शुक्रवार, 4 जुलाई 2025

मोबाइल फोन पर लंबी बातचीत से हो सकता है ब्रेन ट्यूमर

                  प्रमोद कुमार अग्रवाल

आगरा। मोबाइल फोन पर लंबी और देर तक लगातार बातचीत से ब्रेन ट्यूमर का खतरा हो सकता है। सिर में तेज दर्द, कमजोर नजर और शरीर का संतुलन बनाने में परेशानी हो तो यह जानलेवा ब्रेन ट्यूमर यानि मस्तिष्क के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में देरी किए बगैर डॉक्टर से संपर्क कर जांच और इलाज कराकर जान बचाई जा सकती है। 

     यह कहना है आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर गौरव धाकरे का। श्री धाकरे ने बताया कि मस्तिष्क में असामान्य रूप से कोशिकाओं में वृद्धि होने से गांठ बन जाती है, जिसे ट्यूमर कहा जाता है। ब्रेन ट्यूमर की वजह जन्मजात या रेडियो फ्रीक्वेंसी हो सकती है। मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी मस्तिष्क की नसों पर दबाव डालती है जिससे कोशिकाओं में वृद्धि होने लगती है। 

     एसएन मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जन डॉक्टर मयंक अग्रवाल ने बताया कि शुरुआती चरण में ब्रेन ट्यूमर का पता चल जाए तो समुचित इलाज से यह पूरी तरह ठीक हो जाता है। ऐसे युवा जो मोबाइल फोन पर घंटों बातें करते हैं, उनमें सिर दर्द बढ़ने के साथ दिमाग की नसें भी प्रभावित होने लगती हैं। 

  डॉक्टर मयंक अग्रवाल ने बताया कि सिर में तेज व लगातार दर्द, चलने में परेशानी, बोलने में जीभ का लड़खड़ाना व चक्कर खाकर गिरना, मांसपेशियों व हाथ-पैरों में कमजोरी, दौरे पड़ना,नींद कम आना और नजर कमजोर होना जैसे लक्षण ब्रेन ट्यूमर के हो सकते हैं। बचाव के लिए मोबाइल फोन का कम इस्तेमाल करना चाहिए। ज्यादा लंबी बात करने के लिए स्पीकर ऑन किया जाना चाहिए। अगर परिवार में पहले किसी को ब्रेन ट्यूमर रहा है तो स्क्रीनिंग कराना चाहिए। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

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