आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। पुलिस, सीबीआई, एटीएस, एनसीआरबी या अन्य सुरक्षा एजेंसी का अधिकारी बन कर लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके उनसे लाखों करोड़ों रुपए ठगने वाले साइबर अपराधियों से बचने के लिए जागरुकता बहुत जरूरी है। अपने परिजन और बुजुर्गों को भी जागरूक करें।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी नए नए तरीके अपनाकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके डरा धमका कर उनसे वसूली करते हैं। इस तरह की घटनाओं का शिकार होने से बचने के लिए जागरूक होने की आवश्यकता है। अगर कोई व्यक्ति ऐसी घटना से पीड़ित हुआ है तो उसे तत्काल अपने क्षेत्र के पुलिस थाना या साइबर सेल में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जितना जल्दी रिपोर्ट होगी, उतनी ही तेजी से पुलिस जानकारी कर साइबर अपराधियों का पता लगा सकेगी।
डीसीपी ने बताया कि कोई भी जांच एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी, पूछताछ या धन ट्रांसफर नहीं कराती है। इसलिए किसी भी व्यक्ति को डर कर आधार, बैंक विवरण, ओटीपी या निजी जानकारी साझा न करें। इसी तरह किसी अज्ञात लिंक, स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एप इंस्टॉल न करें। ऐसे कॉल पर तुरंत फोन काट दें और बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। (न्यूजलाइन ब्यूरो)
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