रविवार, 13 अप्रैल 2025

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्री थ्रीडी में देख सकेंगे ताज

   आगरा की ऐतिहासिक इमारतों के बारे में पर्यटकों को जानकारी देने के लिए आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर थ्रीडी वाल्वो फैन स्क्रीन लगाई गई है। इसमें विश्व प्रसिद्ध ताजमहल, आगरा फोर्ट, फतेहपुर सीकरी, सिकंदरा समेत अन्य ऐतिहासिक स्मारकों के थ्रीडी चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे। 

    आगरा रेल मंडल की जन संपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि आगरा कैंट पर उतरने वाले और आगरा कैंट से दूसरे शहर की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को थ्रीडी स्क्रीन की लाभ मिलेगा। रेलवे के सिग्नल विभाग द्वारा इस स्क्रीन को लगाया गया है। 
   उन्होंने बताया कि इसमें स्क्रीन के साथ कई पंखे भी लगे हुए हैं। इन पर ताजमहल, आगरा फोर्ट, सिकंदरा, फतेहपुर सीकरी और महताब बाग समेत अन्य स्मारकों की थ्रीडी इमेज दिखाई देती है। इससे पहले आगरा रेल मंडल के मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर ऐसी ही स्क्रीन लगाई गई थी। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

नगर निगम की क्लीनिंग एंबुलेंस सेवा के लिए करें कॉल

   नगर निगम आगरा द्वारा शहरी क्षेत्रों में रेड और यलो स्पॉट की सफाई के लिए क्लीनिंग एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की जा रही है। नगर निगम के कंट्रोल रूम नंबर 1533, 562, 299 और 0100 पर कॉल करके एंबुलेंस सेवा की सुविधा प्राप्त की जा सकती है। 

    सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि नगर निगम ने नगर के चारों जोन में एक एक स्पॉट एंबुलेंस वाहन की तैनाती की गई है। कोई भी नागरिक शहर के किसी भी स्थान पर रेड और यलो स्पॉट की सफाई के लिए फोन करके इस सुविधा का लाभ उठा सकता है। 
  फोन आने पर स्पॉट एंबुलेंस मौके पर पहुंच कर सफाई व धुलाई कर देगी। इसके अलावा क्षेत्र में वॉल पेंटिंग आदि करके उस जगह का सौंदर्यीकरण भी करा दिया जाएगा। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

ताजमहल से रामबाग तक धरोहर क्षेत्र तय, नियमानुसार ही हो सकेंगे निर्माण

   आगरा विकास प्राधिकरण के भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित नए मास्टर प्लान-2031 को उत्तर प्रदेश शासन द्वारा मंजूरी दे दी गई है। नए मास्टर प्लान में ताजमहल से रामबाग के बीच ताज धरोहर क्षेत्र तय किया गया है। इस क्षेत्र में निर्माण पर प्रतिबंध होंगे। 

    प्राधिकरण के नए मास्टर प्लान के अनुसार रामबाग से ताजमहल के बीच  500 मीटर की परिधि में कोई भी निर्माण या पुनः निर्माण नहीं किया जा सकेगा। वहीं 500 मीटर से 750 मीटर की परिधि में एक मंजिल भवन अधिकतम 3.75 मीटर ऊंचाई तक बनाने की अनुमति होगी। जबकि 750 मीटर से एक किलोमीटर के क्षेत्र में अधिकतम 7.50 मीटर की ऊंचाई वाले दो मंजिला भवन का निर्माण किया जा सकेगा। ताजमहल के पीछे पांच सौ मीटर की दूरी तक भवन और टावर नहीं बना सकेंगे। 
   नए मास्टर प्लान के मुताबिक 1000 मीटर से 1500 मीटर तक की परिधि में 19.60 मीटर तक की ऊंचाई के भवन और टावर के निर्माण की अनुमति होगी। ताज धरोहर क्षेत्र में जो निर्माण पहले से हो रहे हैं और उनके मानचित्र आगरा विकास प्राधिकरण से स्वीकृत हैं, उन्हें विस्तार की अनुमति नहीं दी जाएगी। ताज धरोहर क्षेत्र में ताजमहल परिसर, आगरा फोर्ट परिसर, मेहताब बाग/चारबाग, हुमायूं की मस्जिद, एत्माउद्दौला, चीनी का रोजा, काला गुंबद, रामबाग, जोहरा बाग आदि संरक्षित स्मारक शामिल हैं। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

