रविवार, 30 जून 2024

गलत खानपान से हो रहे हैं मूत्राशय संबंधी रोग

@ बहुत अधिक मात्रा में फास्ट फूड, कोल्डड्रिंक, रंगबिरंगे शीतल पेय, शराब, तंबाकू आदि के सेवन से मूत्राशय संबंधी रोग हो रहे हैं। इनमें बार-बार मूत्र आना, मूत्र विसर्जन के समय जलन होना, मूत्र के वेग को नहीं रोकने से यूरिन लीक होने जैसी समस्याएं शामिल हैं। 

@ धूम्रपान, लगातार देर तक बैठे रहने, खराब फिटनेस, पौष्टिक भोजन नहीं करने और फास्ट फूड का ज्यादा सेवन करने के कारण नपुंसकता और शारीरिक क्षमता में कमी आने के मामलों में भी वृद्धि हो रही है। 

@ पानी कम पीने, तंबाकू खाने, खारा पानी पीने और नमक का ज्यादा सेवन करने से पथरी की समस्या भी होने लगती है। 

@ बचाव के लिए रोजाना तीन से पांच लीटर पानी पीना चाहिए। एल्कोहल, तंबाकू, धूम्रपान, नशाखोरी, फास्ट फूड, जंक फूड, तला हुआ भोजन और अधिक नमक का प्रयोग नहीं करना चाहिए। नियमित व्यायाम और पौष्टिक भोजन के सेवन से कई रोगों से बचा जा सकता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

शनिवार, 29 जून 2024

कई मौसमी बीमारियों से बचाती है नाशपाती

# मानसून में आने वाली नाशपाती शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। यह फ्लेवोनोइड्स का एक ऐसा स्रोत है, जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में शरीर को कई मौसमी बीमारियों से बचाता है। 

# नाशपाती में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी, पोटेशियम, फोलेट, कॉपर, मैंगनीज, फाइबर, एंथोसायनिन आदि तत्व मौजूद रहते हैं। जिससे शरीर में सूजन, कब्ज, डायबिटीज, कॉलेस्ट्रोल, हाई ब्लडप्रेशर, त्वचा से संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है। 

# आयुर्वेद के अनुसार नाशपाती वात, पित्त व कफ दोषों को दूर करती है, वीर्य वर्धक है, आमाशय, लिवर, फेफड़े, हृदय और मस्तिष्क की कमजोरी को दूर करती है। मूत्राशय में जलन होने पर नाशपाती के सेवन से आराम मिलता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यू़ज़लाइन ब्यूरो) 

शुक्रवार, 28 जून 2024

प्रोटीन की कमी हो तो करें मूंग की दाल का सेवन

# शरीर में प्रोटीन, पोटेशियम, जिंक, आयरन और फाइबर की पूर्ति के लिए मूंग की दाल का सेवन किया जा सकता है। इसके सेवन से शरीर की मांसपेशियों के निर्माण और रखरखाव में मदद मिलती है। 

# मूंग की दाल के सेवन से हृदय स्वस्थ रहता है, त्वचा व बालों की कोशिकाओं का विकास होता है, ब्लडप्रेशर व कॉलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है, पाचन क्रिया बेहतर होने से कब्ज से बचाव होता है। 

# मूंग की दाल में ग्लाइसेमिक इंडेक्स यानि जीआई कम होता है। इसलिए इसके सेवन से रक्त शर्करा में वृद्धि नहीं होती। यह डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद है। 

# आयुर्वेद के अनुसार मूंग की दाल वात, पित्त और कफ दोषों को दूर करने वाली, ज्वर नाशक, शीतल, मधुर और नेत्रों के लिए गुणकारी है।

# मूंग की दाल और चावल की खिचड़ी, मूंग की दाल से हलवा, लड्डू, पापड़, बड़ी आदि बना कर भी सेवन किया जा सकता है। - प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

गुरुवार, 27 जून 2024

स्वस्थ रहने के लिए करें शारीरिक श्रम

@ शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बने रहने के लिए डॉक्टर की पूर्व सलाह के अनुसार हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट मध्यम या तीव्रता वाले अथवा 75 मिनट तीव्रता वाला शारीरिक श्रम करना आवश्यक है। 

