नवयुगल के मध्य अच्छे संबंध, शांति, प्रेम और इच्छित संतान प्राप्ति के लिए वास्तु शास्त्र में कुछ नियम दिए गए हैं। सानंद जीवन के लिए नवविवाहित जोड़े को पश्चिम दिशा में बना बेडरूम देना चाहिए।
वहीं गर्भवती महिला को कभी भी उत्तर-पूर्व (ईशान केण) और दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) में बने कमरे में नहीं सुलाना चाहिए। उसके कमरे में न तो अंधेरा रहे और न ही कमरे की दीवारों पर गहरा लाल, काला या कोई अन्य तड़क-भड़क वाला रंग हो रहा हो।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि बच्चे के जन्म के बाद महिला और बच्चे को पश्चिम दिशा में बने उस कमरे में सुलाएं जिसमें शुद्ध हवा के लिए पूर्व या उत्तर दिशा में खिड़कियां हों। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा।
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