आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। परिवहन विभाग द्वारा छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ाते हुए 14 से 19 सितंबर तक मिशन सेफ फ्यूचर-3 अभियान चलाए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत छात्राओं को ले जाने वाली हर स्कूल बस में महिला अटेंडेंट की मौजूदगी अनिवार्य कर दी गई है।
एआरटीओ प्रशासन विनय कुमार ने बताया कि जांच के दौरान बस में महिला अटेंडेंट नहीं होने पर संबंधित स्कूल और वाहन संचालक पर दस हजार रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। वही बच्चों की सुरक्षा के लिए अब हर विद्यालय में परिवहन सुरक्षा समिति बनाना अनिवार्य होगा।
यह समिति स्कूल में संचालित और संबंद्ध वाहनों की नियमित निगरानी करेगी। उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षित यात्रा की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होगी। चालकों का वैध लाइसेंस, पुलिस सत्यापन और स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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