आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण वायरल बुखार, गले में दर्द, खराश, सिर व बदन दर्द, कमजोरी और थकान के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। घर में किसी एक सदस्य को वायरल बुखार होने पर सावधानी नहीं बरतने से घर के अन्य सदस्यों को भी वायरल बुखार अपनी चपेट में ले रहा है।
एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर आशीष गौतम ने बताया कि बरसात के मौसम में कभी तापमान कम हो जाता है तो कभी धूप निकलने से गर्मी बढ़ जाती है। इस वजह से वायरल बुखार के साथ गले में खराश, दर्द, सूजन, छाती में जकड़न, तेज बुखार, सिर में दर्द जैसी परेशानी हो रही हैं। संक्रामक होने के कारण अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
कमला नगर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर युवराज सिंह ने बताया कि घर में किसी को भी वायरल बुखार होने पर मरीज को अन्य सदस्यों से दूर रखें। खांसते व छींकते समय मुंह पर रुमाल रखें, चेहरे पर मास्क लगाना सबसे अच्छा उपाय है। कुछ भी खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह साफ करें।
डॉक्टर सिंह ने बताया कि बच्चों को ठंडे पेय, कच्ची बर्फ, फ्रिज का ठंडा पानी, आइसक्रीम, फास्ट फूड, बाहर का भोजन, पहले से कटे रखे फल आदि देने से बचें। वायरल बुखार आने पर बच्चों को स्कूल नहीं भेजें। सोते समय मच्छरों से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह ढकें और अच्छी क्वालिटी की मच्छर रोधी क्रीम या लिक्विड का प्रयोग करें। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें