आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब पर्सन इंचार्ज के तौर पर एक ही अस्पताल को लाइसेंस दिए जाने का निर्णय लिया गया है। एक से अधिक का होने पर आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। वहीं एक डिग्री पर एक से अधिक हॉस्पिटल का आवेदन भी रद्द होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में अस्पतालों के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन आ रहे हैं। इनमें नए अस्पतालों के लिए भी आवेदन शामिल हैं। कुछ आवेदनों में तीन डॉक्टरों ने एक से अधिक अस्पताल में पर्सन इंचार्ज के तौर पर आवेदन किया है।
उन्होंने बताया कि नियमानुसार पर्सन इंचार्ज के तौर पर एक डॉक्टर एक ही अस्पताल में सेवा दे सकता है। वहीं पैथोलॉजिस्ट तीन लैब और रेडियोलॉजिस्ट दो अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत कर सकते हैं। इसके लिए चिकित्सक को संबंधित लैब सेंटर में कितने समय तक सेवा देनी होगी, इसका शपथ पत्र में उल्लेख करना होता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि चिकित्सकीय संस्थान लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 30 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। बीते साल 1385 चिकित्सीय संस्थान पंजीकृत हुए थे। इनमें से करीब 480 के अधूरे मानक मिलने पर एक साल के लिए ही लाइसेंस का नवीनीकरण किया गया था।
इनकी मार्च में लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के कारण अब इन्हें नए सिरे से आवेदन करना होगा। अब अधूरे मानकों वाले अस्पतालों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। पर्सन इंचार्ज के तौर पर एक ही अस्पताल को लाइसेंस जारी किया जाएगा। एक से अधिक होने पर लाइसेंस आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)