आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। मरीज को होने वाली बीमारी, उसकी सभी जांच और इलाज की पूरी जानकारी अब डिजिटल होने जा रही है। इससे मरीज की आईडी बना कर उसके पूरे रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जा सकेगा और भविष्य में कहीं भी इलाज कराने के दौरान देखा जा सकेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अस्पताल, क्लीनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर, मेडिकल स्टोर, पैथोलॉजी लैब संचालकों के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। जिले में 1250 चिकित्सकीय संस्थान और छह हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर हैं। मिशन में मरीज का नाम, उम्र, बीमारी के अलावा जांच व इलाज करने वाले डॉक्टर का नाम दर्ज होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मरीज की रक्त संबंधी जांच, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई सहित अन्य सभी जांच रिपोर्ट का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा मेडिकल स्टोर द्वारा मरीज को दी गई दवाओं से संबंधित बैच नंबर, एमआरपी निर्माता कंपनी, एक्सपायरी डेट आदि जानकारी भी दर्ज करनी होगी। इससे मरीज का डिजिटल लॉकर बन जाएगा। जिसकी आईडी से मरीज की बीमारी और इलाज का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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