किया जा सकेगा। इसके अलावा ई-ऑफिस से शिकायती पत्र और विभागीय कागजात भेजने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 
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ड्रोन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करेंगे आईटीआई के छात्र

   राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) खेरागढ़ में नए सत्र से छात्र ड्रोन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए सत्र 2025-26 में छात्रों से आवेदन मांगे जाएंगे। पहले सत्र के लिए 48 सीटें निर्धारित की गई हैं। 

    खेरागढ़ आईटीआई के प्रधानाचार्य अमित कुमार ने बताया कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अभी तक परंपरागत ट्रेडों में ही प्रशिक्षण दिया जा रहा था। अब युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए ड्रोन टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें प्रशिक्षण के दौरान छोटे से लेकर बड़े ड्रोन बनाने और उनकी मरम्मत करना सिखाया जाएगा। ड्रोन की नई तकनीक से युवाओं में रोजगार के अवसर निरंतर बढ़ रहे हैं। 
   प्रधानाचार्य ने बताया कि आईटीआई खेरागढ़ में ड्रोन टेक्नोलॉजी का कोर्स शुरू करने से पहले लैब भी तैयार की जाएगी। प्रशिक्षण के लिए ड्रोन और ड्रोन के विभिन्न पार्ट्स को लैब के लिए मंगाया जाएगा। जिससे कि छात्र प्रैक्टिकल रूप से ड्रोन बनाना और उसकी कार्यशैली को समझ सकेंगे। ड्रोन टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवाओं के पास रोजगार की अपार संभावनाएं होंगी। क्योंकि वर्तमान समय में खेती से लेकर विवाह तक हर आयोजन में ड्रोन का इस्तेमाल चलन में है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

एसएफटी और आईटीआर-यू 31 मार्च तक करें जमा

  स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और इनकम टैक्स रिटर्न-यू को दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है। आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण के आयकर निदेशक राकेश कुमार गुप्ता और संयुक्त निदेशक पीयूष कोठारी के निर्देशन में संजय प्लेस स्थित आयकर भवन में आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। 

    इस कार्यक्रम में आयकर अधिकारी वरुण गोयल ने बताया कि जो व्यक्ति वित्तीय वर्ष 2021-22 या वित्तीय वर्ष 2022-23 का आयकर विवरणी दाखिल नहीं कर सके हैं, वह 31 मार्च तक इसे दाखिल कर सकते हैं। कार्यक्रम में आयकर निरीक्षक संतोष केसरी, शुभम जायसवाल, कार्यालय अधीक्षक राजकुमार सोनी आदि मौजूद रहे। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

साइबर क्राइम होने पर 1930 पर करें कॉल

    आज के समय में साइबर क्राइम करने वाले अपराधी तरह-तरह से  लोगों को अपना शिकार बना कर ओटीपी पूछ रहे हैं। कॉल करके लोगों को ठग रहे हैं। मुकदमे में फंसने की बात कहकर डिजिटल अरेस्ट करते हैं। यहां तक कि नजदीकी रिश्तेदार, दोस्त या परिचित बनकर रकम ट्रांसफर करने की मांग करते हैं। इसलिए अंजान नंबर से आने वाली कॉल्स पर ध्यान नहीं देना चाहिए और साइबर क्राइम का शिकार होने पर हेल्पलाइन नंबर  1930 पर कॉल करना चाहिए। 

     यह कहना है पुलिस कमिश्नरेट आगरा के एसीपी खेरागढ़ इमरान अहमद का। मिढ़ाकुर स्थित जनता इंटर कॉलेज में आयोजित की गई पुलिस की पाठशाला में एसीपी ने बताया कि बिना इजाजत  किसी की निजी जानकारी, फोटो और वीडियो किसी अन्य व्यक्ति से साझा करना अपराध के दायरे में आता है। फिर चाहे ऐसा करने वाला बालिग हो या नाबालिग, दोनों के खिलाफ ही कार्रवाई की जा सकती है। नाबालिगों के मामले में किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। 

