@ दिनचर्या को व्यवस्थित बनाते हुए ताजा, गर्म और पौष्टिक भोजन लें।
@ सुबह और शाम शारीरिक क्षमता के अनुसार व्यायाम, योग, प्राणायाम, टहलने की आदत बनाएं।
@ ठोस आहार की जगह तरल पदार्थ, फलों के रस, सब्जियों के सूप, दलिया, खिचड़ी आदि का सेवन करें। संभव हो तो सप्ताह में एक बार उपवास रखें।
@ फ्रिज का पानी, कोल्डड्रिंक, आइसक्रीम, फास्ट फूड, डिब्बा बंद आहार, बेकरी प्रोडक्ट्स, मिर्च मसालेदार या अधिक वसायुक्त भोजन करने से बचें।
@ अगर किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा लेना बंद करें। अपनी मर्जी से या किसी भी व्यक्ति की सलाह से कोई भी दवा नहीं लें और न ही बंद करें।
@ मानसिक स्वास्थ्य बरकरार रखने के लिए भरपूर नींद लें, तनाव, चिंता क्रोध आदि से मुक्त रखने के लिए अपने को व्यस्त रखें।
@ छोटी मोटी स्वास्थ्य समस्या होने पर एलोपैथिक दवाओं के सेवन की जगह आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह लें और नेचुरोपैथी नियमों का पालन करें। @ प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा
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