प्रमोद कुमार अग्रवाल
बरसात के मौसम में वर्षा के पानी में भीगने और उमस से टायफाइड, त्वचा, कान और पेट के रोग होने की परेशानी बढ़ रही हैं। इसके अलावा इस मौसम में फंगल इंफेक्शन, एलर्जी, बाल टूटने और खुजली के कारण जख्म बनने की शिकायत भी आ रही हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग के विभाग अध्यक्ष डॉक्टर यतेंद्र चाहर ने बताया कि त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों जो मरीज आ रहे हैं उनमें बगल, जांघ, गर्दन पर फंगल इंफेक्शन, लाल दाने और एलर्जी की परेशानी मिली है। बरसात के मौसम में संक्रमण के कारण खुजली बढ़ रही है, जिससे जख्म भी बन रहे हैं।
डॉक्टर चाहर ने बताया कि मरीजों में बाल टूटने, सिर की एलर्जी, कान में पानी चले जाने से कान में दर्द, सूजन व खुजली, अपदूषित खान-पान की वजह से पेट में दर्द, उल्टी, दस्त, टायफाइड की परेशानी हो रही है। इन समस्याओं से बचने के लिए लोगों को बरसात के मौसम में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
त्वचा रोग के विभाग अध्यक्ष ने बताया कि बरसात में भीगने पर गीले कपड़े देर तक पहनने से बचना और शरीर व बालों को सूखा रखना जरूरी है। बालों को सुखाने के लिए देर तक बालों को बांधकर न रखें। बाजार में बिकने वाले गले व पहले से काट कर रखे हुए फल, अपदूषित खाद्य सामग्री आदि न खाएं। पानी उबाल कर ठंडा करके पीएं। कान में पानी चले जाने की वजह से संक्रमण होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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