आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। कर्नाटक में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के मामले मिलने के बाद ताजनगरी में भी अलर्ट किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार एचएमपीवी से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह वायरस पहले से ही ज्ञात है और इससे प्रभावित मरीजों का इलाज उपलब्ध है। एचएमपीवी के लक्षणों में खांसी, जुकाम, बार-बार छींक आना, गले में खरा़श और बुखार शामिल हैं। यह वायरस छोटे बच्चे, कमजोर इम्यूनिटी वाले बुजुर्ग और पहले से बीमार चल रहे व्यक्तियों को अपनी चपेट में ले सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि एचएमपीवी के लक्षण मिलने और मरीज की हालत गंभीर होने पर कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0562-2600412 और मोबाइल नंबर 8791393336 पर सूचना दी जा सकती है। एचएमपीवी की जांच की सुविधा एसएन मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब में उपलब्ध है। साथ ही कॉलेज में पच्चीस बेड के आइसोलेशन वार्ड की भी व्यवस्था है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर अंकुर गोयल ने बताया कि एचएमपीवी खतरनाक नहीं है। सामान्य तौर पर यह वायरस पांच साल तक के बच्चों को प्रभावित करता है जिससे उनमें खांसी, जुकाम, सांस लेने में परेशानी, निमोनिया, बुखार, गले में खराश जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। संक्रमण से बचने के लिए मास्क लगा कर बाहर जाएं, हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें और बिना वजह भीड़-भाड़ वाली जगहों और हॉस्पिटल में जाने से बचें। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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