गुरुवार, 13 फ़रवरी 2025

महिलाओं में बढ़ता मोटापा दे रहा है बांझपन का खतरा

    कम उम्र में युवतियों और महिलाओं में बढ़ता मोटापा बांझपन का खतरा पैदा कर रहा है। इस वजह से महिलाओं में हार्मोंस की गड़बड़ी होने से गर्भधारण करने में समस्याएं आ रही हैं। यहां तक कि 30-35 वर्ष की उम्र में बांझपन की दर बढ़ने के कारण मां बनने में दिक्कत आ रही है।

   एसएन मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है। अध्ययन के मुताबिक अत्यधिक मोटापे से प्रभावित तीन फीसदी महिलाओं में बांझपन का खतरा है। स्त्री रोग विभाग की वरिष्ठ डॉक्टर रुचिका गर्ग ने बताया कि ओपीडी में 20-30 साल की करीब 450 विवाहित महिलाओं पर अध्ययन किया गया। इनमें से 70 फीसदी महिलाएं मोटापे की शिकार थीं। इनकी कमर की नाप नाभी से नीचे 80 सेंटीमीटर से ज्यादा थी। इनमें से 22 फीसद को गर्भ धारण करने और गर्भ ठहरने में दिक्कत आ रही थी। 
    एसएन मेडिकल कॉलेज में स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉक्टर रिचा सिंह ने बताया कि मोटापे के कारण लेप्टिन हार्मोंस प्रभावित होता है। इससे महिलाओं में अंडाणु के उत्पादन के साथ ही प्रजनन क्षमता कम होने लगती है। मोटापे के कारण गर्भपात और गर्भ में पल रहे शिशु के अविकसित होने का खतरा भी दोगुना होता है। इसके अलावा महिलाओं में मोटापा अनियमित मासिक धर्म, खर्राटे और स्लीप एपनिया, डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर, पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज (पीओसीडी) और मीनोपॉज के दौरान कई समस्या का भी कारण बना हुआ है। 
   डॉक्टर रिचा सिंह ने बताया कि फास्ट फूड, डिब्बा बंद भोजन, घरेलू कार्य व व्यायाम न करने की वजह से महिलाओं में मोटापे की समस्या बढ़ रही है। दरअसल फास्ट फूड में मिलने वाले रासायनिक तत्वों के कारण एस्ट्रोजन हार्मोंस और टेस्टोस्टेरोन हार्मोंस में बदलाव की संभावना रहती है। इसका असर प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। इसके अलावा महिलाओं में हल्की दाढ़ी व मूंछ का उभरना भी इन्हीं हार्मोंस के बदलाव का नतीजा है। 

   डॉक्टर रुचिका गर्ग ने बताया कि गर्भ धारण क्षमता बनाए रखने के लिए महिलाओं को अपने बढ़ते मोटापे पर अंकुश लगाने की जरूरत है। इसके लिए महिलाओं को नियमित रूप से टहलने, पैदल जाकर बाजार से खरीदारी करने, घर में सफाई कार्य खुद करने, योग, प्राणायाम और व्यायाम करने की आदत डालनी चाहिए। इसके अलावा सभी को फास्ट फूड, डिब्बा बंद भोजन, तला व ज्यादा मिर्च मसालेदार भोजन के सेवन से बचना चाहिए। अगर गर्भ धारण करने में शुरुआती दिक्कत आ रही है तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।--प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश

 Please Subscribe, Share & Like Our YouTube Channel 'Newsline Nation'::Pramod Kumar Agrawal