आगरा के डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर स्थित कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषाविज्ञान विद्यापीठ (केएमआई) में अभिलेख धरोहर संग्रहालय एवं शोध केंद्र खोल दिया गया है। अब यहां आम लोग दुर्लभ पांडुलिपियों को देखने के लिए आ सकेंगे।
केएमआई के निदेशक प्रोफेसर प्रदीप श्रीधर ने बताया कि कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देशन में संग्रहालय का कार्य किया गया है। वहीं विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशु रानी के सहयोग से संग्रहालय में 1,403 दुर्लभ पांडुलिपियों का संरक्षण किया गया है। इनमें भोजपत्र, ताड़ पत्र पर प्राचीन हस्तलेख आदि शामिल हैं।
केएमआई के निदेशक ने बताया कि संग्रहालय में ज्योतिष, चिकित्सा, इतिहास-ख्यात, राजनीति, लिपि, भाषाएं, साहित्य एवं भाषा विज्ञान साहित्य, भक्ति साहित्य, चित्रित हस्तलेख, संगीत, धर्म, पेंटिंग, मानचित्र और पाबू जी का चित्रित पट जैसी दुर्लभ पांडुलिपियां उपलब्ध हैं। इन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण का कार्य भी शुरू हो गया है। इसके तहत हर पांडुलिपि पर एक क्यूआर कोड होगा। इससे पांडुलिपि से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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