आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। सरकारी राशन की दुकानों पर अब उपभोक्ताओं को राशन के साथ दूध, बिस्किट, मसाले और बच्चों के कपड़े सहित 35 तरह की वस्तुएं भी मिलेंगी। राशन विक्रेताओं की आय बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने इसकी मंजूरी दे दी है। हालांकि राशन विक्रेता किसी भी उपभोक्ता पर जबरन सामान खरीदने के लिए दबाव नहीं बना सकेंगे। शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ करवाई होगी।
अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) अजय नारायण सिंह ने आईएस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए बताया कि जिले में 1,200 राशन दुकानें हैं। व्यवस्था मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को लोकल स्तर पर जरूरत का सामान उपलब्ध कराने के साथ ही और राशन विक्रेताओं की आय में वृद्धि करना है।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि अब सभी राशन की दुकानों पर पैक्ड दूध, ब्रेड, घी, सूखे मेवे, मसाले, बच्चों के कपड़े, छाता, रेन कोट, टॉर्च, बर्तन धोने वाला साबुन और इलेक्ट्रिक सामान सहित 35 तरह की वस्तुएं मिलेंगी। इसके अलावा राशन विक्रेताओं द्वारा हैंड वॉश, शेविंग किट, डायपर, साबुन, बेबी केयर प्रोडक्ट भी बेचे जा सकेंगे।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश दिए गए हैं कि राशन विक्रेता केवल उन्हीं उत्पादों की बिक्री करेेंगे जो एफएसएसएआई के मानकों का पालन करती हों और सक्षम विभाग द्वारा विधिवत प्रमाणित हों। उन्होंने बताया कि राशन विक्रेताओं द्वारा बेचे जाने वाले उत्पादों को खरीदने के लिए उपभोक्ताओं पर दबाव नहीं बनाया जा सकेगा। अगर किसी राशन विक्रेता के खिलाफ कोई शिकायत आएगी तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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