सोमवार, 30 दिसंबर 2024

सीनियर सिटीजन डे केयर सेंटर में बुजुर्गों का रखेंगे ख्याल

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। अपने बच्चों से दूर रह रहे वरिष्ठ नागरिकों और खाली बैठे बुजुर्गों की सुविधा के लिए सिकंदरा स्थित आवास विकास कॉलोनी में नगर निगम के जोनल ऑफिस के समीप सीनियर सिटीजन डे केयर सेंटर तैयार हो गया है। सेंटर में वरिष्ठ नागरिकों को लाइब्रेरी, कैंटीन, टीवी एवं अन्य मनोरंजन के संसाधनों के साथ ही मेडिकल सुविधा उपलब्ध रहेगी। 

    अपर नगर आयुक्त सुरेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के तेरह शहरों में सीनियर सिटीजन डे केयर सेंटर बनाए जा रहे हैं। इनमें आगरा भी शामिल है। सिकंदरा स्थित आवास विकास कॉलोनी में नगर निगम के जोनल ऑफिस के नजदीक करीब एक करोड़ रुपये की लागत से सीनियर सिटीजन डे केयर सेंटर बनकर तैयार हो गया है। सेंटर में एसी युक्त सात कमरे बनवाए गए हैं। कुर्सी और मेज भी उपलब्ध हैं। 

    अपर नगर आयुक्त ने बताया कि सेंटर में सीनियर सिटीजनों के लिए लाइब्रेरी, कैंटीन, किचन, ओपन जिम, टीवी और मनोरंजन के अन्य साधन उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा सीनियर सिटीजनों को मेडिकल की सुविधा भी मिलेगी। सेंटर पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इस सुविधा के बदले सीनियर सिटीजन को प्रति माह निर्धारित शुल्क भी देना होगा। सीनियर सिटीजन डे केयर सेंटर बुजुर्ग महिलाओं के लिए भी होगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सोमवार, 23 दिसंबर 2024

हाथों की अंगुलियों से जानें ग्रह स्थिति

@  ज्योतिष विज्ञान के अंतर्गत हाथों की रेखाओं का अध्ययन भी किया जाता है। इसमें हाथों की बनावट, अंगुलियों व अंगूठे की बनावट व ग्रह पर्वतों की स्थिति और हाथों की रेखाओं की जानकारी करके जातक के प्रश्न व समस्याओं का समाधान करने की कोशिश की जाती है। जातक के दोनों हाथों में अंगुलियों और अंगूठों के ठीक नीचे की ओर जो भाग ऊंचा या उठा हुआ होता है, उसे ग्रह पर्वत कहा जाता है।

@  हाथ के अंगूठे के नीचे का तीसरा पर्व शुक्र पर्वत का स्थान होता है। अंगूठे के पास वाली अंगुली तर्जनी कहलाती है। इसके ठीक नीचे का क्षेत्र बृहस्पति पर्वत का होता है। तर्जनी के बराबर वाली एवं सबसे बड़ी अंगुली मध्यमा होती है। इसके नीचे का क्षेत्र शनि पर्वत का कहलाता है। मध्यमा के बराबर की अंगुली अनामिका कहलाती है। इसके नीचे सूर्य पर्वत का क्षेत्र होता है। हाथ की सबसे छोटी अंगुली को कनिष्ठिका कहते हैं। इसके नीचे का क्षेत्र बुध पर्वत का माना जाता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल

नगर निगम अब 32 नए कारोबारों को लाएगा ट्रेड लाइसेंस के दायरे में

आगरा (लोक किरण)। नगर निगम अपनी आय में बढ़ोत्तरी करने के लिए अब 32 नए कारोबारों को ट्रेड लाइसेंस के दायरे में लाने जा रहा है। इनमें ज्वैलर्स की दुकान से लेकर गैस एजेंसी तक शामिल किया गया है। इनसे नगर निगम को एक करोड़ रुपये से ज्यादा की आय होने की उम्मीद है। 

   सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि वर्तमान में नगर निगम द्वारा 13 व्यवसायों से ट्रेड लाइसेंस शुल्क वसूल कर रहा है। आय बढ़ाने के लिए नगर निगम अब 32 नए कारोबारों के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य करने जा रहा है।

   जिन नए कारोबारों को ट्रेड लाइसेंस के दायरे में लाया जा रहा है उनमें होटल, रेस्तरां, नर्सिंग होम प्रसूति गृह, हॉस्पिटल, पैथोलॉजी, एक्सरे, डेंटल क्लीनिक, निजी क्लीनिक, शराब का ठेका पेट्रोल पंप केबल टीवी, आर्किटेक्ट कंसल्टेंट्स, सीए, फाइनेंस कंपनी, बीमा कंपनी मोटर वाहन एजेंसी, मसाला व पान मसाला फैक्ट्री डेरी फॉर्म, टेंट हाउस आइस फैक्ट्री, कोल्डड्रिंक विक्रेता, जूता निर्माण करने वाली फैक्ट्री, मार्बल व टाइल्स विक्रेता, सेनेटरी व हार्डवेयर दुकान, बेकरीज, पेठा निर्माण करने वाली इकाई और कैटरिंग की दुकान शामिल हैं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सुरक्षित सफर के लिए हर ई-रिक्शा को मिलेगा टोकन नंबर

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। ताजनगरी में ई-रिक्शा द्वारा सुरक्षित सफर के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने हर ई-रिक्शा को टोकन नंबर देने की योजना तैयार की है। इस नंबर के आधार पर ई-रिक्शा का पूरा डाटा ऑनलाइन पोर्टल पर रखा जाएगा। इसमें ई-रिक्शा के मालिक और चालक की जानकारी भी होगी। ई-रिक्शा को टोकन नंबर जारी करने की शुरुआत भगवान टॉकीज से कर दी गई है। 

    यातायात निरीक्षक दुष्यंत राना ने बताया कि शहर में कई रूट पर ई-रिक्शा की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है। कई बार इनमें सफर करने के दौरान लोगों के पर्स, मोबाइल और अन्य सामान चोरी होने की घटनाएं होती हैं। ऐसी स्थिति में ई-रिक्शा की कोई पहचान नहीं होने के कारण वारदात करने वाले अपराधी पकड़े नहीं जाते। इसे देखते हुए यह नई व्यवस्था की जा रही है। 

   यातायात निरीक्षक ने बताया कि ई-रिक्शा को टोकन नंबर जारी होने के बाद अगर किसी ई-रिक्शा में कोई वारदात होती है या फिर ई-रिक्शा के दुर्घटनाग्रस्त होने से यात्री चोटिल होते हैं तो टोकन नंबर से पहचाना की जा सकेगी। टोकन नंबर ई-रिक्शा पर लिख दिया जाएगा। जब ई-रिक्शा में लोग बैठेंगे तो उन्हें टोकन नंबर दिखाई देगा। यातायात पुलिस टोकन नंबर के आधार पर ई-रिक्शा के मालिक और चालकों का रिकॉर्ड अपने पास रखेगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

बुधवार, 18 दिसंबर 2024

पचास हजार फ्लैट मालिकों से हाउस टैक्स वसूलेगा नगर निगम

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बसने वाली नई कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों से अब नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स की वसूली की जाएगी। इसके लिए नगर निगम ने नवविकसित कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों का सर्वे शुरू किया है। अभी तक 220 अपार्टमेंट में 15204 फ्लैट चिह्नित किए जा चुके हैं। इनमें से 8975 पर हाउस टैक्स का असिसमेंट किया जा चुका है। सर्वे में 50 हजार से अधिक ऐसे फ्लैट मिलने की संभावना है, जिनका असिसमेंट नहीं हुआ है। सर्वे पूरा होने के बाद इनसे हाउस टैक्स वसूल किया जाएगा। 

   अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि अभी तक शहर की नई कॉलोनियां हाउस टैक्स के दायरे से बाहर थीं। अब नगर निगम प्रशासन द्वारा इनका सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद इन कॉलोनियों के सभी मकानों और बहुमंजिला इमारतों में रहने वालों से हाउस टैक्स वसूल किया जाएगा। ऐसे फ्लैट, जो बंद हैं या उनके मालिक नहीं रह रहे हैं, उनका भी कर निर्धारण किया जाएगा। 

   अपर नगर आयुक्त ने बताया कि बंद फ्लैटों के कर निर्धारण के लिए संबंधित अपार्टमेंट के बिल्डर से रजिस्ट्री की प्रति मांगी जाएगी। अगर बिल्डर रजिस्ट्री उपलब्ध नहीं कराते हैं तो बिल्डर से ही फ्लैट का हाउस टैक्स वसूल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नए बने अपार्टमेंट और कॉलोनियों में बने आवासों से हाउस टैक्स वसूलने के लिए मुद्दा नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में उठाया गया था। इसके बाद नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल द्वारा नवनिर्मित फ्लैट और कॉलोनियों के चिह्नाकंन के निर्देश दिए गए थे। (न्यूज़ न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

ताजमहल देखने के लिए बुजुर्ग, दिव्यांग और बीमार लाइन में नहीं लगेंगे

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। ताजमहल की सुरक्षा जांच कतार में बीमार, बुजुर्ग और व्हील चेयर वाले दिव्यांग पर्यटक नहीं लगेंगे। इनके लिए अलग से व्यवस्था की गई है। 

    ताजमहल की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के कमांडेंट वीके दुबे ने बताया कि ताजमहल देखने के लिए आने वाले बीमार, बुजुर्ग और व्हील चेयर पर सवार दिव्यांग पर्यटकों को घंटों तक कतार में लगने से बचाने के लिए यह व्यवस्था की गई है। ताजमहल के पूर्वी गेट से प्रवेश के लिए चार डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से जांच की व्यवस्था थी, जिसे बढ़ा कर छह कर दिया गया है। 
    कमांडेंट ने बताया कि ताजमहल में अलग कतार के जरिए व्हील चेयर और बच्चों को ट्रॉली में बैठाकर लेकर आने वाले पर्यटकों को अलग कतार से प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं बुजुर्ग और बीमार पर्यटकों को भी किसी भी सुरक्षा जांच कतार में आगे जाकर प्रवेश करने की अनुमति दी गई है। सुरक्षा जांच की दो कतार अलग होने से इनमें से बुजुर्ग पर्यटकों के साथ आ रहे देसी और विदेशी पर्यटकों, बीमार, व्हील चेयर और ट्रॉली में बैठे बच्चों को निकाला जाएगा। 
    सीआईएसएफ कमांडेंट ने बताया कि ताजमहल के पश्चिमी गेट पर वर्तमान में चार कतार लगती हैं, जिनमें से एक कतार को बीमार, बुजुर्ग और व्हील चेयर  और ट्रॉली में आने वाले पर्यटकों के लिए तैयार किया गया है। ताजमहल के दोनों प्रवेश द्वारों पर सीआईएसएफ के जवान तैनात रहेंगे जो कतार में खड़े बुजुर्गों, दिव्यांगों और बीमार पर्यटकों को अलग कतार में लगाकर ताजमहल में प्रवेश दिलाएंगे। व्हील चेयर के साथ केवल एक केयर टेकर को ही प्रवेश दिलाया जाएगा, जबकि बच्चों की ट्रॉली के साथ उनकी मां को प्रवेश मिलेगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

आगरा के एसएन में जानवरों के मल-मूत्र से होगी बीमारियों की जांच

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। एसएन मेडिकल कॉलेज में अब जानवरों से होने वाली बीमारियों की निशुल्क जांच हो सकेगी। इसके लिए कॉलेज में जूनोटिक डायग्नोस्टिक लैब स्थापित की गई है। यह उत्तर प्रदेश की दूसरी लैब है। पहली लैब लखनऊ के केजीएमयू में स्थापित है। 

