मंगलवार, 21 जनवरी 2025

ई-साक्ष्य एप पर क्राइम सीन सीख रही है आगरा पुलिस

   आपराधिक मामलों में क्राइम सीन को सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण होता है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता लागू होने के बाद अभियुक्त की गिरफ्तारी, तलाशी और सीज की कार्रवाई की वीडियोग्राफी अनिवार्य हो गया है। इन सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए आगरा कमिश्नेट पुलिस द्वारा ई-साक्ष्य एप का इस्तेमाल किया जा रहा है। 

   पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड ने बताया कि सभी पुलिस इंस्पेक्टर और दरोगा को ई-साक्ष्य एप में साक्ष्य सुरक्षित करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अपराध होने पर घटनास्थल की फोटो और वीडियोग्राफी की जाती है। तलाशी और सीजर की कार्रवाई के दौरान की वीडियोग्राफी को साक्ष्य में शामिल किया जाता है। सभी लिखा पढ़ी के दस्तावेज तैयार होते हैं। इन सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए ई-साक्ष्य एप पर काम किया जा रहा है। 
   डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि सात वर्ष से अधिक सजा वाले मुकदमों के साक्ष्य अनिवार्य रूप से ई-साक्ष्य एप में सुरक्षित किए जा रहे हैं। आगे अन्य मुकदमों को भी शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही हर विवेचना अधिकारी की अपनी लॉगइन आईडी बनाई जा रही है। विवेचना अधिकारियों को मुकदमा संख्या दर्ज करने के अलावा डिजिटल और दस्तावेज साक्ष्य अपलोड कर फाइल सुरक्षित करनी होगी। 

   डीसीपी सिटी ने बताया कि एफएसएल को भी जोड़ा जाएगा। किसी कारण से अगर हार्ड कॉपी खराब हो जाती है या उपलब्ध नहीं हो पाती है तो मोबाइल फोन पर ई-साक्ष्य एप ओपन कर साक्ष्य को देखा जा सकेगा। इनके खराब होने का झंझट भी खत्म हो जाएगा। इसका लाभ मुकदमों की विवेचना और न्यायालय में मुकदमों की सुनवाई के समय मिल सकेगा। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

बुधवार, 15 जनवरी 2025

हाथ में बने चिह्नों के फल

हस्तरेखाओं के अध्ययन के समय रेखाओं, पर्वत क्षेत्रों के साथ ही विभिन्न चिह्नों को भी देखा जाता है। इनमें कुछ चिह्न शुभ फल देने वाले होते हैं तो कुछ चिह्न अशुभ फल देते हैं। 

# हथेली में मछली, शंख, गज, छत्र, मकर, तोरण, विमान, वज्र, भाला, माला, कमल, तलवार, मंदिर, ध्वजा, कलश आदि चिह्न बने हों तो जातक को जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है। 

# हथेली में जाल, काला तिल या दाग, कटी हुई रेखाएं, शुक्र के क्षेत्र में क्रॉस, यव, चंद्र, शुक्र व शनि पर्वत के क्षेत्र में तारा चिह्न, शुक्र के क्षेत्र में चतुष्कोण, चंद्र के क्षेत्र में वृत्त चिह्न होने से जातक को जीवन में बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल। 

राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए करें 15 फरवरी तक आवेदन

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में कार्यरत शिक्षक 15 फरवरी तक राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए प्राइमरी स्कूलों में 150, उच्च प्राइमरी स्कूलों में 105 और कंपोजिट स्कूलों में विद्यार्थियों की नामांकन संख्या 255 होना आवश्यक है। एक जनवरी से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 

  जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गोंड ने बताया कि राज्य शिक्षक पुरस्कार योजना में वही शिक्षक आवेदन कर सकते हैं जो कम से कम 15 वर्षों से सेवा में हों और सेवानिवृत्त होने में न्यूनतम पांच वर्ष शेष हों। जनपद चयन समिति द्वारा शिक्षकों के आवेदन पत्रों का परीक्षण, सत्यापन और मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद जिला स्तरीय चयन समितियां 31 मार्च तक तीन तीन सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों का चयन करेंगी।
   बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी स्कूलों के शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार की प्रक्रिया की जानकारी दे दें। मूल्यांकन के लिए डायट प्राचार्य की अध्यक्षता में चार सदस्यों की टीम गठित की गई है। टीम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिव, खंड शिक्षा अधिकारी सचिव और जिलाधिकारी की ओर से नामित अधिकारी सदस्य के रूप में होंगे। 
   बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों की मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत चयन समिति द्वारा कुल तीन मानकों पर अंक प्रदान किए जाएंगे। इसमें 40 अंक वस्तुनिष्ठ मानक, 40 अंक प्रदर्शन आधारित कार्य और 20 अंक प्रस्तुतिकरण एवं साक्षात्कार के लिए हैं। चयन समिति आवेदन करने वाले शिक्षकों के चरित्र, उपलब्धि, नियमित उपस्थिति और नवाचार आदि का सत्यापन करेगी। इसके बाद ही आवेदन पत्र को अगले चरण के लिए भेजा जाएगा। --प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर भी हो ट्रेन का ठहराव

