# यदि घर-परिवार में कोई सदस्य किसी रोग से ग्रस्त हो तो शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए रोगी सदस्य को कमरे की दक्षिण-पश्चिम दिशा (नैरुत्य कोण) में सुलाएं और उसे दी जाने वाली दवाएं उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में रखते हुए ईशान कोण की तरफ मुंह करके ही सेवन कराएं.
# अगर रोगी को बेचैनी, घबराहट व परेशानी अधिक महसूस हो रही हो तो उसके कमरे के ईशान कोण में एक मिट्टी या तांबे के बर्तन में बर्फ के टुकड़े या ठंडा पानी डाल कर रख दें.
# अगर घर के मुखिया या प्रमुख व्यक्ति आए दिन बीमार बने रहते हैं और इलाज के बावजूद स्वास्थ्य में ज्यादा फायदा होता न दिख रहा हो तो घर के नैरुत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम विदिशा) पर नजर डालिए. यदि घर का यह कोना खाली है तो तत्काल इस कोने में भारी सामान रख दें. नैरुत्य कोण में यदि कोई कमरा या कोठरी बनी हुई हो तो उसे कबाड़घर के रूप में उपयोग करना शुरू कर दें.--प्रमोद कुमार अग्रवाल, वास्तु आचार्य एवं लेखक, आगरा।
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