    प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज में स्थापित लैब में कुत्ता, बिल्ली, बंदर, चूहे समेत अन्य जानवरों से लोगों में होने वाली बीमारियों की निशुल्क जांच की जाएगी। नोडल अधिकारी डॉक्टर विकास गुप्ता ने बताया कि जानवरों के मल-मूत्र से फैलने वाली स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पाइरा, ब्रूसिलोसिस और टोक्सोप्लामोसिस बीमारियों की जांच की जाएगी। 

  माइक्रो बॉयलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर अंकुर गोयल ने बताया कि जानवरों के कारण लोगों में संक्रमण की वजह से बुखार आता है। अगर इलाज के बाद भी बुखार ठीक नहीं हो तो मरीज को ज्यादा दिक्कत होने लगती है। ऐसे मामलों में एलाइजा और पीसीआर से बैक्टीरियल लैब में जांच की जाएगी और जल्द रिपोर्ट मिलने पर मरीज का समय पर इलाज किया जा सकेगा। इसका लाभ आगरा और आसपास के जिलों के मरीजों को मिल सकेगा। (न्यूज़ न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सोमवार, 16 दिसंबर 2024

परिषदीय स्कूलों के बच्चे भी खेल-खेल में कर सकेंगे पढ़ाई

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के संचालित परिषदीय स्कूलों के बच्चे भी खेल-खेल में पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए परिषदीय स्कूलों में लर्निंग कॉर्नर बनाए जा रहे हैं। 

     बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गौंड ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में लर्निंग कॉर्नर बनाने के लिए जिले के सभी स्कूलों को धनराशि जारी कर दी गई है। इसके तहत जिले के 2492 स्कूलों में लर्निंग कॉर्नर बनाए जाएंगे। लर्निंग कॉर्नर में प्रधानाध्यापक स्कूल के किसी ऐसे कोने का चयन करेंगे जहां बच्चों को पुस्तक पढ़ने के साथ खेल के माध्यम से सीखने का मौका मिलेगा। 

   बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि लर्निंग कॉर्नर में बच्चों के लिए रोचक कहानियों और सामान्य ज्ञान की पुस्तकों के अलावा चार्ट व चटाई आदि रखी जाएगी। बच्चे अपनी रुचि के अनुसार पुस्तक पढ़ सकेंगे और खेल-खेल में ज्ञान अर्जित कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि लर्निंग कॉर्नर में बच्चों के संपूर्ण मानसिक और शारीरिक विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सर्दी से बचाव के लिए अस्थायी रैन बसेरे

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। सर्दी के बढ़ने के साथ ही नगर निगम द्वारा सर्दी से बचाव के लिए यातायात नगर स्थित अंतर्राज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) और एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में अस्थायी रैन बसेरे तैयार किए गए हैं। इन रैन बसेरों में यात्री, तीमारदार और असहाय व बेसहारा लोग रह सकते हैं।    अपर नगर आयुक्त सुरेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि अस्थायी रैन बसेरों के अलावा एक दर्जन शेल्टर होम में कंबल, गर्म बिस्तर और हीटर की व्यवस्था की जा रही है। शेल्टर होम के साथ ही शहर के प्रमुख चौराहे, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों पर गैस हीटरों की व्यवस्था कराई जा रही है। संचालन के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है। 

    अपर नगर आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में राजा की मंडी रेलवे स्टेशन, खंदारी चुंगी चौकी, पुरानी चुंगी स्थल फिरोजाबाद रोड, धर्मकांटा के पीछे हाथरस रोड, चुंगी चौकी देवरी रोड, छलेसर, छीपीटोला चौराहा तांगा स्टैंड, नगर निगम जोनल ऑफिस लोहामंडी, तांगा स्टैंड के पास ताजगंज, मोती कटरा, पीर कल्याणी आदि स्थानों पर सर्दी से बचाव के लिए शेल्टर होम संचालित किए जा रहे हैं। 
   नगर निगम के सहायक अभियंता इंद्रजीत सिंह ने बताया कि नगर निगम के स्टोर में वर्तमान में करीब अस्सी गैस हीटर हैं। आने वाले दिनों में सर्दी बढ़ने के साथ ही शहर के सभी प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर गैस हीटर की व्यवस्था चालू कर दी जाएगी। गैस हीटरों के संचालन के लिए कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की व्यवस्था की जाएगी। (न्यूज़ न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

