आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। साइबर अपराधियों द्वारा नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। ऐसे अपराधी लोगों को रिश्तेदार बनकर, मोबाइल हैक करके या फिर पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट करके लोगों से पैसों की वसूली करते हैं। इनसे बचने के लिए किसी भी अंजान नंबर से कॉल आने पर सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी तरह के लालच में नहीं आएं। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं।
एसीपी डॉक्टर सुकन्या शर्मा ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस द्वारा लगातार आम आदमी और शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को साइबर क्राइम से बचाने के लिए पुलिस की पाठशाला के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसके माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि मोबाइल का गलत इस्तेमाल उन्हें परेशानी में डाल सकता है। इसलिए मोबाइल फोन का सही इस्तेमाल करना चाहिए।
एसीपी ने बताया कि पुलिस द्वारा कभी भी किसी को कॉल या वीडियो कॉल अथवा मैसेज करके डिजिटल अरेस्ट नहीं किया जाता है। अगर कोई ऐसा करता है तो समझ जाएं कि साइबर क्रिमिनल की कॉल है। ऐसे में तुरंत कॉल को काट कर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूक रहकर ही साइबर क्राइम का शिकार होने से बचा जा सकता है।
एसीपी ने बताया कि साइबर अपराध करने वाले परिचित, मित्र या रिश्तेदार बनकर कॉल कर सकते हैं। वह पहले कॉल अटेंड करने वाले व्यक्ति से उनके खाते में रुपये भेजने की बात कहेंगे। बाद में ज्यादा रकम आने का झांसा देकर लोगो के खाते में आई रकम के साथ साथ खाते में जमा रकम को निकाल सकते हैं। इसलिए ऐसी कॉल आने पर पहले कन्फर्म कर लें कि कॉल करने वाला परिचित है या साइबर अपराधी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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