आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। डिजिटल अरेस्ट सहित सभी तरह से होने वाले साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए आगरा कमिश्नरेट पुलिस बैंकों की मदद ले रही है। इसके लिए डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार द्वारा बैंकों के प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर साइबर अपराधों में तुरंत प्रभावी कार्रवाई पर विचार विमर्श किया गया।
डीसीपी साइबर क्राइम ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट और अन्य बहुत से तरीके अपना कर साइबर अपराधी लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे मामलों में पीड़ितों को तुरंत राहत दिलाने के लिए आगरा कमिश्नरेट पुलिस, बैंक के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर रही है। सभी बैंक अधिकारियों को साइबर ठगी के मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने और पीड़ितों की रकम सुरक्षित रखने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
डीसीपी साइबर क्राइम ने बताया कि साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अब समय समय पर बैठकों का आयोजन किया जाएगा, संदिग्ध लेनदेन पर तत्काल रोक लगाने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, साइबर फ्रॉड की सूचना मिलते ही गोल्डन आवर में तुरंत कार्रवाई की जाएगी और लोगों को जागरूक करने के लिए संयुक्त अभियान चलाया जाएगा।
डीसीपी साइबर क्राइम ने बताया कि सभी बैंकों में साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे, संबंधित पुलिस थाना और चौकी प्रभारियों द्वारा समय समय पर बैक शाखाओं में चेकिंग की जाएगी, बैंक स्तर पर नोडल अधिकारियों की सक्रियता बढ़ाने के साथ साथ शक होने पर बैक के शाखा प्रबंधक द्वारा साइबर फ्रॉड की जानकारी संबंधित पुलिस थाना और चौकी को भेजी जाएगी। (न्यूजलाइन ब्यूरो)
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