     एसीपी खेरागढ़ ने कहा कि विद्यार्थी ऐसा कोई काम नहीं करें जो उनके भविष्य को बरबाद कर दे। बच्चों को अच्छा नागरिक बनना चाहिए। जिससे कि उनको और उनके परिवार को कोई परेशानी नहीं हो। पढ़ाई करते समय अपने लक्ष्य पर ध्यान दें। ख्याल रखें कि जो कर रहे हैं, वह सही हो। गलत काम परेशानी में डाल सकता है। उन्होंने कहा कि जो अनुशासन का पालन करता है, वह कभी असफल नहीं होता। इसलिए घर में अपने माता पिता और स्कूल में शिक्षक की बात अवश्य मानें। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

बुधवार, 5 फ़रवरी 2025

केएमआई में दुर्लभ पांडुलिपियों को देख सकेंगे शहरवासी

आगरा के डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर स्थित कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषाविज्ञान विद्यापीठ (केएमआई) में अभिलेख धरोहर संग्रहालय एवं शोध केंद्र खोल दिया गया है। अब यहां आम लोग दुर्लभ पांडुलिपियों को देखने के लिए आ सकेंगे। 

   केएमआई के निदेशक प्रोफेसर प्रदीप श्रीधर ने बताया कि कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देशन में संग्रहालय का कार्य किया गया है। वहीं विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशु रानी के सहयोग से संग्रहालय में 1,403 दुर्लभ पांडुलिपियों का संरक्षण किया गया है। इनमें भोजपत्र, ताड़ पत्र पर प्राचीन हस्तलेख आदि शामिल हैं। 

   केएमआई के निदेशक ने बताया कि संग्रहालय में ज्योतिष, चिकित्सा, इतिहास-ख्यात, राजनीति, लिपि, भाषाएं, साहित्य एवं भाषा विज्ञान साहित्य, भक्ति साहित्य, चित्रित हस्तलेख, संगीत, धर्म, पेंटिंग, मानचित्र और पाबू जी का चित्रित पट जैसी दुर्लभ पांडुलिपियां उपलब्ध हैं। इन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण का कार्य भी शुरू हो गया है। इसके तहत हर पांडुलिपि पर एक क्यूआर कोड होगा। इससे पांडुलिपि से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

एसएन मेडिकल कॉलेज में हृदय रोगियों को रियायती दर पर सुविधा

 आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में हृदय रोगियों के लिए कैथ लैब का शुभारंभ हो गया है। बीपीएल कार्ड धारक, असाध्य योजना और आयुष्मान कार्ड धारकों को एंजियोप्लास्टी की सुविधा निशुल्क मिलेगी। वहीं अन्य मरीजों को बेहद रियायती दर पर हृदय रोग की सर्जरी और इलाज की सुविधा मिलेगी। 

    एसएन के प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि 200 करोड़ रुपये की लागत से बने सुपर स्पेशियलिटी सेंटर की पांचवीं मंजिल पर कैथ लैब बनी है। इसमें 12 करोड़ रुपये की मशीन लगाई गई है। कैथ लैब में हृदय रोगियों की एंजियोग्राफी मात्र पांच से छह हजार रुपये में होगी। इसके अलावा एक स्टेंट डलवाने पर 80 से 85 हजार रुपये में एंजियोप्लास्टी होगी। इसमें अस्पताल का शुल्क भी शामिल है। प्राइवेट अस्पतालों में एंजियोग्राफी 12 हजार रुपये से अधिक में और एंजियोप्लास्टी 1.50 लाख रुपये से अधिक में होती है। 
    प्राचार्य ने बताया कि आयुष्मान योजना के लाभार्थियों की एंजियोप्लास्टी निशुल्क होगी, एंजियोग्राफी इस योजना में शामिल नहीं है। असाध्य योजना और बीपीएल कार्ड धारकों के लिए भी एंजियोप्लास्टी की सुविधा निशुल्क है। हृदय रोग विभाग के डॉक्टर बसंत गुप्ता ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब शुरू होने से पेसमेकर, बाईपास सर्जरी समेत अन्य की सुविधाएं शुरू हो गई हैं। सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में रोजाना हृदय रोग के मरीजों के लिए ओपीडी चल रही है। 
    डॉक्टर गुप्ता ने बताया कि एंजियोप्लास्टी के बाद इसका फॉलोअप भी मंहगा होता है। एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए 250 रुपये प्रति दिन का चार्ज है। इसके अलावा 50 रुपये का पर्चा बनता है जो 15 दिन तक मान्य होगा। इस तरह से सर्जरी के बाद दवाएं और अस्पताल में भर्ती के खर्च में भी मरीजों को बड़ी सुविधा मिलेगी। भविष्य में हृदय ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रयास जारी है। --प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