वायु प्रदूषण से हो रहा है टेंशन और डिप्रेशन

हार्बिन मेडिकल यूनिवर्सिटी और क्रैनफील्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े शोधकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय तक प्रदूषित वायु में सांस लेने वाले लोगों में टेंशन और डिप्रेशन की समस्या बढ़ रही है। इसकी वजह है प्रदूषित वायु में सल्फर डाईऑक्साइड गैस की मात्रा में वृद्धि होना। डाईऑक्साइड गैस के कारण मनुष्य की त्वचा, आंख, नाक, गले और फैफड़ों की म्यूकस मेम्ब्रेन को नुकसान होने लगता है। इसकी उच्च सांद्रता श्वसन प्रणाली में सूजन और जलन पैदा करती है। इसके परिणामस्वरूप गहरी सांस लेते समय दर्द, खांसी गले में जलन और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण होने लगते हैं। 

  समस्या से बचने के लिए प्रदूषित वायु में ज्यादा देर तक नहीं रहना चाहिए। सर्दी के दिनों में कोहरा व धुंध होने के कारण सुबह और शाम के समय टहलने या घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो अच्छी कंपनी का मास्क पहन कर ही निकलना चाहिए। इसके अलावा पौष्टिक आहार, ताजा फल व सब्जियों और पर्याप्त मात्रा में पानी व अन्य तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 


आगरा के डीबीआरएयू की सेंट्रल लाइब्रेरी में पुस्तकों को मिल रही है डिजिटल पहचान

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। पालीवाल पार्क स्थित डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (डीबीआरएयू) की सेंट्रल लाइब्रेरी में पुस्तकों को डिजिटल पहचान दी जा रही है। करीब डेढ़ लाख से अधिक पुस्तकों पर बार कोड लगाया जा रहा है। इन पुस्तकों की वेबसाइट पर भी फीडिंग की जा रही है। 

    सेंट्रल लाइब्रेरी के तकनीकी सहायक डॉक्टर विनय चौधरी ने बताया कि पुस्तकों की डिजिटल पहचान के बाद लाइब्रेरी से बाहर पुस्तकों के ले जाने के दौरान यह ऑनलाइन जारी होगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय की वेबसाइट से ही यह भी पता किया जा सकेगा जो पुस्तक विद्यार्थी चाहता है, वह लाइब्रेरी में उपलब्ध है या नहीं। लाइब्रेरी की पुस्तकों का नाम, लेखक का नाम, प्रकाशन का वर्ष आदि का डाटा वेबसाइट पर फीड करने के बाद बार कोड जारी किया जा रहा है। 

    तकनीकी सहायक ने बताया कि विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी मेंदस हजार के करीब दुर्लभ पुस्तकें हैं। ये सभी भारत की आजादी से पहले की प्रकाशित हैं। वर्तमान में इन पुस्तकों की हालत काफी खराब है। पुस्तकों के खोलने पर पन्ने फटने लगते हैं। इनके संरक्षण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन कई एजेसियों से बात कर रहा है। जिससे कि इन दुर्लभ पुस्तकों का वैज्ञानिक तरीके से भविष्य के लिए संरक्षण किया जा सके। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

ताजमहल के यलो जोन में नहीं चलेंगे ऑटो और ई-रिक्शा

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। ताजमहल के यलो जोन में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यातायात पुलिस द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाओं को तैयार किया गया है। इसके तहत टूरिस्ट वाहनों के लिए अलग से पिकअप और ड्रॉप पाइंट बनाया जाएगा। शनिवार और रविवार में पर्यटकों की संख्या अधिक होने की स्थिति में ऑटो और ई-रिक्शा को पुरानी मंडी से आरके स्टूडियो की तरफ जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 

