गुरुवार, 3 अप्रैल 2025

चिकित्सकीय संस्थानों के पंजीकरण में डॉक्टरों के मोबाइल नंबर लिखना जरूरी

आगरा जिले के चिकित्सकीय संस्थानों के पंजीकरण और लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इन संस्थानों में अब डॉक्टरों के नाम के आगे उनके मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से लिखने होंगे। अगर किसी डॉक्टर के नाम के आगे संचालक का मोबाइल नंबर लिखा मिलेगा तो संस्थान का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। एक अप्रैल से चिकित्सकीय संस्थानों के लाइसेंस के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो गई है। 

     मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले दिनों मारे गए छापों में कई चिकित्सकीय संस्थान और पैथोलॉजी लैब में डॉक्टर नहीं मिले। इस बार चिकित्सकीय संस्थानों के लाइसेंस के लिए डॉक्टर के नाम के आगे उनका मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य है। इससे निरीक्षण के समय टीम डॉक्टर से बात कर सकेगी। अब तक चिकित्सकीय संस्थानों के संचालक अपना या किसी दूसरे का मोबाइल नंबर दर्ज करा देते थे। जिससे निरीक्षण के वक्त डॉक्टर से सीधे संपर्क नहीं हो पाता था। 
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अब अगर किसी भी चिकित्सकीय संस्थान में डॉक्टर के नाम के आगे डॉक्टर का सही मोबाइल नंबर नहीं लिखा होगा या फिर डॉक्टर के मोबाइल नंबर की जगह संचालक का मोबाइल नंबर लिखा होगा तो संस्थान को लाइसेंस नहीं मिलेगा। इसके अलावा पुराने चिकित्सकीय संस्थान के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करते हुए निरस्त कर दिया जाएगा। 
   मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सभी चिकित्सकीय संस्थानों में कार्य करने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ का हेल्थ पर्सनल रजिस्ट्री (एलपीआर) में पंजीकरण भी आवश्यक है। चिकित्सकीय संस्थानों के नए पंजीकरण के मानकों के अनुसार संस्थान के बोर्ड पर इलाज करने वाले डॉक्टर का नाम, डिग्री, विशेषज्ञता और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य है। बोर्ड पर संस्थान में मिलने वाली चिकित्सकीय सेवाएं और उनके शुल्क का भी उल्लेख किया जाएगा। 
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि चिकित्सकीय संस्थानों में डॉक्टरों की सुनिश्चित मौजूदगी के लिए संस्थान के गेट और चैंबर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने होंगे। संस्थानों को अग्निशमन विभाग की एनओसी अथवा सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त करनी होगी। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और बायोमेडिकल वेस्ट की एनओसी भी अनिवार्य है। सभी प्रपत्र पूरे करते हुए मानकों के अनुसार संचालित होने वाले चिकित्सकीय संस्थानों का ही पंजीकरण और लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा।--प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

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