आपसी रिश्तों को प्रभावित कर रहा है मानसिक विकार

   बार-बार हाथ धोना, किसी से मिलने या बाहर से आने के बाद नहाना, बार-बार मोबाइल फोन चेक करना, बार-बार लगाए गए ताले को खींच कर जांचना या फिर बार-बार रुपये गिनना मानसिक विकार के उदाहरण हैं। इन्हें स्वच्छता या सजगता समझ कर लापरवाह नहीं होना चाहिए। वरना मानसिक विकार गंभीर रूप ले सकता है।    आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक प्रोफेसर दिनेश राठौर ने बताया कि एक सामान्य व्यक्ति जब इस तरह की हरकत करने लगे तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि ये ओब्सेसिव कंपल्सिव डिसआर्डर (ओसीडी) होता है। इसमें मरीज को पता होता है कि बार-बार ऐसा करना गलत है, लेकिन वह लगातार करता रहता है क्योंकि ऐसा नहीं करने पर उसे बेचैनी व घबराहट होने लगती है। ऐसे मरीज अपने बच्चों पर भी ऐसा करने के लिए दबाव डालने लगते हैं।

   प्रोफेसर राठौर ने बताया कि मोबाइल फोन और ताला लगाकर बार-बार जांचने जैसे कार्य करने की स्थिति फियर ऑफ मिसिंग आउट (फोमो) कहलाती है। यह स्थिति फोन और इंटरनेट से जुड़े कार्य के दबाव के कारण तनाव होने से बनती है। बहुत से लोगों में इंटरनेट एडिक्शन की वजह से ये विकार पनपता है। युवाओं में ये विकार तेजी से फैल रहा है। मानसिक रोगों की चार मुख्य बीमारियों में ये भी शामिल है। 

   एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के मानसिक रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर विशाल सिन्हा ने बताया कि मानसिक विकारों के कारण मरीजों में बेचैनी, घबराहट, चिंता और चिड़चिड़ापन की समस्या बढ़ जाती है। पारिवारिक रिश्ते प्रभावित होने लगते हैं। यहां तक कि रिश्तों के टूटने की स्थिति आ जाती है। तनाव के चलते कामकाजी लोगों का कार्य और गुणवत्ता भी प्रभावित होने लगती है। ऐसे मरीजों को काउंसलिंग और दवाओं के सेवन से ठीक किया जा सकता है। 
     डॉक्टर सिन्हा ने बताया कि मानसिक विकारों से बचने के लिए अंधविश्वास से बाहर निकलने की जरूरत है क्योंकि बहुत से लोग इसे भूतप्रेत या ऊपरी हवा का असर बता कर टोना टोटका कराने में लग जाते हैं। ओसीडी या फोमो की समस्या होने पर देरी किए बगैर मानसिक रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। मोबाइल फोन और इंटरनेट को जरूरत न बना कर सिर्फ कार्य तक ही सीमित रखने की कोशिश करनी चाहिए। तंबाकू, धूम्रपान, मद्यपान से बचने, भरपूर नींद लेने, ध्यान, योग, व्यायाम की आदत डालने के साथ ही पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

गुरुवार, 3 अप्रैल 2025

चिकित्सकीय संस्थानों के पंजीकरण में डॉक्टरों के मोबाइल नंबर लिखना जरूरी

आगरा जिले के चिकित्सकीय संस्थानों के पंजीकरण और लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इन संस्थानों में अब डॉक्टरों के नाम के आगे उनके मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से लिखने होंगे। अगर किसी डॉक्टर के नाम के आगे संचालक का मोबाइल नंबर लिखा मिलेगा तो संस्थान का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। एक अप्रैल से चिकित्सकीय संस्थानों के लाइसेंस के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो गई है। 

     मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले दिनों मारे गए छापों में कई चिकित्सकीय संस्थान और पैथोलॉजी लैब में डॉक्टर नहीं मिले। इस बार चिकित्सकीय संस्थानों के लाइसेंस के लिए डॉक्टर के नाम के आगे उनका मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य है। इससे निरीक्षण के समय टीम डॉक्टर से बात कर सकेगी। अब तक चिकित्सकीय संस्थानों के संचालक अपना या किसी दूसरे का मोबाइल नंबर दर्ज करा देते थे। जिससे निरीक्षण के वक्त डॉक्टर से सीधे संपर्क नहीं हो पाता था। 
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अब अगर किसी भी चिकित्सकीय संस्थान में डॉक्टर के नाम के आगे डॉक्टर का सही मोबाइल नंबर नहीं लिखा होगा या फिर डॉक्टर के मोबाइल नंबर की जगह संचालक का मोबाइल नंबर लिखा होगा तो संस्थान को लाइसेंस नहीं मिलेगा। इसके अलावा पुराने चिकित्सकीय संस्थान के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करते हुए निरस्त कर दिया जाएगा। 
   मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सभी चिकित्सकीय संस्थानों में कार्य करने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ का हेल्थ पर्सनल रजिस्ट्री (एलपीआर) में पंजीकरण भी आवश्यक है। चिकित्सकीय संस्थानों के नए पंजीकरण के मानकों के अनुसार संस्थान के बोर्ड पर इलाज करने वाले डॉक्टर का नाम, डिग्री, विशेषज्ञता और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य है। बोर्ड पर संस्थान में मिलने वाली चिकित्सकीय सेवाएं और उनके शुल्क का भी उल्लेख किया जाएगा। 
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि चिकित्सकीय संस्थानों में डॉक्टरों की सुनिश्चित मौजूदगी के लिए संस्थान के गेट और चैंबर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने होंगे। संस्थानों को अग्निशमन विभाग की एनओसी अथवा सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त करनी होगी। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और बायोमेडिकल वेस्ट की एनओसी भी अनिवार्य है। सभी प्रपत्र पूरे करते हुए मानकों के अनुसार संचालित होने वाले चिकित्सकीय संस्थानों का ही पंजीकरण और लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा।--प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

बीएसएनएल की आईएफ टीवी सेवा शुरू, फ्री में देख सकते हैं 650 टीवी चैनल

भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) द्वारा आगरा में इंटरनेट प्रोटोकॉल आधारित आईएफ टीवी सेवा की शुरुआत की गई है। इसमें 650 टीवी चैनल और 18 ओटीटी फ्री दिए जाएंगे, जिनमें 300 प्रीमियम चैनल भी हैं। 

   बीएसएनएल के प्रधान महा प्रबंधक श्याम सिंह ने बताया कि पहली बार बीएसएनएल ने सस्ती केबल टीवी एवं ओटीटी प्लेटफार्म सेवा की शुरुआत की है। आगरा के साथ पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीएसएनएल के फाइबर उपभोक्ता बिना किसी सेट टॉप बॉक्स के 650 टीवी चैनल और 18 ओटीटी फ्री में देख सकेंगे। इसके लिए उपभोक्ताओं को बीएसएनएल आईएफटीवी एप स्काईप्रो को डाउनलोड करना होगा। 

   प्रधान महा प्रबंधक ने बताया कि बीएसएनएल की आईएफटीवी सेवा का लाभ उठाने के लिए बीएसएनएल एफटीटीएच उपभोक्ता बीएसएनएल एफएमएस पोर्टल पर जाएं और संबंधित मोबाइल नंबर का उपयोग करते हुए अपना रजिस्ट्रेशन करें। प्ले स्टोर से स्काईप्रो टीवी एप डाउनलोड और इंस्टॉल करके फ्री में टीवी चैनल और ओटीटी का आनंद लें। जिन उपभोक्ताओं के पास स्मार्ट टीवी नहीं हैं, वे फायर स्टिक का उपयोग करके इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

पुलिस व परिवहन विभाग बनाएंगे एसओपी

आगरा शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा की भरमार होने के कारण जाम लगने और सड़क दुर्घटनाएं होने को नियंत्रित करने के लिए पुलिस एवं परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा संचालन के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) बनाने का निर्णय लिया है। मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने पुलिस और परिवहन विभाग से प्रस्ताव मांगा है। 

     मंडलायुक्त ने बताया कि शहर की लाइफ लाइन महात्मा गांधी रोड पर जाम की समस्या से निजात के लिए तीन पहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया था। लेकिन, प्रतिबंध का असर ज्यादा नहीं दिखाई दिया। इसलिए अब ऑटो और ई-रिक्शा के नाबालिग चालक प्रतिबंधित किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस और परिवहन विभाग को ई-रिक्शा व ऑटो रिक्शा के लिए रुट निर्धारित करने तथा इनके व्यवस्थित संचालन के लिए प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। 
    मंडलायुक्त ने बताया कि हिट एंड रन के मामलों में दुर्घटना के शिकार गैर जिलों व राज्यों के पीड़ितों की आर्थिक सहायता के लिए भी बीमा कंपनियों से प्रारूप मांगे गए हैं। परिवहन विभाग इस संबंध में बीमा कंपनियों से समन्वय करेगा। हिट एंड रन दुर्घटना के मामलों में मिलने वाले मुआवजे के बारे में लोगों को जागरूक करने के निर्देश पुलिस और परिवहन विभाग को दिए गए हैं।--प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

नकली गुटखा के सेवन से कैंसर का खतरा

  बाजार में बिकने वाले नकली गुटखा और पान मसाला का सेवन करने से कैंसर का खतरा हो सकता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जांच में गुटखा और पान मसाला के नकली होने की जानकारी मिली है। इनमें 70 से अधिक खतरनाक रसायन मिले हैं। 

   आगरा के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त खाद्य शशांक त्रिपाठी ने बताया कि विभाग द्वारा बाजार में बिकने वाले गुटखा और पान मसाला के नमूने लेकर लैब में जांच कराई गई थी। लैब की जांच में गुटखा और पान मसाला घटिया और नकली मिले। जांच में कई खतरनाक रसायन मिले, जो सेहत के लिए काफी नुकसानदायी हैं। नकली गुटखा और पान मसाला के विक्रेता के खिलाफ केस दर्ज कराते हुए जुर्माना भी लगाया गया। 

    एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के कैंसर रोग विभाग की अध्यक्ष डॉक्टर सुरभि गुप्ता ने बताया कि तंबाकू, पान मसाला, गुटखा में 65 से अधिक  खतरनाक रसायन होते हैं। इससे मुंह, गर्दन, गुर्दा, पित्त की थैली में कैंसर होने का कई गुना ज्यादा खतरा बढ़ जाता है। कैंसर विभाग की ओपीडी में आने वाले मरीजों में 25-30 साल की उम्र के मरीज भी शामिल हैं। बचाव के लिए लोगों को तंबाकू से निर्मित सामग्री का पूरी तरह उपयोग बंद कर देना चाहिए।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

ईको टूरिज्म : आगरा में सूर सरोवर के पास बनेगी टेंट सिटी

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा आगरा में रामसर साइट सूर सरोवर पक्षी विहार के आसपास 10 से 15 एकड़ क्षेत्र में ईको टूरिज्म का विकास करने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत सूर सरोवर पक्षी विहार के पास टेंट सिटी बसाई जाएगी। 

    क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने बताया कि सूर सरोवर पक्षी विहार के पास प्रस्तावित क्षेत्र में ईको टूरिज्म के लिए कई कार्य किए जाएंगे। आठ सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले जंगल और इसके बीचोबीच स्थित झील के आसपास हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी आते हैं। इसलिए यहां किसी भी तरह की पर्यटन गतिविधियों पर रोक है। लेकिन अब पर्यटन विभाग पक्षी विहार के पास पर्यटन विकास की नई योजना तैयार कर रहा है।

    क्षेत्रिय पर्यटन अधिकारी ने बताया कि ईको टूरिज्म कार्य योजना को असली जामा पहनाने के लिए सूर सरोवर पक्षी विहार के आसपास किसानों से 10 से 15 एकड़ जमीन की मांग की गई है। योजना के तहत यहां टेंट सिटी बसाई जाएगी और प्राकृतिक वातावरण में पर्यटकों को ईको टूरिज्म की गतिविधियां करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। योजना के लिए अपनी जमीन देने के इच्छुक किसान कलेक्ट्रेट स्थित अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) कार्यालय और ताज रोड स्थित उत्तर प्रदेश पर्यटन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट इलाहाबाद के महत्वपूर्ण आदेश

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