इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने कहा है कि पति-पत्नी के बीच वैवाहिक संपत्ति और बच्चे की कस्टडी को लेकर रिश्तों में आई कड़वाहट में नाबालिग बच्चों को मोहरा नहीं बनाया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने कहा कि ये प्रवृत्ति चिंताजनक ही नहीं, बल्कि खतरनाक भी है। लिहाजा अदालतों को बच्चों की गवाही पर भरोसा करते समय सर्तकता बरतनी चाहिए। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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