@ शारीरिक श्रम में योग, प्राणायाम, आसन, पैदल चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, रस्सी कूदना, तैरना आदि शामिल हैं। 

@ लंबे समय तक शारीरिक श्रम नहीं करने वाले लोगों में डायबिटीज, हृदय व पेट के रोग, गैर संचारी रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सेहत के लिए आवश्यक है ट्रास फैट नियंत्रण

# वसा और तेल युक्त आहार में मौजूद ट्रांस फैट या ट्रांस फैटी एसिड के अत्यधिक सेवन से डायबिटीज, धमनियों में अवरुद्धता, हृदय, मस्तिष्क और लिवर से संबंधित बीमारी होने की आशंका बनी रहती है। 

# बचाव के लिए वसा और तेल युक्त आहार जंक फूड या अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड के सेवन से परहेज करना चाहिए। ऐसे आहार के सेवन के तुरंत बाद ठंडा पानी, आइसक्रीम, कुल्फी व कोल्डड्रिंक का सेवन करने की बजाय थोड़ी मात्रा में गुनगुना पानी पीना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सोमवार, 24 जून 2024

ब्लडप्रेशर कंट्रोल करने में सहायक है लीची

# लीची गरमी के मौसम में आने वाला एक ऐसा उपयोगी फल है जो ब्लडप्रेशर को कंट्रोल करने, पाचन क्रिया को बढ़ाने, कब्ज को कम करने के साथ साथ टेंशन, डायबिटीज, हृदय रोग, त्वचा रोग, डिहाइड्रेशन और वजन को कंट्रोल करने में लाभकारी माना गया है। 

# लीची में पोटेशियम, एंटी इंफ्लेमेटरी तत्व, एंटी ऑक्सीडेंटऑक्सीडेंट, विटामिन ई आदि पाए जाते हैं। 

# आयुर्वेद के अनुसार लीची शरीर से पित्त को दूर करती है तथा शरीर में ऊर्जा का संचार करती है। इसलिए गरमी में लीची का सेवन अवश्य करना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 

शुक्रवार, 21 जून 2024

कोई भी पेड़ काटा तो होगी एफआईआर

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में शामिल किसी भी जिले में किसी भी प्रकार के पेड़ को काटने से पहले सुप्रीम कोर्ट से पूर्व अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति पेड़ काटने पर पेड़ के स्वामी और काटने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। 

     सामाजिक वानिकी के प्रभागीय निदेशक आदर्श कुमार ने बताया कि ताज ट्रेपेजियम जोन के अंतर्गत आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस, एटा और भरतपुर जिले आते हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जोन में कोई भी पेड़ काटने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यहां तक कि उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत प्रतिबंधित और छूट प्रजातियों के वृक्षों को भी टीटीजेड में सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना नहीं काटा जा सकता है। 

     निदेशक ने बताया कि टीटीजेड में शामिल आगरा जिले में किसी भी प्रकार के पेड़ों को काटने से पहले अनुमति लेना आवश्यक है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में योजित याचिका एमसी मेहता बनाम भारत संघ व अन्य का हवाला देकर अनुमति लेनी होगी। अगर बिना अनुमति लिए किसी भी प्रकार के पेड़ को काटा गया तो वृक्ष के स्वामी और काटने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

गुरुवार, 20 जून 2024

डायबिटीज और वजन घटाने की दवाओं से हो सकता है पेट में लकवा

 एक मेडिकल रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार डायबिटीज और वजन घटाने की दवाओं के अधिक सेवन से मरीज को पेट में लकवा भी हो सकता है, जिसे मेडिकल का भाषा में गैस्ट्रोपैरेसिस कहा जाता है। इस बीमारी में पेट की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और भोजन की पाचन क्रिया बाधित होने लगती है।

    इससे बचने के लिए डॉक्टर की सलाह के बिना कभी भी डायबिटीज और वजन घटाने की दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए और न ही अपनी मर्जी से दवाओं का सेवन बंद करना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

ज्यादा प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के सेवन से स्ट्रोक का खतरा

