रविवार, 13 अप्रैल 2025

आपसी रिश्तों को प्रभावित कर रहा है मानसिक विकार

   बार-बार हाथ धोना, किसी से मिलने या बाहर से आने के बाद नहाना, बार-बार मोबाइल फोन चेक करना, बार-बार लगाए गए ताले को खींच कर जांचना या फिर बार-बार रुपये गिनना मानसिक विकार के उदाहरण हैं। इन्हें स्वच्छता या सजगता समझ कर लापरवाह नहीं होना चाहिए। वरना मानसिक विकार गंभीर रूप ले सकता है।    आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक प्रोफेसर दिनेश राठौर ने बताया कि एक सामान्य व्यक्ति जब इस तरह की हरकत करने लगे तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि ये ओब्सेसिव कंपल्सिव डिसआर्डर (ओसीडी) होता है। इसमें मरीज को पता होता है कि बार-बार ऐसा करना गलत है, लेकिन वह लगातार करता रहता है क्योंकि ऐसा नहीं करने पर उसे बेचैनी व घबराहट होने लगती है। ऐसे मरीज अपने बच्चों पर भी ऐसा करने के लिए दबाव डालने लगते हैं।

   प्रोफेसर राठौर ने बताया कि मोबाइल फोन और ताला लगाकर बार-बार जांचने जैसे कार्य करने की स्थिति फियर ऑफ मिसिंग आउट (फोमो) कहलाती है। यह स्थिति फोन और इंटरनेट से जुड़े कार्य के दबाव के कारण तनाव होने से बनती है। बहुत से लोगों में इंटरनेट एडिक्शन की वजह से ये विकार पनपता है। युवाओं में ये विकार तेजी से फैल रहा है। मानसिक रोगों की चार मुख्य बीमारियों में ये भी शामिल है। 

   एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के मानसिक रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर विशाल सिन्हा ने बताया कि मानसिक विकारों के कारण मरीजों में बेचैनी, घबराहट, चिंता और चिड़चिड़ापन की समस्या बढ़ जाती है। पारिवारिक रिश्ते प्रभावित होने लगते हैं। यहां तक कि रिश्तों के टूटने की स्थिति आ जाती है। तनाव के चलते कामकाजी लोगों का कार्य और गुणवत्ता भी प्रभावित होने लगती है। ऐसे मरीजों को काउंसलिंग और दवाओं के सेवन से ठीक किया जा सकता है। 
     डॉक्टर सिन्हा ने बताया कि मानसिक विकारों से बचने के लिए अंधविश्वास से बाहर निकलने की जरूरत है क्योंकि बहुत से लोग इसे भूतप्रेत या ऊपरी हवा का असर बता कर टोना टोटका कराने में लग जाते हैं। ओसीडी या फोमो की समस्या होने पर देरी किए बगैर मानसिक रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। मोबाइल फोन और इंटरनेट को जरूरत न बना कर सिर्फ कार्य तक ही सीमित रखने की कोशिश करनी चाहिए। तंबाकू, धूम्रपान, मद्यपान से बचने, भरपूर नींद लेने, ध्यान, योग, व्यायाम की आदत डालने के साथ ही पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

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