प्रमोद कुमार अग्रवाल
मौसम में बदलाव और बढ़ती गर्मी के चलते त्वचा रोग के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। त्वचा पर किसी तरह की समस्या होने पर फंगल संक्रमण समझकर अपनी मर्जी से किसी भी तरह की क्रीम का इस्तेमाल समस्या को गंभीर बना सकता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के त्वचा रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर यतेंद्र चाहर ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव और बढ़ती गर्मी की वजह से चेहरे, कोहनी, हाथ और पैरों पर रैशेज, खुजली, दाने और सफेद दाग की शिकायत हो सकती है। ये लक्षण फंगल संक्रमण नहीं होते हैं बल्कि गर्मी की वजह से पसीना त्वचा पर चिपकने से एलर्जी और अन्य समस्याओं का रूप हो सकते हैं।
डॉक्टर चाहर ने बताया कि त्वचा में अगर कोई लक्षण दिखाई दें तो त्वचा पर लगाने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड युक्त क्रीम का उपयोग नहीं करना चाहिए। अपनी मर्जी से या केमिस्ट के कहने से कोई भी क्रीम लगाने से बचें। शरीर पर पसीना अधिक देर तक न रहने दें, साफ और सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय त्वचा को ढक कर रखें। अगर समस्या बढ़ रही हो तो तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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