लालगढ़-प्रयागराज-लालगढ़ के लिए चलने वाली ट्रेन नंबर 12403/12404/20403/20404 का पूर्व में राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर कई वर्षों तक रहा है। आगरा कैंट से वाया फतेहाबाद होने पर इस ट्रेन का ठहराव राजा की मंडी पर बंद कर दिया गया, जबकि ट्रेन राजा की मंडी रेलवे स्टेशन से होकर निकलती है।

   इस ट्रेन को शुरुआत में प्रयागराज के लिए अधिवक्ताओं और वादकारियों की सुविधा के लिए चलाया गया था और उन्हीं की मांग पर राजा की मंडी स्टेशन पर पर रोका गया था। ट्रेन के राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर नहीं रुकने के कारण यात्रियों को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन तक पहुंचना पड़ता है। जिसमें काफी समय और ऑटो आदि में किराए के लिए पैसा खर्च करना पड़ता है। 

  जनहित में इस ट्रेन का ठहराव राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर दो मिनट के लिए कर दिया जाए तो राजा की मंडी रेलवे स्टेशन के नजदीक रहने वाले लोगों को बहुत सुविधा हो जाएगी। इसके अलावा राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर ठहराव होने से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर जाकर ट्रेन पकड़ने वाले लोगों की भीड़ में भी कमी आएगी। रेलवे मंत्रालय और रेल प्रशासन को जन हित में इस सुझाव को तत्काल प्रभाव से लागू करना चाहिए। --प्रमोद कुमार अग्रवाल, अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद एवं जनपद न्यायालय, आगरा।

मंगलवार, 14 जनवरी 2025

सरल ज्योतिष ज्ञान-2

@ कुंडली के जिस भाव में जो राशि हो, उस राशि के स्वामी को ही उस भाव का स्वामी यानि भावेश कहते हैं। उदाहरणार्थ, पहले भाव में अगर मेष राशि है तो मेष के स्वामी मंगल को पहले भाव का स्वामी अर्थात लग्नेश कहा जाएगा।

@ छठे,आठवें व ग्यारहवें भाव के स्वामी कुंडली में जिन भावों में बैठते हैं,वे उन भावों का अनिष्ट (खराब) फल देते हैं। 

@ अगर किसी भाव का स्वामी अपने ही घर में बैठा हो तो वह उस भाव का अच्छा फल देता है।

@ कुंडली के ग्यारहवें भाव में जो भी ग्रह बैठेगा, वह शुभ फल देगा। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 

सरल ज्योतिष ज्ञान-1

 @ किसी भी कुंडली के बारह भाव, बारह राशियां, अलग-अलग भावों में बैठे नौ ग्रहों की स्थिति व दृष्टि,ग्रहों की उच्चता व नीचता, महादशा व अंतर्दशा आदि बातों के गहन अध्ययन के आधार पर ज्योतिषविद् द्वारा जातक के पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए समस्या के ज्योतिषीय समाधान की कोशिश की जाती है।

@ कुंडली के जिस भाव में चंद्रमा स्थित होता है, वहां जिस राशि का अंक होता है, उस अंक से संबंधित राशि ही जातक की जन्म राशि होती है। उदाहरणार्थ, अगर  कुंडली के पांचवे भाव में छह का अंक है और चंद्रमा स्थित है तो छह के अंक की राशि के आधार पर जातक की जन्म राशि कन्या होगी। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 

निजी पैथोलॉजी लैब एचएमपीवी की रिपोर्ट भेजें

   स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनपद की निजी पैथोलॉजी लैब के संचालकों को नोटिस जारी कर ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के मरीज की पुष्टि होने पर नमूने की स्लाइड समेत रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में अनिवार्य रूप से भेजने के निर्देश दिए गए हैं। 

   मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एचएमपीवी की जांच की सुविधा एसएन मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब में है। जिले की सभी एक सौ पचास पैथोलॉजी लैब के संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। इन लैब में अगर किसी मरीज की जांच रिपोर्ट में एचएमपीवी की पुष्टि होती है तो उसकी रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में भेजनी होगी।
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि भेजी जाने वाली रिपोर्ट में मरीज का नाम, पता, उम्र, मोबाइल नंबर और केस हिस्ट्री का उल्लेख करना होगा। मरीज के नमूने की स्लाइड भी रिपोर्ट के साथ जमा करानी होगी। इसके अलावा जिले के सभी हॉस्पिटल और पंजीकृत क्लीनिक को भी नोटिस देकर एचएमपीवी के संदिग्ध मरीज की सूचना कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0562-2600412 और मोबाइल नंबर  8791393336 पर देने के निर्देश दिए गए हैं।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

रविवार, 12 जनवरी 2025

114 साल पुरानी लाइब्रेरी का हो रहा है कायाकल्प

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। सदर बाजार स्थित 114 साल पुरानी क्वीन मेरी एंप्रेस लाइब्रेरी का कायाकल्प 2.58 करोड़ रुपये लगा कर किया जा रहा है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने 15 जनवरी तक लाइब्रेरी का कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी के अनुसार इस प्राचीन लाइब्रेरी को नई साज सज्जा के साथ 26 जनवरी को शुरू किया जाएगा। 

    नगर आयुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत वर्ष 1911 में बनी क्वीन मेरी एंप्रेस लाइब्रेरी का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। यहां लाइब्रेरी हॉल, रीडिंग रूम, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। पिछले चार दशक से बंद इस लाइब्रेरी को नई साज सज्जा के साथ शुरू किया जाएगा। मंडलायुक्त द्वारा इस धरोहर को संजोने के लिए इसे स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शामिल किया गया है। 

  स्मरण रहे कि वर्ष 1911 में दिल्ली दरबार का आयोजन हुआ था। तब किंग जॉर्ज पंचम और क्वीन मेरी एंप्रेस भारत आए थे। क्वीन मेरी ताजमहल देखने के लिए आगरा आईं थीं। उनके सम्मान में तब आगरा के प्रतिष्ठित व्यापारी और मेजर एंथनी यू जॉन द्वारा सदर बाजार में इस लाइब्रेरी का निर्माण कराया गया था। जिसका नाम क्वीन मेरी एंप्रेस लाइब्रेरी रखा गया था। इसके अलावा मेजर एंथनी यू जॉन द्वारा पालीवाल पार्क में भी एक लाइब्रेरी बनाई गई थी, जिस वर्तमान में जोंस लाइब्रेरी के नाम से जाना जाता है। मंडलायुक्त ने बताया कि जोंस लाइब्रेरी को भी जल्द डिजिटल किया जाएगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

हाथ में शुभ नहीं होता काला दाग

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हाथ में काला दाग शुभ नहीं होता है। हथेली के अलग-अलग क्षेत्रों में काले दाग का फल भी अलग होता है। 

# बृहस्पति के क्षेत्र में काला दाग मानहानि की वजह बन सकता है, वहीं मंगल के क्षेत्र में काले दाग की वजह से चल और अचल संपत्ति को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है। जबकि चंद्र पर्वत के क्षेत्र में काला दाग जातक को मानसिक रूप से बीमार बना सकता है। ़

# आयु रेखा (लाइफ लाइन) के ऊपर काला दाग होने से जातक को नेत्र या अन्य गंभीर बीमारी से परेशानी हो सकती है। मस्तिष्क रेखा (ब्रेन लाइन) पर काला दाग होने के कारण जातक में दांत, आंख और नसों से संबंधित बीमारी होने की संभावना बनी रहती है।-प्रमोद कुमार अग्रवाल

शनिवार, 11 जनवरी 2025

स्टेरॉयड दवाओं के मनमाने सेवन से गंभीर बीमारियों का खतरा

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। झोलाछाप द्वारा बगैर किसी डिग्री व योग्यता के छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए स्टेरॉयड दवाओं के सेवन से किडनी, लिवर, ऑस्टियोपोरोसिस, हार्मोंस में गड़बड़ी, डायबिटीज, मुंहासे होना जैसी बीमारियों का खतरा तीन गुना तक रहता है। बचने के लिए सस्ते इलाज के चक्कर में झोलाछाप से इलाज कराने से बचने की जरूरत है। 

     मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार झोलाछाप के यहां छापे मारकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। छापे के दौरान झोलाछाप के अवैध क्लीनिक से काफी मात्रा में स्टेरॉयड और एंटीबायोटिक समेत अन्य कई दवाएं और इंजेक्शन बरामद हुए हैं। झोलाछाप द्वारा इनका उपयोग जोडों में दर्द भूख व वजन बढ़ाने, जुकाम, खांसी, बुखार उतारने आदि में किया जा रहा है। झोलाछाप इन्हें पीसकर पुड़िया बना कर मरीजों को देते हैं। 
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्टेरॉयड और एंटीबायोटिक के मनमाने सेवन से मरीज को तत्काल आराम तो मिल जाता है, लेकिन लंबे समय तक इनके इस्तेमाल से किडनी व लिवर के फेल होने के साथ ही त्वचा व पेट के रोग, डायबिटीज, ऑस्टियोपोरोसिस, हार्मोंस में गड़बड़ी का खतरा बढ़ जाता है। जबकि स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल अति गंभीर मरीज का जीवन बचाने के लिए अंतिम विकल्प के रूप में कराया जाता है। ऐसे में मरीजों को झोलाछाप के यहां इलाज कराने से बचना चाहिए। मरीज निशुल्क इलाज के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल, एसएन मेडिकल कॉलेज में जाकर लाभ उठा सकते हैं।(न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

बुधवार, 8 जनवरी 2025

नाखून भी कुछ कहते हैं...

@ हस्तरेखाओं के अध्ययन के समय नाखूनों की रचना के आधार पर भी जातक की प्रकृति के बारे में बताया जा सकता है। जिन जातक के नाखूनों का रंग सफेद होता है, वे अच्छे चरित्र वाले होते हैं। 

@ लंबे नाखून वाले जातक आजादी पसंद और तर्कशील होते हैं। वहीं जिन जातकों के नाखून चौड़े होते हैं, उनमें काफी हद तक व्यावहारिकता नहीं पाई जाती। 

@ बड़े नाखून वाले जातक जल्दी व बहुत देर तक गुस्सा करने वाले होते हैं। ऐसे जातक जिनकी अंगुलियों के नाखून छोटे व बड़े, दोनों तरह के होते हैं, उनमें गुस्सा कम या ज्यादा समय तक देखा जा सकता है।- प्रमोद कुमार अग्रवाल

डीएम कार्यालय में ऑनलाइन फाइलों पर डिजिटल हस्ताक्षर

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। जिलाधिकारी कार्यालय में ई-ऑफिस सिस्टम लागू हो गया है। अब फाइलों पर ऑनलाइन काम हो रहा है और डिजिटल हस्ताक्षर से आदेश जारी किए जा रहे हैं। जल्द ही इस सिस्टम को विकास भवन में भी लागू किया जाएगा। 

   जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी की पहल पर अब सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है। मंडलायुक्त कार्यालय, आगरा विकास प्राधिकरण और नगर निगम में भी यह व्यवस्था लागू है। विकास भवन को भी ई-ऑफिस से जोड़ा जा रहा है। सभी तरह की फाइलों पर अब ई-ऑफिस के तहत कार्रवाई की जा रही है। 

   जिलाधिकारी ने बताया कि ई-ऑफिस व्यवस्था के अंतर्गत ऑनलाइन ही फाइलों पर नोटिंग होती है। पीडीएफ फार्मेट में पत्र और संलग्नक दस्तावेज किए जाते हैं। सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सिद्धार्थ ने बताया कि कलेक्ट्रेट की फाइलों की डेटा मैपिंग ई-ऑफिस पोर्टल पर की गई है। सभी अधिकारियों के लॉगइन बने हैं। डिजिटल हस्ताक्षर किए जाते हैं। इस व्यवस्था के तहत अब सभी तरह के आदेश और बजट स्वीकृति आदि फाइलों को ई-ऑफिस से निस्तारित किया जा रहा है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

एचएमपीवी अलर्ट:रैपिड रिस्पांस टीम गठित

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। कर्नाटक में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के मामले मिलने के बाद ताजनगरी में भी अलर्ट किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। 

   मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार एचएमपीवी से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह वायरस पहले से ही ज्ञात है और इससे प्रभावित मरीजों का इलाज उपलब्ध है। एचएमपीवी के लक्षणों में खांसी, जुकाम, बार-बार छींक आना, गले में खरा़श और बुखार शामिल हैं। यह वायरस छोटे बच्चे, कमजोर इम्यूनिटी वाले बुजुर्ग और पहले से बीमार चल रहे व्यक्तियों को अपनी चपेट में ले सकता है। 

  मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि एचएमपीवी के लक्षण मिलने और मरीज की हालत गंभीर होने पर कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0562-2600412 और मोबाइल नंबर 8791393336 पर सूचना दी जा सकती है। एचएमपीवी की जांच की सुविधा एसएन मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब में उपलब्ध है। साथ ही कॉलेज में पच्चीस बेड के आइसोलेशन वार्ड की भी व्यवस्था है। 

    एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर अंकुर गोयल ने बताया कि एचएमपीवी खतरनाक नहीं है। सामान्य तौर पर यह वायरस पांच साल तक के बच्चों को प्रभावित करता है जिससे उनमें खांसी, जुकाम, सांस लेने में परेशानी, निमोनिया, बुखार, गले में खराश जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। संक्रमण से बचने के लिए मास्क लगा कर बाहर जाएं, हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें और बिना वजह भीड़-भाड़ वाली जगहों और हॉस्पिटल में जाने से बचें। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

पुलिस नहीं करती किसी को डिजिटल अरेस्ट

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। साइबर अपराधियों द्वारा नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। ऐसे अपराधी लोगों को रिश्तेदार बनकर, मोबाइल हैक करके या फिर पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट करके लोगों से पैसों की वसूली करते हैं। इनसे बचने के लिए किसी भी अंजान नंबर से कॉल आने पर सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी तरह के लालच में नहीं आएं। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं। 

    एसीपी डॉक्टर सुकन्या शर्मा ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस द्वारा लगातार आम आदमी और शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को साइबर क्राइम से बचाने के लिए पुलिस की पाठशाला के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसके माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि मोबाइल का गलत इस्तेमाल उन्हें परेशानी में डाल सकता है। इसलिए मोबाइल फोन का सही इस्तेमाल करना चाहिए। 

   एसीपी ने बताया कि पुलिस द्वारा कभी भी किसी को कॉल या वीडियो कॉल अथवा मैसेज करके डिजिटल अरेस्ट नहीं किया जाता है। अगर कोई ऐसा करता है तो समझ जाएं कि साइबर क्रिमिनल की कॉल है। ऐसे में तुरंत कॉल को काट कर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूक रहकर ही साइबर क्राइम का शिकार होने से बचा जा सकता है। 

   एसीपी ने बताया कि साइबर अपराध करने वाले परिचित, मित्र या रिश्तेदार बनकर कॉल कर सकते हैं। वह पहले कॉल अटेंड करने वाले व्यक्ति से उनके खाते में रुपये भेजने की बात कहेंगे। बाद में ज्यादा रकम आने का झांसा देकर लोगो के खाते में आई रकम के साथ साथ खाते में जमा रकम को निकाल सकते हैं। इसलिए ऐसी कॉल आने पर पहले कन्फर्म कर लें कि कॉल करने वाला परिचित है या साइबर अपराधी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सर्दी में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, बरतें सावधानी

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। सर्दी और प्रदूषण से हमारी रक्त वाहिकाओं में संकुचन हो जाता है, इससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अगर किसी व्यक्ति को धूम्रपान और मद्यपान की लत है तो खतरा तीन गुना ज्यादा रहता है। सर्दी के मौसम में ब्रेन स्ट्रोक से बचने के लिए पर्याप्त सावधानी बरती जाने की जरूरत है। 

     एसएन मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉक्टर मयंक अग्रवाल ने बताया कि जो लोग नियमित व्यायाम या शारीरिक मेहनत नहीं करते, तेल चिकनाई वाला भोजन ज्यादा लेते हैं और धूम्रपान व शराब पीने के आदी हैं, उनमें नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक होता है। इसके बचाव के लिए लोगों को नियमित ब्लडप्रेशर की जांच कराने और डॉक्टर की सलाह से दवाएं लेते रहने की आवश्यकता है। 

    डॉक्टर अग्रवाल ने बताया कि सर्दी के मौसम में सुबह के वक्त ओस व कोहरा होता है। इसलिए धूप खिलने के बाद ही बाहर टहलने जाएं। घर में रहकर ही व्यायाम करें। चिकने व तले खाद्य पदार्थ न लेकर दाल, चपाती, हरी सब्जी, सलाद, फल आदि का सेवन करें। अगर ब्लडप्रेशर व डायबिटीज के मरीज हैं तो घर से बाहर जाते समय अपने साथ दवाएं अवश्य ले जाएं। इसके अलावा अपने वजन को कंट्रोल करने की भी जरूरत है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

बुधवार, 1 जनवरी 2025

क्या कहती है हृदय रेखा....