  बहुत ज्यादा प्रोसेस किए जाने वाले खाद्य पदार्थों (अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स) जैसे चिप्स, बर्गर फ्राइज, कैंडी आइसक्रीम, सॉफ्टड्रिंक आदि के बहुत ज्यादा सेवन से शारीरिक और मानसिक बीमारी होने खतरा होता है। 

    जर्मन न्यूरोलॉजी में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जो लोग बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करते हैं, उनमें सोचने-समझने, पढ़ने, सीखने और याद रखने की क्षमता में कमी आने एवं स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। 

  रिपोर्ट के अनुसार अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स में वास्तविक खाद्य पदार्थ की प्राकृतिक संरचना बदल जाती है। इसमें चीनी नमक और वसा की मात्रा ज्यादा होती है, जबकि प्रोटीन तथा फाइबर कम मात्रा में होते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन किया जाए तो सेहत को कोई नुकसान नहीं होता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

डीबीआरएयू में पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया शुरू

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत पंद्रह सौ से अधिक सीटों के लिए 30 जून तक आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। 

    डीन रिसर्च प्रोफेसर बीपी सिंह ने बताया कि पीएचडी में प्रवेश प्रक्रिया 2018 के ऑर्डिनेंस के आधार पर कराई जा रही है। कुल 55 विषयों में 1500 सीटों पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा इस बार पार्ट टाइम पीएचडी भी कराई जाएगी। इसका लाभ उन लोगों को मिलेगा जो नौकरी करने के कारण पीएचडी नहीं कर पा रहे हैं। 

   कुलपति प्रोफेसर आशु रानी ने बताया कि पार्ट टाइम पीएचडी के लिए राजभवन से अनुमति प्राप्त हो गई है। पीएचडी के दौरान नौकरी लगने पर शोधार्थी पार्ट टाइम पीएचडी के लिए आवेदन कर सकेगा। पार्ट टाइम पीएचडी की न्यूनतम सीमा चार वर्ष होगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

शुक्रवार, 14 जून 2024

गंगा तेरा पानी अमृत...

भारत की परंपरा और संस्कृति को अपने में समाहित किये पतित पावनी गंगा सदियों से समस्त प्राणियों के कल्याण का पर्याय बनकर इस धरा पर प्रवाहित हो  रही है। गंगा महज एक नदी मात्र ही नहीं है, बल्कि इस धरती को सिंचित कर अन्न उत्पादन करने वाली वह जीवन धारा है जिसका अमृत तुल्य जल लाखों-करोडों लोगों की आस्था का प्रतीक है। गंगा के पवित्र जल में डुबकी लगाकर एवं उसका आचमन करके लोग अपने को धन्य मानते हैं। माना जाता है कि गंगा का अवतरण ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हुआ था, इसलिए यह तिथि गंगा दशहरा के नाम से जानी जाती है।

गंगा के  विभिन्न नाम :

पौराणिक कथा के अनुसार कपिल मुनि के श्राप से भस्म हुए अपने साठ हजार पूर्वजों की मुक्ति के लिए राजा भगीरथ ने कठोर तप करके देवनदी गंगा को धरती पर उतारने का वरदान प्राप्त किया था। तत्पश्चात गंगा के वेग को सहन करने के लिए भगवान शिव की तपस्या करके उन्हें प्रसन्न किया। शिव की जटाओं से होती हुई गंगा ब्रह्मा द्वारा निर्मित बिन्दुसर सरोवर में उतरीं और वहां से पृथ्वीलोक पर अवतरित हुई। अपने पवित्र जल के स्पर्श से राजा भगीरथ के पूर्वजों को मोक्ष देने के कारण गंगा भागीरथी कहलायी। पाताल लोक में नाग योनियों के जीवों का तारण करने के कारण गंगा को भोगवती कहा गया। राजश्री जहु को पिता के समान सम्मान देने से गंगा का एक नाम जाह्नवी भी है। त्रिलोक में त्रिपथगा, स्वर्ग में मंदाकिनी एवं सुरसरि तथा भगवान विष्णु के बाएं पैर के अंगुष्ठ से प्रादुर्भाव होने से गंगा का नामकरण विष्णुपदी भी हुआ।

गंगा के पूजन की विधि :

