आगरा जिले के सभी गांवों में निर्धन परिवारों की तलाश करने के बाद 25 सबसे निर्धन परिवारों को सशक्त बनाया जाएगा। ऐसे परिवार जो भूमिहीन हैं, जिनके पास कच्चा मकान है, दिहाड़ी मजदूरी करते हैं या फिर उन्हें खाने पीने की तंगी का सामना करना पड़ता है, निर्धन माने जाएंगे। ऐसे परिवारों को आवास, स्वरोजगार सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने बताया कि जिले में 690 ग्राम पंचायतें हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के आदेश पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में सबसे निर्धन 25 परिवारों को चिह्नित करने के लिए सर्वे किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाना और विकास की मुख्य धारा से जोड़ना है। ऐसे परिवारों को चिह्नित करने के बाद उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ कर गरीबी से बाहर निकाला जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के दूसरे चरण के तहत डोर टू डोर सर्वे भी शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना की शर्तों के बदलाव के बाद नए सिरे से छूटे हुए पात्र लोगों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद पंचायत स्तर पर खुली बैठक होगी। इसमें कच्चे मकान वाले परिवारों को भी शामिल किया जाएगा। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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