प्रमोद कुमार अग्रवाल
आगरा। सांस के मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की स्थिति में उनकी कोरोना की जांच आवश्यक रूप से करनी होगी, क्योंकि सांस के मरीजों में कोरोना का खतरा हो सकता है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गाइड लाइन जारी कर दी गई है।
आगरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि सांस के मरीजों में कोरोना का अधिक खतरा है। ऐसे में सांस के मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने के बाद उनकी कोरोना वायरस की जांच करनी होगी। इसके लिए एंटीजन किट का इस्तेमाल किया जा सकता है। रिपोर्ट के पॉजिटिव आने पर अस्पतालों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में इसकी जानकारी देनी होगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा की वायरोलॉजी लैब में भी आरटीसीपीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। एसएन एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भी आइसोलेशन वार्ड बना हुआ है। कोरोना वायरस से किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। सभी डॉक्टरों द्वारा कोरोना से संबंधित गाइड लाइन का पालन करने के लिए कहा गया है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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