बुधवार, 23 जुलाई 2025

अब दुकान के ऊपर बना सकते हैं रहने के लिए मकान

                   प्रमोद कुमार अग्रवाल

  उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद बाजारों में दुकान के ऊपर मकान बनवाना आसान हो गया है। अब 24 मीटर चौड़ी सड़क पर मिश्रित भू उपयोग के लिए नक्शा पास नहीं कराना होगा, लेकिन आगरा विकास प्राधिकरण में रजिस्ट्रेशन होगा। इसके बाद भू स्वामी 30 वर्ग मीटर तक के भूखंड पर नीचे दुकान और ऊपर मकान बना सकेंगे। 

    आगरा विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता केके बंसला ने बताया कि 24 मीटर चौड़ी सड़क पर मिश्रित भू उपयोग अनुमन्य है। दुकान के ऊपर आवासीय भवन बनाया जा सकेगा। इसके लिए प्राधिकरण से नक्शा पास कराने की भी अनिवार्यता नहीं होगी। लेकिन मिश्रित भू उपयोग के लिए प्राधिकरण में रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत होगी।  वर्तमान में 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के लिए भी नक्शा पास कराने की छूट मिली हुई है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

आईरेड एप से सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण करेगी आगरा कमिश्नरेट पुलिस

               प्रमोद कुमार अग्रवाल 

 सड़क दुर्घटनाओं की वजह, घटनास्थल और वहां के फोटो, वीडियो आदि की पूरी जानकारी अब आगरा कमिश्नरेट पुलिस द्वारा आईरेड एप पर दर्ज हो सकेंगे। दुर्घटनाओं का विश्लेषण इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस की मदद से संभव हो जाएगा। आगरा में यातायात पुलिस कमिश्नरेट में सड़क दुर्घटनाओं की निगरानी और विश्लेषण के लिए रोड सेफ्टी सेल बनी है। इससे तहत ही आईरेड सेल बनाई गई है। 

   आईरेड आगरा के रोल आउट मैनेजर विक्रम तोमर ने बताया कि आईरेड एप के माध्यम से पुलिसकर्मी सड़क दुर्घटनाओं का पूरा विवरण जैसे स्थान, समय, वाहन संख्या, कारण, फोटो और वीडियो अपलोड कर सकेंगे। इससे एक आईडी बनेगी, जिससे दुर्घटनास्थल का निरीक्षण भी किया जा सकेगा। आईरेड एप पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर सुधार के उपाय किए जा सकेंगे। इसमें लोक निर्माण विभाग और हॉस्पिटल संचालक भी जानकारी साझा कर सकेंगे। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

माहवारी बंद होने से महिलाओं की सेहत पर पड़ रहा है खराब असर

                    प्रमोद कुमार अग्रवाल

 माहवारी बंद होने से महिलाओं की सेहत पर खराब असर पड़ रहा है। मेडिकल की भाषा में इसे मीनोपॉज कहा जाता है। इसके कारण महिलाओं में हार्मोन की कमी होने से  चिड़चिड़ापन, भूलने और पसीना आने की समस्याएं हो रही हैं। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहने से मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होने लगता है।

   आगरा मीनोपॉज सोसाइटी की चेयरमैन डॉक्टर संजना महेश ने बताया कि 35 से 50 साल की उम्र में महिलाओं में माहवारी बंद होने से ये दिक्कतें पनपने लगती हैं। माहवारी बंद होने से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बंद होने लगते हैं। इससे महिलाओं के व्यवहार में तेजी से परिवर्तन होने लगता है। इसमें चिड़चिड़ापन, जल्दी गुस्सा आना, घबराहट, बेचैनी, अधिक पसीना आना, घबराहट में नींद टूट जाने जैसी परेशानी होने लगती हैं। 

   डॉक्टर सविता त्यागी ने बताया कि बहुत सी महिलाएं मीनोपॉज के बारे में अपरिचित होने के कारण ऐसे लक्षणों को माहवारी संबंधी परेशानी मानकर नजर अंदाज करती हैं और इलाज नहीं करातीं। इससे बीमारी बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में लापरवाही किए बगैर स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करके इलाज कराना चाहिए। 

    डॉक्टर आरती गुप्ता ने बताया कि मीनोपॉज का पता चलने पर महिलाओं को प्रतिदिन तेज गति से दस हजार कदम चलने के साथ ही योग व ध्यान करना चाहिए। भोजन में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा ज्यादा कर देनी चाहिए। सोयाबीन, छोले, राजमा, दाल, फल और सलाद अधिक लेने चाहिए। अगर माहवारी में कोई दिक्कत नजर आए तो उसे नजर अंदाज न करके महिला चिकित्सक को दिखा लेना चाहिए। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 31 अगस्त तक करें आवेदन

                प्रमोद कुमार अग्रवाल

 दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है। इसमें प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा नवीं और दसवीं) के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। 

    आगरा के जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विजय लक्ष्मी मौर्य ने बताया कि पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (ग्यारहवीं कक्षा से स्नातकोत्तर डिग्री या डिप्लोमा) के लिए 31 अक्टूबर तक आवेदन किया जा सकता है। दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिलाने के लिए स्कूल व कॉलेज के माध्यम से वेबसाइट www.scholarships.gov.in पर आवेदन किया जा सकता है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

104 ग्राम पंचायत सचिवालय में खुलेंगी डिजिटल लाइब्रेरी

                 प्रमोद कुमार अग्रवाल

आगरा जिले की 104 ग्राम पंचायत सचिवालयों में डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएंगी। प्रत्येक लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये का खर्च आएगा। 

    मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जो डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएंगी, उनसे बच्चों और किशोरों का शैक्षिक विकास होगा। लाइब्रेरी में कंप्यूटर के अलावा कैमरा स्मार्ट टेलीविजन, बच्चों के लिए किताबों की अलमारी जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसका लाभ संबंधित ग्राम पंचायत में रहने वाले बच्चों और किशोरों को मिलेगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

महात्मा गांधी पेंशन योजना में श्रमिकों को मिलेंगे एक हजार रुपये

                  प्रमोद कुमार अग्रवाल 

उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत साठ वर्ष से अधिक आयु वाले श्रमिकों को महात्मा गांधी पेंशन योजना के तहत एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। 

    आगरा के उप श्रमायुक्त सियाराम ने बताया कि जो निर्माण श्रमिक साठ वर्ष से अधिक आयु के हैं और पिछले दस वर्षों से लगातार उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सदस्य रहे हैं तथा उनका नियमित अंशदान जमा हुआ हो, वह पेंशन प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पात्र श्रमिक आवेदकों को एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

बुधवार, 9 जुलाई 2025

साइबर स्पेस में पीड़ित नहीं, रक्षक बनें

              प्रमोद कुमार अग्रवाल

  सोशल मीडिया पर अनजान दोस्तों से सावधान रहने की जरूरत है वरना साइबर अपराधी शिकार बना सकते हैं। साइबर स्पेस में पीड़ित नहीं बनना है बल्कि रक्षक बनना है। 

    यह कहना है आगरा के एसीपी ताज सुरक्षा सैय्यद अरीब अहमद का। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित पुलिस की पाठशाला में बतौर मुख्य वक्ता उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर हमारी हर गतिविधियों पर साइबर अपराधी नजर रखते हैं। कोई फोटो, रील या वीडियो पोस्ट करने पर साइबर अपराधी हमारे परिचितों, परिजनों व दोस्तों का नंबर पता करके व्हाट्सएप कॉल करते हैं। 

   एसीपी ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। उनके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ होने पर तत्काल महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 पर शिकायत दर्ज कराई जानी चाहिए। शिकायत करने पर उनकी पहचान उजागर नहीं की जाएगी। नाबालिग बच्चियों के साथ कोई घटना होने पर पुलिस द्वारा पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की जाती है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी और हृदय रोगियों के लिए बढ़ीं सुविधाएं

                 प्रमोद कुमार अग्रवाल

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के कैथ लैब में किडनी और हृदय रोगियों के लिए एंजियोग्राफी और बिना स्टेंट के एंजियोप्लास्टी की सुविधाएं भी शुरू हो गई हैं। प्राइवेट हॉस्पिटलों की तुलना में यहां आधे से भी कम खर्चा होगा। वहीं आयुष्मान और असाध्य रोग योजना के लाभार्थियों का इलाज मुफ्त में होगा। 

     कैथ लैब के प्रभारी डॉक्टर बसंत गुप्ता ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में कैथ लैब के शुरू होने के बाद पांच से छह हजार रुपये में एंजियोग्राफी और साठ से सत्तर हजार रुपये में एंजियोप्लास्टी की सुविधा मिल रही है। अब यहां किडनी की एंजियोग्राफी और बिना स्टेंट के एंजियोप्लास्टी की सुविधा भी दी जा रही है। 

    कैथ लैब के डॉक्टर सौरभ नागर ने बताया कि कैथ लैब शुरू होने से आगरा के अलावा फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, इटावा, कासगंज और राजस्थान राज्य के धौलपुर समेत कई अन्य जिलों के मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर के एक सौ से ज्यादा मरीजों द्वारा पंजीकरण कराया गया है। इसमें इमरजेंसी स्थिति वाले मरीजों के इलाज में प्राथमिकता दी जाती है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए 29 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन

               प्रमोद कुमार अग्रवाल 

  नवोदय विद्यालय समिति द्वारा जवाहर नवोदय विद्यालयों में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया को पूर्ण रूप से ऑनलाइन रखा गया है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर अंतिम तिथि से पहले अपना पंजीकरण करा सकते हैं। 

   जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए पंजीकरण कराने के लिए बच्चे का मूल निवास प्रमाण पत्र उसी जिले का होना आवश्यक है जहां के लिए वह आवेदन कर रहा है। इसके अलावा बच्चे ने कक्षा 3, 4 और 5 की पढ़ाई सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त या सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय से की हो। एक विद्यार्थी को केवल एक ही बार जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा में शामिल होने की अनुमति होगी। कुल सीटों की 75 प्रतिशत सीटें ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए आरक्षित हैं। 
   जवाहर नवोदय विद्यालय में पात्र छात्रों का चयन प्रवेश परीक्षा के आधार पर होगा। परीक्षा का आयोजन 13 दिसंबर 2025 को सुबह 11:30 बजे से किया जाएगा। प्रवेश हेतु बच्चे का पंजीकरण कराने के लिए आधिकारिक वेबसाइट navoday.gov.in या cbseitms.rcil.gov.in पर जाकर मांगी गई जानकारी, फोटो, हस्ताक्षर, आवास प्रमाण पत्र और अपनी व्यक्तिगत जानकारी आदि सबमिट करनी होगी। सबमिट करने के बाद पेज का प्रिंट लेना आवश्यक है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

मॉडल बनेगा एसएन मेडिकल कॉलेज का बाल रोग विभाग

 

                 प्रमोद कुमार अग्रवाल

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग को उत्तर प्रदेश में मॉडल बनाने के लिए प्रस्ताव बना कर शासन को भेजा गया है। इसके तहत नया बहुमंजिला भवन बनाने, बच्चों से जुड़ी सभी तरह की बीमारियों का इलाज व सर्जरी की सुविधा देने, दो सौ बेड और जीवनरक्षक उपकरण लगाने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लैब और ऑपरेशन थियेटर होने जैसी सुविधाओं के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था। 

    प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग को मॉडल बनाने के लिए योजना तैयार की गई है। इसमें बच्चों से जुड़ी किसी तरह की बीमारी की जांच, इलाज और सर्जरी की सुविधा एक ही बिल्डिंग में मिलेगी। बाल रोग विभाग के नए भवन में न्यूरो, गेस्ट्रो, कार्डियो और रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग भी बनाया जाएगा। ओपीडी की सुविधा के साथ ही मस्तिष्क, हृदय, पेट और वक्ष रोग के विशेषज्ञ भी नियुक्त होंगे। 

    कॉलेज के बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर नीरज यादव ने बताया कि सरकार से प्रस्ताव की मंजूरी मिलने के बाद मॉडल बाल रोग विभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लैब और ऑपरेशन थियेटर से बच्चों की सभी बीमारियों का इलाज और सर्जरी वैज्ञानिक ढंग से हो सकेगी। इससे बच्चों के इलाज के लिए लोगों को दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

शुक्रवार, 4 जुलाई 2025

सांस के मरीजों को भर्ती करने पर होगी कोरोना की जांच

                प्रमोद कुमार अग्रवाल

आगरा। सांस के मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की स्थिति में उनकी कोरोना की जांच आवश्यक रूप से करनी होगी, क्योंकि सांस के मरीजों में कोरोना का खतरा हो सकता है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गाइड लाइन जारी कर दी गई है। 

    आगरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि सांस के मरीजों में कोरोना का अधिक खतरा है। ऐसे में सांस के मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने के बाद उनकी कोरोना वायरस की जांच करनी होगी। इसके लिए एंटीजन किट का इस्तेमाल किया जा सकता है। रिपोर्ट के पॉजिटिव आने पर अस्पतालों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में इसकी जानकारी देनी होगी। 

   मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा की वायरोलॉजी लैब में भी आरटीसीपीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। एसएन एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भी आइसोलेशन वार्ड बना हुआ है। कोरोना वायरस से किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। सभी डॉक्टरों द्वारा कोरोना से संबंधित गाइड लाइन का पालन करने के लिए कहा गया है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

मोबाइल फोन पर लंबी बातचीत से हो सकता है ब्रेन ट्यूमर

                  प्रमोद कुमार अग्रवाल

आगरा। मोबाइल फोन पर लंबी और देर तक लगातार बातचीत से ब्रेन ट्यूमर का खतरा हो सकता है। सिर में तेज दर्द, कमजोर नजर और शरीर का संतुलन बनाने में परेशानी हो तो यह जानलेवा ब्रेन ट्यूमर यानि मस्तिष्क के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में देरी किए बगैर डॉक्टर से संपर्क कर जांच और इलाज कराकर जान बचाई जा सकती है। 

     यह कहना है आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर गौरव धाकरे का। श्री धाकरे ने बताया कि मस्तिष्क में असामान्य रूप से कोशिकाओं में वृद्धि होने से गांठ बन जाती है, जिसे ट्यूमर कहा जाता है। ब्रेन ट्यूमर की वजह जन्मजात या रेडियो फ्रीक्वेंसी हो सकती है। मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी मस्तिष्क की नसों पर दबाव डालती है जिससे कोशिकाओं में वृद्धि होने लगती है। 

     एसएन मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जन डॉक्टर मयंक अग्रवाल ने बताया कि शुरुआती चरण में ब्रेन ट्यूमर का पता चल जाए तो समुचित इलाज से यह पूरी तरह ठीक हो जाता है। ऐसे युवा जो मोबाइल फोन पर घंटों बातें करते हैं, उनमें सिर दर्द बढ़ने के साथ दिमाग की नसें भी प्रभावित होने लगती हैं। 

  डॉक्टर मयंक अग्रवाल ने बताया कि सिर में तेज व लगातार दर्द, चलने में परेशानी, बोलने में जीभ का लड़खड़ाना व चक्कर खाकर गिरना, मांसपेशियों व हाथ-पैरों में कमजोरी, दौरे पड़ना,नींद कम आना और नजर कमजोर होना जैसे लक्षण ब्रेन ट्यूमर के हो सकते हैं। बचाव के लिए मोबाइल फोन का कम इस्तेमाल करना चाहिए। ज्यादा लंबी बात करने के लिए स्पीकर ऑन किया जाना चाहिए। अगर परिवार में पहले किसी को ब्रेन ट्यूमर रहा है तो स्क्रीनिंग कराना चाहिए। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

नगर निगम आगरा की खाली जमीन पर बनेंगे हॉस्पिटल और पार्किंग

                प्रमोद कुमार अग्रवाल

आगरा। नगर निगम द्वारा अपनी खाली जमीनों पर हॉस्पिटल, वेस्ट प्लांट, हेल्थ क्लीनिक, पार्किंग और स्टोर जैसे अन्य प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। इसके लिए निगम ने शहर के 10 से अधिक क्षेत्रों में 1.01 लाख वर्ग मीटर जमीन को चिह्नित किया है। 

    सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि नगर निगम की जानकारी में आया है कि निगम की खाली पड़ी जमीनों पर अतिक्रमण और अवैध कब्जे हो रहे हैं। ऐसे में अब निगम ने खाली जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया है। इसके बाद इन जमीनों पर हरित उद्यान से लेकर भंडारण स्टोर व अन्य कार्य किए जाएंगे। 

    सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि निगम द्वारा इसके लिए सिकंदरा, ककरेठा, कलाल खेरिया, बाबरपुर, बसई, जगनपुर और आवास विकास क्षेत्र में खाली पड़ी जमीनों को चिह्नित किया गया है। चिह्नित जमीनों की हदबंदी कराई जा रही है। भविष्य में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इन जमीनों का उपयोग चार्जिंग स्टेशन, मल्टी लेवल पार्किंग और अन्य जनोपयोगी योजनाओं के क्रियान्वयन में काम में लाया जाएगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सभी सीएचसी पर जन औषधि केंद्रों पर मिलेंगी सस्ती दवाएं

               प्रमोद कुमार अग्रवाल

आगरा जिले के सभी अठारह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर अब मरीजों को 60 से 70 फीसदी तक सस्ती दवाएं मिलेंगी। इसके लिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र खोल दिए गए हैं। 
   मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में सरकारी दवाओं की कमी होने से लोगों को बाजार से मंहगी दवाएं निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ जाती हैं।इसलिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र खुलवा दिए गए हैं। जहां 450 से अधिक तरह की सस्ती दवाएं बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगी।

   मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जन औषधि केंद्रों पर सस्ती दवाओं के अलावा सस्ती दर पर सर्जिकल सामान भी मिलेगा। इनकी कीमत बाजार से करीब सत्तर फीसदी तक कम है। वर्तमान में एसएन मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, लेडी लायल, और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में पहले से ही जन औषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

बच्चों को कई दिन से खांसी और बुखार होने पर कराएं टीबी की जांच

                 प्रमोद कुमार अग्रवाल

आगरा। बच्चों में कई दिन तक खांसी और बुखार बने रहने पर लापरवाही नहीं बरतें बल्कि जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लेकर टीबी की जांच कराएं और पूरा इलाज कराएं। टीबी के बिगड़ जाने से बच्चों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है। 

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों में टीबी रोग एक गंभीर समस्या है। अगर किसी बच्चे को कई दिनों तक खांसी हो, हफ्ते भर बुखार हो, वजन कम हो, भूख कम लगे, खांसी के साथ खून आए और शरीर में गांठे हों तो तुरंत टीबी की जांच कराएं। बच्चों में टीबी के इलाज में एंटी ट्यूबरकुलर ड्रग्स का उपयोग किया जाता है। वैसे तो टीबी का इलाज छह महीने तक चलता है, फिर भी बच्चे की उम्र और बीमारी की गंभीरता के आधार पर इलाज किया जाता है। टीबी से बचने के बाद स्वच्छता रखना जरूरी है। खांसी व जुकाम से पीड़ित लोगों से दूर रहने, पौष्टिक आहार लेने और नियमित रूप से व्यायाम करने से भी टीबी रोग से बचा जा सकता है। 

   मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि टीबी रोग के बचाव और जागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। बच्चों को टीबी से बचाने के लिए समय पर बीसीजी का टीका अवश्य लगवाना चाहिए। टीबी रोग के उन्मूलन के लिए समुदाय स्तर पर लोगों का जागरूक होना बहुत जरूरी है। 

    जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर सुखेश गुप्ता ने बताया कि बच्चों में टीबी का शीघ्र उपचार कराने की आवश्यकता है, क्योंकि इनके लक्षण बड़ों की अपेक्षा अलग और कम स्पष्ट होते हैं। समय निकलने के बाद बच्चों में टीबी का निदान करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए टीबी के शुरुआत लक्षण नजर आने के बाद शीघ्र निदान और प्रभावी इलाज से बच्चों का जीवन बचाया जा सकता है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

शुक्रवार, 27 जून 2025

आगरा जोन में पुलिस विभाग की जमीन का हो रहा है डिजिटलाइजेशन

                      प्रमोद कुमार अग्रवाल

 आगरा जोन में पुलिस विभाग की जमीन को चिह्नांकन करने के साथ ही डिजिटलाइजेशन का कार्य भी किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जोन में पुलिस विभाग की जमीन की जानकारी करना और जमीन को विभागीय कार्यों के लिए इस्तेमाल में लाने के लिए कार्य योजना तैयार करना है। इससे पुलिस विभाग की जमीनों से संबंधित पूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी और पुलिस विभाग की आवासीय एवं अन्य समस्याओं को दूर किया जा सकेगा। 

    एडीजी जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ ने बताया कि आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़ और हाथरस जनपदों में पुलिस विभाग की जमीनों का चिह्नांकन किया जा रहा है। इसके बाद राजस्व विभाग में जमीन के रिकॉर्ड की जांच कराई जाएगी। इसके लिए जमीन से संबंधित खसरा और खतौनी सहित पूरा विवरण मांगा गया है। इन जमीनों के चिह्नांकन के बाद एप के माध्यम से डिजिटलाइजेशन कराया जाएगा, जिससे कि पुलिस विभाग की जमीन के संबंध में पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो सके। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

टीथर्ड ड्रोन कैमरों से होगी ताजमहल की निगरानी

                    प्रमोद कुमार अग्रवाल

 विश्वप्रसिद्ध ताजमहल की सुरक्षा के लिए टीथर्ड ड्रोन और एक सौ और कैमरों के माध्यम से निगरानी करने के लिए योजना तैयार की गई है। टीथर्ड ड्रोन की मदद से रेड जोन के साथ ही यलो और ग्रीन जोन में होने वाली सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। 

    डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि एएसआई और सीआईएसएफ के अधिकारियों के साथ संपन्न हुई बैठक में ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता करने के लिए विचार विमर्श किया गया। इसके तहत मिले एंटी ड्रोन सिस्टम की मदद से ताजमहल के पांच सौ मीटर के दायरे में उड़ने वाले ड्रोन को गिरा दिया जाएगा। ड्रोन उड़ाने वाले ऑपरेटर की पहचान भी संभव हो सकेगी। 

    उन्होंने बताया कि टीथर्ड ड्रोन एक ऐसा विशेष ड्रोन है जो एक बार में बारह से चौदह घंटे तक की उड़ान भर सकता है। इसको एक रस्सी से बांध कर निश्चित ऊँचाई तक उड़ाया जा सकता है। इसमें लगे हाई रिज्योल्यूशन कैमरे दिन और रात संदिग्धों पर नजर रखने में सक्षम हैं। इसके वीडियो और सर्विलांस से पुलिस प्रशासन को काफी मदद मिलेगी। 

   डीसीपी सिटी ने बताया कि टीथर्ड ड्रोन के दो बार ट्रायल हो चुके हैं और जल्द ही इसे परिसर में लगा दिया जाएगा। ताजमहल परिसर के रेड और यलो जोन में सीसीटीवी कैमरों की संख्या में भी वृद्धि की जा रही है। वर्तमान में रेड जोन में 55 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अब इनकी संख्या 150 तक की जा रही है। इन कैमरों की मदद से ताजमहल के चप्पे चप्पे पर नजर रखी जा सकेगी। यलो जोन में पुलिस कर्मियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सांस और अस्थमा के मरीजों के लिए फायदेमंद है अनुलोम विलोम प्राणायाम

                     प्रमोद कुमार अग्रवाल

 सांस और अस्थमा जैसी बीमारी के शिकार मरीजों को सामान्य गति वाले प्राणायाम ही करने चाहिए। तेज गति वाले प्राणायाम ऐसे मरीजों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। कोई भी प्राणायाम करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। 

    एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर गजेंद्र सिंह ने बताया कि सांस और अस्थमा के मरीजों के लिए अनुलोम विलोम प्राणायाम फायदेमंद है। इस प्राणायाम में एक मध्यम गति से सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया की जाती है। इससे श्वसन नलिकाओं के सिकुड़ने की संभावना नहीं होती है और फेंफड़ों में हवा की कुछ मात्रा भी बनी रहती है। 

   डॉक्टर सिंह ने बताया कि सांस और अस्थमा के मरीजों को कपालभाति प्राणायाम करने से बचना चाहिए क्योंकि इस प्राणायाम में सांस लेने और छोड़ने की गति अपेक्षाकृत अधिक होती है। इससे सांस छोड़ने के दौरान दबाव के कारण श्वसन नलिकाओं के सिकुड़ने की संभावना हो सकती है।

 डॉक्टर सिंह ने बताया कि सांस और अस्थमा के मरीजों को कोई भी व्यायाम या प्राणायाम करने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श कर लेना चाहिए। इसके साथ ही अपनी मर्जी से दवाएं और इनहेलर का प्रयोग बंद नहीं कर देना चाहिए। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

बरसात में भीगने से हो सकते हैं फंगल इंफेक्शन व पेट के रोग

                  प्रमोद कुमार अग्रवाल

बरसात के मौसम में वर्षा के पानी में भीगने और उमस से टायफाइड, त्वचा, कान और पेट के रोग होने की परेशानी बढ़ रही हैं। इसके अलावा इस मौसम में फंगल इंफेक्शन, एलर्जी, बाल टूटने और खुजली के कारण जख्म बनने की शिकायत भी आ रही हैं। 

   एसएन मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग के विभाग अध्यक्ष डॉक्टर यतेंद्र चाहर ने बताया कि त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों जो मरीज आ रहे हैं उनमें बगल, जांघ, गर्दन पर फंगल इंफेक्शन, लाल दाने और एलर्जी की परेशानी मिली है। बरसात के मौसम में संक्रमण के कारण खुजली बढ़ रही है, जिससे जख्म भी बन रहे हैं। 

   डॉक्टर चाहर ने बताया कि मरीजों में बाल टूटने, सिर की एलर्जी, कान में पानी चले जाने से कान में दर्द, सूजन व खुजली, अपदूषित खान-पान की वजह से पेट में दर्द, उल्टी, दस्त, टायफाइड की परेशानी हो रही है। इन समस्याओं से बचने के लिए लोगों को बरसात के मौसम में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

   त्वचा रोग के विभाग अध्यक्ष ने बताया कि बरसात में भीगने पर गीले कपड़े देर तक पहनने से बचना और शरीर व बालों को सूखा रखना जरूरी है। बालों को सुखाने के लिए देर तक बालों को बांधकर न रखें। बाजार में बिकने वाले गले व पहले से काट कर रखे हुए फल, अपदूषित खाद्य सामग्री आदि न खाएं। पानी उबाल कर ठंडा करके पीएं। कान में पानी चले जाने की वजह से संक्रमण होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सोमवार, 16 जून 2025

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की महत्वपूर्ण धाराएं

* धारा-64: बलात्कार के लिए सजा (भारतीय दंड संहिता की धारा-376 ) 

* धारा-74: महिला की लज्जा भंग करने के आशय से हमला (भादंसं की धारा-354) 
* धारा-80: दहेज मृत्यु (भादंसं की धारा-304-B) 
* धारा-85: महिला के पति या नातेदार द्वारा क्रूरता (भादंसं की धारा-498A) 
* धारा-103: हत्या के लिए सजा (भादंसं की धारा-302)
* धारा-109: हत्या करने की कोशिश (भादंसं की धारा-307) 
* धारा-108: आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण ( भादंसं की धारा-306) 
* धारा-152: भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाला कार्य करना 
* धारा-281: सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना (भादंसं की धारा-279) 
* धारा-308: उद्दापन (भादंसं की धारा-385-389) 
* धारा-316: आपराधिक न्यासभंग के लिए सजा (भादंसं की धारा-406) 
* धारा-316: सरकारी सेवक, बैंकर, व्यापारी या एजेंट द्वारा आपराधिक न्यासभंग (भादंसं की धारा-409) 
* धारा-318: छल या धोखाधड़ी (भादंसं की धारा-420) 
* धारा-351(2&3): आपराधिक अभित्रास (भादंसं की धारा-506) 
*धारा-352: लोकशांति भंग करने को प्रकोपित करने के आशय से अपमान करना (भादंसं की धारा-504) 
*धारा-356: मानहानि (भादंसं की धारा-499) 

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