गंगा दशहरा पर गंगा नदी में स्नान करना अत्यंत ही शुभ माना गया है। अगर किसी कारण से गंगा में स्नान का अवसर न मिले तो  सादा जल में गंगा जल मिलाकर स्नान करना भी शुभ होता है। गंगा स्नान के बाद गंगा जी का पूजन दस प्रकार के पुष्प, दस प्रकार के फल, दस दीपक, दस तांबूल, दशांग धूप  आदि के साथ करना चाहिए तथा श्रद्धानुसार दस गरीबों एवं जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा देना चाहिए। गंगा दशहरा पर विधि-विधान से गंगा का पूजन और किया गया दान तीन कायिक, तीन मानसिक एवं चार वाचिक - इन दसों प्रकार के पापों का नाश कर देता है।

गंगा पूजन का संदेश :

धरती पर अनवरत बहना गंगा का स्वभाव है। गंगा जब तक शांत एवं गंभीर रहती है, बिना किसी भेदभाव के समस्त जीवों को तृप्त और सुख प्रदान करती है। इस स्थिति में गंगा हमें गम्भीर, शांत एवं सदैव गतिशील बनकर कर्म करते रहने का संदेश देती है। वहीं  स्वार्थ के लिए गंगा को अपवित्र बनाने एवं गंगा जल का  दोहन करने का कृत्य गंगा को असहनीय हो जाता है। तब गंगा क्रोधित होकर अपने जल के अनियंत्रित उफान से अपनी पवित्रता को बनाये रखने के लिए पापियों  सर्वनाश \करने लग जाती है। इसलिए गंगा दशहरा, गंगा के मूल स्वरुप को बनाये रखने और गंगा की निर्मल एवं शुद्ध जल धारा की पवित्रता को बनाए रखने का संदेश देती है।  --  प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 

गुरुवार, 13 जून 2024

वृद्धावस्था में स्वस्थ रहने के आसान तरीके

@ दिनचर्या को व्यवस्थित बनाते हुए ताजा, गर्म और पौष्टिक भोजन लें। 

@ सुबह और शाम शारीरिक क्षमता के अनुसार व्यायाम, योग, प्राणायाम, टहलने की आदत बनाएं। 

@ ठोस आहार की जगह तरल पदार्थ, फलों के रस, सब्जियों के सूप, दलिया, खिचड़ी आदि का सेवन करें। संभव हो तो सप्ताह में एक बार उपवास रखें। 

@ फ्रिज का पानी, कोल्डड्रिंक, आइसक्रीम, फास्ट फूड, डिब्बा बंद आहार, बेकरी प्रोडक्ट्स, मिर्च मसालेदार या अधिक वसायुक्त भोजन करने से बचें। 

@ अगर किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा लेना बंद करें। अपनी मर्जी से या किसी भी व्यक्ति की सलाह से कोई भी दवा नहीं लें और न ही बंद करें। 

@ मानसिक स्वास्थ्य बरकरार रखने के लिए भरपूर नींद लें, तनाव, चिंता क्रोध आदि से मुक्त रखने के लिए अपने को व्यस्त रखें।

@ छोटी मोटी स्वास्थ्य समस्या होने पर एलोपैथिक दवाओं के सेवन की जगह आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह लें और नेचुरोपैथी नियमों का पालन करें। @ प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा

बुधवार, 5 जून 2024

किराये पर साइकिल लेकर घूम सकते हैं आगरा

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। ताजनगरी में अब लोगों को जल्द ही ई-साइकिल की सुविधा मिलने जा रही है। स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा इसके लिए पचास ई-साइकिल की खरीद की गई है। यह साइकिल लोगों को बहुत कम किराये पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए दो सौ रुपये सिक्योरिटी धनराशि जमा करनी होगी। जो साइकिल वापस करने पर लौटा दी जाएगी। 

