आज के समय में साइबर क्राइम करने वाले अपराधी तरह-तरह से लोगों को अपना शिकार बना कर ओटीपी पूछ रहे हैं। कॉल करके लोगों को ठग रहे हैं। मुकदमे में फंसने की बात कहकर डिजिटल अरेस्ट करते हैं। यहां तक कि नजदीकी रिश्तेदार, दोस्त या परिचित बनकर रकम ट्रांसफर करने की मांग करते हैं। इसलिए अंजान नंबर से आने वाली कॉल्स पर ध्यान नहीं देना चाहिए और साइबर क्राइम का शिकार होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए।
यह कहना है पुलिस कमिश्नरेट आगरा के एसीपी खेरागढ़ इमरान अहमद का। मिढ़ाकुर स्थित जनता इंटर कॉलेज में आयोजित की गई पुलिस की पाठशाला में एसीपी ने बताया कि बिना इजाजत किसी की निजी जानकारी, फोटो और वीडियो किसी अन्य व्यक्ति से साझा करना अपराध के दायरे में आता है। फिर चाहे ऐसा करने वाला बालिग हो या नाबालिग, दोनों के खिलाफ ही कार्रवाई की जा सकती है। नाबालिगों के मामले में किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एसीपी खेरागढ़ ने कहा कि विद्यार्थी ऐसा कोई काम नहीं करें जो उनके भविष्य को बरबाद कर दे। बच्चों को अच्छा नागरिक बनना चाहिए। जिससे कि उनको और उनके परिवार को कोई परेशानी नहीं हो। पढ़ाई करते समय अपने लक्ष्य पर ध्यान दें। ख्याल रखें कि जो कर रहे हैं, वह सही हो। गलत काम परेशानी में डाल सकता है। उन्होंने कहा कि जो अनुशासन का पालन करता है, वह कभी असफल नहीं होता। इसलिए घर में अपने माता पिता और स्कूल में शिक्षक की बात अवश्य मानें। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें