प्रमोद कुमार अग्रवाल
विश्वप्रसिद्ध ताजमहल की सुरक्षा के लिए टीथर्ड ड्रोन और एक सौ और कैमरों के माध्यम से निगरानी करने के लिए योजना तैयार की गई है। टीथर्ड ड्रोन की मदद से रेड जोन के साथ ही यलो और ग्रीन जोन में होने वाली सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि एएसआई और सीआईएसएफ के अधिकारियों के साथ संपन्न हुई बैठक में ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता करने के लिए विचार विमर्श किया गया। इसके तहत मिले एंटी ड्रोन सिस्टम की मदद से ताजमहल के पांच सौ मीटर के दायरे में उड़ने वाले ड्रोन को गिरा दिया जाएगा। ड्रोन उड़ाने वाले ऑपरेटर की पहचान भी संभव हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि टीथर्ड ड्रोन एक ऐसा विशेष ड्रोन है जो एक बार में बारह से चौदह घंटे तक की उड़ान भर सकता है। इसको एक रस्सी से बांध कर निश्चित ऊँचाई तक उड़ाया जा सकता है। इसमें लगे हाई रिज्योल्यूशन कैमरे दिन और रात संदिग्धों पर नजर रखने में सक्षम हैं। इसके वीडियो और सर्विलांस से पुलिस प्रशासन को काफी मदद मिलेगी।
डीसीपी सिटी ने बताया कि टीथर्ड ड्रोन के दो बार ट्रायल हो चुके हैं और जल्द ही इसे परिसर में लगा दिया जाएगा। ताजमहल परिसर के रेड और यलो जोन में सीसीटीवी कैमरों की संख्या में भी वृद्धि की जा रही है। वर्तमान में रेड जोन में 55 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अब इनकी संख्या 150 तक की जा रही है। इन कैमरों की मदद से ताजमहल के चप्पे चप्पे पर नजर रखी जा सकेगी। यलो जोन में पुलिस कर्मियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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