    सहायक पुलिस आयुक्त यातायात सैय्यद अरीब अहमद ने बताया कि पुरानी मंडी पर पर्यटकों के वाहन रुकते हैं और पर्यटकों को उतारने के बाद ही जाते हैं। शनिवार और रविवार को पर्यटकों की संख्या अधिक रहती है। इससे पुरानी मंडी पर जाम लग जाता है। ऑटो और ई-रिक्शा के जाने से भी समस्या होती है। अब शनिवार और रविवार को पुरानी मंडी पर ही मेट्रो स्टेशन के पास पर्यटकों के वाहनों को बैरियर लगा कर रोक दिया जाएगा। 

    सहायक पुलिस आयुक्त यातायात ने बताया कि जिस स्थान पर पर्यटकों के वाहन रुकेंगे, वहां पर ट्रैफिक कोन लगा दिए जाएंगे। एक कतार में वाहनों को खड़ा कराया जाएगा। शनिवार और रविवार को ताजगंज क्षेत्र के तांगा स्टैंड, आरके स्टूडियो बैरियर, हनुमान पार्क और मदरसे पर पुलिस की ड्यूटी लगेगी। ऑटो और ई-रिक्शा को पुरानी मंडी से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

गुरुवार, 12 दिसंबर 2024

चेहरे से भी जान सकते हैं जातक के बारे में

किसी जातक का केवल चेहरा या मुखमंडल देख कर भी उसके चरित्र से जुड़े विषयों और व्यावहारिक विषयों के बारे में जाना जा सकता है। जिस शास्त्र में चेहरा देख कर जातक के बारे में बताया जाता है, उसे ललाट लक्षण शास्त्र कहा जाता है। इसके अंतर्गत माथा, दोनों नेत्र, नाक, कान और ओष्ठ का अध्ययन किया जाता है। 

   जिस प्रकार जातक के हाथ में रेखाओं के साथ-साथ पर्वत के क्षेत्र होते हैं, ठीक उसी प्रकार जातक के मुखमंडल के माथे पर भी सात पर्वतों, शनि, गुरु, मंगल, सूर्य, चंद्र, शुक्र और बुध पर्वत की रेखाएं होती हैं। इन रेखाओं के अध्ययन से जातक के व्यक्तित्व के बारे में बताया जा सकता है। 

  इसके अलावा ललाट लक्षण शास्त्र के अनुसार माथे की लंबाई व चौड़ाई, नेत्र और भौहों की रचना, नासिका की लंबाई, कानों की लंबाई, ओष्ठ के आकार और मुखमंडल पर तिल चिह्न के आधार पर जातक के बारे में सटीक जानकारी की जा सकती है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल

आगरा के शिल्पग्राम में बनेगा यूनिटी मॉल

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। ताजमहल के पूर्वी गेट साइड में स्थित शिल्पग्राम में 140 करोड़ रुपये से यूनिटी मॉल का निर्माण किया जाएगा। वहां एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत मार्बल, लेदर, हस्तशिल्प और अन्य उत्पाद एक छत के नीचे उपलब्ध होंगे। 

    उपायुक्त उद्योग अनुज कुमार ने बताया कि शिल्पग्राम में यूनिटी मॉल का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) द्वारा किया जाएगा। इसमें 64 दुकानों का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और डोरमेट्री बनेगी। ताजमहल देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को यूनिटी मॉल में सभी तरह के उत्पाद खरीदने के लिए मिलेंगे। 

    उपायुक्त उद्योग ने बताया कि शिल्पग्राम में यूनिटी मॉल में हस्तशिल्पियों के लिए अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की सुविधा मिलेगी। सभी पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग होगी। यूनिटी मॉल में एक प्रदर्शनी हॉल, बहुउद्देशीय हॉल के अलावा फूड कोर्ट, फायर एग्जिट और अन्य निर्माण होंगे। वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिल्पग्राम में यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस पर 140 करोड़ रुपये खर्च होंगे। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सर्द मौसम में हो सकता है त्वचा रोग, रखें सावधानी

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। मौसम में सर्दी बढ़ने से त्वचा रोग होने की परेशानी बढ़ रही है। इसमें त्वचा में खुजली, पपड़ी, लाल धब्बे, बाल टूटने, सिर में डैंड्रफ और खुजली जैसी परेशानी शामिल हैं। त्वचा रोग से बचने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। 

   एसएन मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर यतेंद्र चाहर ने बताया कि सर्दी के मौसम में ज्यादा गर्म पानी से नहाना त्वचा के लिए नुकसानदेह होता है। इस मौसम में लोग पानी भी कम पीते हैं। इससे त्वचा में नमी की कमी हो जाती है। इस वजह से त्वचा रोग होने की संभावना रहती है। ज्यादा गर्म पानी से नहाने से त्वचा रोग होने के अलावा बाल टूटने, सिर में डैंड्रफ व खुजली के लक्षण भी दिखने लगते हैं। 

    डॉक्टर चाहर ने बताया कि सर्दी के मौसम में त्वचा रोग से बचने के लिए सावधानी जरूरी है। ज्यादा गर्म पानी से नहाने की बजाय गुनगुने पानी से नहाना चाहिए। नहाने से कम से कम एक घंटा पहले सिर और हाथ व पैरों में नारियल के तेल की मालिश करनी चाहिए। सिर धोने के बाद बालों को तौलिए से कसकर नहीं लपेटना चाहिए। सर्दी के मौसम में भी पर्याप्त पानी पीने की आवश्यकता है। त्वचा रोग होने पर नीम हकीम के चक्कर में न पड़ कर अनुभवी त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस कमिश्नर ने दिए दिशा निर्देश

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड ने यातायात पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिए हैं। उन्होंने जाम की समस्या का समाधान निकाले जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। 

    पुलिस कमिश्नर ने कहा कि शहर के जिन रास्तों पर हादसे होते हैं, उन्हें चिह्नित कर रोड इंजीनियरिंग की समस्या दूर की जाए। किसी भी चौराहे पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। यातायात निरीक्षक थाना पुलिस के साथ मिलकर यातायात में रुकावट डालने वाले कारणों का पता करते हुए संबंधित विभागों से समन्वय करके त्वरित कार्रवाई करें। जिससे कि शहर के सभी रास्ते जाम से मुक्त हो सकें। 

   शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए बीस चौराहों के लिए ट्रैफिक सपोर्ट टीम तैयार की जाएगी। जिससे कि कहीं भी जाम लगने पर क्षेत्रीय लोगों की मदद लेकर जाम को हटाया जा सके। रोड सेफ्टी सेल के प्रभारी ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर उनके सुधार के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। चौराहों पर पार्किंग या वेंडिंग जोन बनाने से पहले नगर निगम को यातायात पुलिस से समन्वय स्थापित करके निर्माण की अनुमति दी जाएगी। 

    यातायात पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए मेस संचालन, मासिक सैनिक सम्मेलन, पारदर्शी अवकाश नीति, रिजर्व फोर्स, यातायात क्लब और ट्रैफिक सपोर्ट टीम के गठन के लिए कवायद करने पर भी विचार किया गया। इसके अलावा यातायात पुलिस और सामान्य पुलिस के अभियान की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया एकाउंट का सहारा लेने पर भी निर्णय लिया गया। जिन स्थानों पर जाम लगेगा, उसे एक रजिस्टर में नोट किया जाएगा। यह जिम्मेदारी यातायात पुलिस के निरीक्षक को दी जाएगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

जनपद न्यायालय आगरा में 22 फरवरी को लगेगा वृहद विधिक साक्षरता सेवा शिविर

                        प्रमोद कुमार अग्रवाल   राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ क...