आगरा मंडल के पांच रेलवे स्टेशन अब ईट राइट

आगरा रेल मंडल के पांच रेलवे स्टेशनों को ईट राइट का दर्जा मिला है। इनमें आगरा फोर्ट, धौलपुर, कोसीकलां, मथुरा जंक्शन और अछनेरा जंक्शन रेलवे स्टेशन शामिल हैं। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन दो वर्ष पूर्व ही ईट राइट स्टेशन बन चुका है। 

    फूड सेफ्टी एवं स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से आगरा रेल मंडल के पांचों रेलवे स्टेशन के लिए ईट राइट प्रमाण पत्र जारी किया गया है। इसके तहत खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले संस्थानों को निर्धारित मानक पूरे करने पर यह प्रमाण पत्र दिया जाता है।

    आवेदन के आधार पर रेलवे चिकित्सा विभाग की ओर से जांच कराने के बाद थर्ड पार्टी ऑडिट से परीक्षण कराया गया। इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही ईट राइट स्टेशन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। --प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

कुष्ठ रोग के लक्षण नजर आएं तो कराएं स्वास्थ्य केंद्र पर जांच

 मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति में कुष्ठ रोग के लक्षण नजर आ रहे हैं तो देरी किए बिना नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करानी चाहिए। समय पर सही इलाज मिलने पर कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है।

   मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि त्वचा पर दाग-धब्बा, सुन्नपन, उस हिस्से में खुजली नहीं होना और पसीना नहीं आना, कुष्ठ रोग के लक्षण हो सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर घर जाकर कुष्ठ रोग के मरीजों को खोजे जाने का अभियान शुरू कर दिया गया है जो 13 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने बताया कि माइक्रो बैक्टीरियम लेप्री जीवाणु के कारण कुष्ठ रोग होता है। ये न तो जन्मजात होता है और न ही छूने से होता है। 

    जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉक्टर जितेंद्र लवानियां ने बताया कि कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं है। समय पर इलाज कराने से कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है। लोगों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक करने के लिए ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम करने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुष्ठ रोग के मरीजों को चिह्नित भी किया जाएगा। 

   डॉक्टर लवानियां ने बताया कि अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक कुष्ठ के 106 मरीज चिह्नित किए गए थे। इन सभी मरीजों का उपचार शुरू हो गया है। नए कुष्ठ के मरीजों का पता लगाने के लिए ग्राम स्तर पर 13 फरवरी तक अभियान चलाया जाएगा और इस दौरान लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

गांवों के सबसे निर्धन परिवारों को बनाएंगे सशक्त

आगरा जिले के सभी गांवों में निर्धन परिवारों की तलाश करने के बाद 25 सबसे निर्धन परिवारों को सशक्त बनाया जाएगा। ऐसे परिवार जो भूमिहीन हैं, जिनके पास कच्चा मकान है, दिहाड़ी मजदूरी करते हैं या फिर उन्हें खाने पीने की तंगी का सामना करना पड़ता है, निर्धन माने जाएंगे। ऐसे परिवारों को आवास, स्वरोजगार सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने बताया कि जिले में 690 ग्राम पंचायतें हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के आदेश पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में सबसे निर्धन 25 परिवारों को चिह्नित करने के लिए सर्वे किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाना और विकास की मुख्य धारा से जोड़ना है। ऐसे परिवारों को चिह्नित करने के बाद उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ कर गरीबी से बाहर निकाला जाएगा। 

    मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के दूसरे चरण के तहत डोर टू डोर सर्वे भी शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना की शर्तों के बदलाव के बाद नए सिरे से छूटे हुए पात्र लोगों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद पंचायत स्तर पर खुली बैठक होगी। इसमें कच्चे मकान वाले परिवारों को भी शामिल किया जाएगा। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश

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