     स्मार्ट सिटी के मैनेजर अरुण कुमार ने बताया कि शहर के विभिन्न स्थानों पर एक हजार ई-साइकिल संचालित करने की योजना है। इनके लिए निर्धारित स्थलों पर एक सौ चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। चार्जिंग खत्म हो जाने की स्थिति में इन साइकिलों को पैडल से भी चलाया जा सकेगा। एक बार चार्ज होने के बाद साइकिल पच्चीस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अस्सी किलोमीटर तक चल सकेगी। 
   मैनेजर ने बताया कि ई-साइकिल में जीपीएस लगा होगा। इससे लोकेशन मिलती रहेगी। इनकी जीओ फेंसिंग भी की गई है, जिससे कि इन्हें निर्धारित सीमा से बाहर नहीं ले जाया सकेगा। अगर कोई ऐसा करता है तो साइकिल में लॉक लग जाएगा। साइकिल का किराया दस रुपये से लेकर साठ रुपये तक रखा गया है। 
    उन्होंने बताया कि ई-साइकिल का किराया एक साल के लिए एक हजार रुपये, तीन महीने के लिए तीन सौ रुपये एक महीने के लिए एक सौ पचास रुपये, प्रतिदिन टूरिस्ट कार्ड के लिए पचास रुपये और ताज कॉरिडोर टू वे पास के लिए पंद्रह रुपये रखा गया है। ई-साइकिल को माई बाइसाइकिल्स एप से संचालित और ऑन-ऑफ किया जा सकेगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

मंगलवार, 4 जून 2024

मनचाहे ढाबे पर बस नहीं रोक सकेंगे चालक-परिचालक

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों को अब चालक-परिचालक मनचाहे ढाबे पर नहीं रोक सकेंगे। शिकायत मिलने पर ऐसे चालक-परिचालक के खिलाफ निगम द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाएगी। 

    निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि परिवहन निगम द्वारा प्रत्येक मार्ग पर ढाबे अधिकृत किए गए हैं। जहां चालक-परिचालक के साथ यात्री भी भोजन करते हैं। अनुबंधित ढाबे के स्वामी निगम को इसके एवज में शुल्क का भुगतान करते हैं। निगम को इस आशय की शिकायत मिल रही थी कि बसों के चालक-परिचालक अनुबंधित ढाबे की जगह अपनी सेटिंग वाले ढाबे पर बसों को रोकते हैं। जहां यात्रियों से मंहगे दामों पर खाद्य पदार्थों के लिए वसूली की जाती है। 
   प्रबंधक ने बताया कि परिवहन निगम के मुख्यालय से सभी क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र जारी किया गया है जिसमें अनुबंधित ढाबे की जगह मनपसंद ढाबे पर बसों को रोकने वाले चालक-परिचालक के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यालय के पत्र के अनुपालन में निगम की प्रवर्तन टीम को ऐसी बसों की लिस्ट बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। इसके बाद ऐसे चालक-परिचालक के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की जाएगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सोमवार, 3 जून 2024

बकाया जमा नहीं कराने पर ब्लैक लिस्ट होगा वाहन

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। राजस्व वसूली का टारगेट पूरा करने के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन द्वारा कॉमर्शियल वाहनों के टैक्स बकायेदारों को अल्टीमेटम दे दिया गया है। जो बकायेदारों बकाया टैक्स जल्द जमा नहीं कराएंगे, तो उनके वाहनों को ब्लैक लिस्ट करने के साथ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। 

  एआरटीओ प्रशासन एनसी शर्मा ने बताया कि टैक्स चोरी करने वाले हर तहसील के दस बड़े बकायेदारों के होर्डिंग कार्यालय की दीवारों पर लगा दिए गए हैं। शहर में मन द रोड 48,099 वाहन दौड़ रहे हैं, जिनमें से मोटर,कैब, मैक्सी कैब पर 14.37 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है।वहीं बडे़ वाहनों पर 1.25 करोड़ रुपये, मिनी बसों पर तीस लाख रुपये और ई रिक्शा पर चार करोड़ रुपये का टैक्स बकाया चल रहा है। 
    उन्होंने बताया कि संभागीय परिवहन विभाग के बाबू हर बकायेदार को फोन करके बकाया जमा करने के लिए बोल रहे हैं। इसके अलावा घर घर जाकर भी समन्वय किया जा रहा है। अगर इसके बाद भी बकायेदारों द्वारा टैक्स जमा नहीं कराया जाता है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। वाहनों को ब्लैक लिस्ट करने के साथ ही वाहनों को बंद कर दिया जाएगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट इलाहाबाद के महत्वपूर्ण आदेश

 Please click, subscribe and share our YouTube Channel 'Newsline Nation' : Pramod Kumar Agrawal