किसी भवन के नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम कोना), आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व कोना) और वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम कोना) की दिशा में गड्ढा या कुआं नहीं होना चाहिए। ऐसा होने से उस भवन में रहने वाले लोगों में आपसी कलह और अशांति बनी रहती है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, वास्तु आचार्य एवं ज्योतिष-वास्तु लेखक, आगरा।
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शनिवार, 17 सितंबर 2022
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