हाथ की सबसे छोटी अंगुली (कनिष्ठा) के नीचे का क्षेत्र बुध पर्वत का होता है। वहीं अंगुठे के नजदीक वाली अंगुली (तर्जनी) के नीचे का क्षेत्र बृहस्पति पर्वत कहलाता है। बुध पर्वत के नीचे से निकल कर बृहस्पति पर्वत के नीचे की ओर जाने वाली रेखा को हृदय रेखा कहते हैं। हृदय रेखा से जातक के व्यवहार और हृदय से संबंधित बीमारी का पता चल सकता है।
 
* सुस्पष्ट हृदय रेखा होने से जातक शांत और सरल स्वभाव का होता है, जबकि जंजीरनुमा हृदय रेखा जातक के चरित्र को खराब कर सकती है। 

* बृहस्पति पर्वत के पास अगर हृदय रेखा दो शाखाओं में विभाजित होकर एक शाखा सबसे बड़ी अंगुली के नीचे शनि पर्वत पर और दूसरी शाखा बृहस्पति पर्वत पर चली जाए तो जातक के जीवन में उन्नति और आर्थिक समृद्धि देखने को मिलती है। 

* टूटी या जगह जगह से कटी हुई हृदय रेखा जातक को मानसिक रोगी और प्रेम में असफल बना सकती है, वहीं अगर हाथ में हृदय रेखा नहीं हो तो जातक को कम उम्र में ही हृदय रोगी बना सकती है।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल

अब नगर निगम से साफ कराना होगा सेफ्टी टैंक

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में निगम की आय बढ़ाने के लिए कई प्रस्ताव पारित किए गए हैं। जिनमें नामांतरण की दरों में वृद्धि और सेप्टिक टैंक की सफाई नगर निगम से कराना शामिल है। सेप्टिक टैंक की सफाई के बदले निगम यूजर चार्ज वसूल करेगा। 

  महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में पारित किए गए प्रस्ताव के अनुसार वरासत, वसीयत उत्तराधिकारी के नामांतरण शुल्क को 200 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने की संस्तुति की गई। इसे सदन में रखा जाएगा। वहीं पांच लाख रुपये से ज्यादा मूल्य के भवनों की डीएम सर्किल रेट के आधार पर लगाई गई स्टांप ड्यूटी पर नामांतरण शुल्क एक प्रतिशत लेने का अनुमोदन किया गया है। 

    कार्यकारिणी की बैठक में सेप्टिक टैंक खाली कराने के लिए यूजर चार्ज लगाने के प्रस्ताव को भी पारित कर दिया गया। अब केवल नगर निगम को ही सेप्टिक टैंक खाली कराने का अधिकार होगा। निजी तौर पर सेप्टिक टैंक की सफाई अवैध मानी जाएगी। पांच सौ लीटर के सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए 1500 रुपये, तीन हजार लीटर के लिए 2000 रुपये और चार हजार लीटर के सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए 2500 रुपये यूजर चार्ज देना होगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में करें आवेदन

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कन्याओं के विवाह के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। इसके लिए आवेदक के परिवार की वार्षिक आय सीमा अधिकतम दो लाख रुपये तक होनी चाहिए। 

    जिला समाज कल्याण अधिकारी जीआर प्रजापति ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ उठाने के लिए कन्या के अभिभावक को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। कन्या या अभिभावक निराश्रित व निर्धन हों तथा आवेदक के परिवार की वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो। 

    जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि सामूहिक विवाह योजना में आवेदन करने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। विवाह में निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांगजन अभिभावक की पुत्री और दिव्यांग कन्या को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक www.cmsvy.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

जनपद न्यायालय आगरा में 22 फरवरी को लगेगा वृहद विधिक साक्षरता सेवा शिविर

                        प्रमोद कुमार अग्रवाल   राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ क...