आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। मुख्य कोषाधिकारी श्रीमती रीता सचान ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत दिनों साइबर ठगों द्वारा पेंशनरों को डिजिटल अरेस्ट कर कई लाख रुपए विभिन्न एकाउंट में ट्रांसफर करा लिए गए। ऐसी स्थिति में पेंशनरों को सचेत रहने की आवश्यकता है।
मुख्य कोषाधिकारी ने कहा कि पेंशनर किसी भी अनजान कॉल को न उठाएं तथा किसी के धमकाने और झूठा भय दिखाकर डराने पर अंजान लोगों के जाल में न फंसे और न ही किसी लालच में आएं। ऐसी स्थिति आने पर तत्काल परिवार के सदस्यों को तथा पुलिस को सूचित अवश्य करें।
लीड बैंक के मैनेजर ऋषिकेश बनर्जी ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट एक गंभीर साइबर फ्रॉड है, जिसमें अपराधी पुलिस या आरबीआई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर डराते हैं। आरबीआई के अनुसार, ऐसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है और न ही वे वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी करते हैं। सतर्क रहें, पैसे न भेजें, और तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। (न्यूजलाइन ब्यूरो)
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