मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति में कुष्ठ रोग के लक्षण नजर आ रहे हैं तो देरी किए बिना नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करानी चाहिए। समय पर सही इलाज मिलने पर कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि त्वचा पर दाग-धब्बा, सुन्नपन, उस हिस्से में खुजली नहीं होना और पसीना नहीं आना, कुष्ठ रोग के लक्षण हो सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर घर जाकर कुष्ठ रोग के मरीजों को खोजे जाने का अभियान शुरू कर दिया गया है जो 13 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने बताया कि माइक्रो बैक्टीरियम लेप्री जीवाणु के कारण कुष्ठ रोग होता है। ये न तो जन्मजात होता है और न ही छूने से होता है।
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉक्टर जितेंद्र लवानियां ने बताया कि कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं है। समय पर इलाज कराने से कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है। लोगों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक करने के लिए ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम करने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुष्ठ रोग के मरीजों को चिह्नित भी किया जाएगा।
डॉक्टर लवानियां ने बताया कि अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक कुष्ठ के 106 मरीज चिह्नित किए गए थे। इन सभी मरीजों का उपचार शुरू हो गया है। नए कुष्ठ के मरीजों का पता लगाने के लिए ग्राम स्तर पर 13 फरवरी तक अभियान चलाया जाएगा और इस दौरान लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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