आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)।जनपद के महिला थाने में अब घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न के साथ दुष्कर्म व छेड़छाड़ के मुकदमे भी दर्ज हो सकेंगे। पीड़िता चाहे किसी भी थाना क्षेत्र की रहने वाली हो और घटना किसी भी थाना क्षेत्र में हुई हो, महिला थाने में पीड़िता का मुकदमा दर्ज किया जाएगा और मामले की जांच व सुनवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर जे रविन्दर गौड द्वारा यह नई व्यवस्था लागू की गई है।
एसीपी सैय्यद अरीब अहमद ने बताया कि आगरा कमिश्नरेट के सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनी हैं, जहां महिलाओं की सुनवाई महिला पुलिसकर्मी द्वारा की जाती हैं। थाने पर पारिवारिक विवाद में काउंसलिंग भी होती रही है, परंतु अब थाने में काउंसलिंग की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा महिला थाने को भी महिलाओं से संबंधित सभी अपराधों की रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसीपी ने बताया कि दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के मामले में महिला थाना एवं परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलिंग की व्यवस्था थी। अब महिला थाने में होने वाली काउंसलिंग को भी बंद कर दिया गया है। अब सिर्फ परिवार परामर्श केंद्र में ही काउंसलिंग की जाएगी, क्योंकि वहां विशेषज्ञ रहते हैं। परिवार परामर्श केंद्र में पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुना जाता है और दोनों पक्षों को बुला कर काउंसलिंग की जाती है। काउंसलिंग में बात नहीं बनने पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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