आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। पुलिस कमिश्नरेट आगरा में पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार द्वारा पुलिस कर्मियों के लिए सोशल मीडिया पॉलिसी जारी की गई है। अब पुलिसकर्मी वर्दी पहनकर रील नहीं बना सकेंगे और न ही कार्यस्थल के फोटो और वीडियो पोस्ट कर सकेंगे। जारी की गई पॉलिसी के तहत सोशल मीडिया का गैर जिम्मेदाराना उपयोग करने पर दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि पुलिस कर्मियों के लिए जारी सोशल मीडिया पॉलिसी का पालन सभी को करना होगा। इसके तहत ड्यूटी के दौरान या कार्य स्थल थाना, पुलिस लाइन, कार्यालय पर वर्दी में वीडियो व रील बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। ड्यूटी के बाद भी वर्दी पहनकर ऐसी कोई सामग्री पोस्ट नहीं की जा सकेगी।
डीसीपी सिटी ने बताया कि हथियारों के साथ फोटो खिचाना, फायरिंग या पुलिस ड्रिल का लाइव टेलीकास्ट करना भी अनुशासनहीनता की श्रेणी में आएगा। अब सहायक पुलिस आयुक्त स्तर से नीचे के अधिकारी सीधे मीडिया में बयान या बाइट नहीं दे सकेंगे। सभी प्रेस नोट संबंधित जोन के मीडिया सेल की ओर से अनुमोदित होने के बाद ही साझा किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पॉलिसी के तहत महत्वपूर्ण वीवीआईपी और वीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी भी प्रकार की पोस्ट डालने पर रोक लगा दी गई है। पुलिसकर्मी विभाग की जानकारी से संबंधित वीडियो और ऑडियो किसी को नहीं देंगे और किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डाउनलोड नहीं करेंगे। इसके लिए शासन से अनुमति आवश्यक होगी। पुलिसकर्मी ऐसी कोई जानकारी भी साझा नहीं करेंगे जो विभागीय नियुक्ति के कारण प्राप्त हुई हो।
मीडिया पॉलिसी में यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया पर किसी को कॉल करने या मैसेज करने पर भी रोक लगा दी गई है। यदि कोई पुलिसकर्मी नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पॉलिसी का उद्देश्य पुलिस बल को उनके मूल कर्तव्य के प्रति अधिक सजग बनाना है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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