आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। पालीवाल पार्क स्थित डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (डीबीआरएयू) की सेंट्रल लाइब्रेरी में पुस्तकों को डिजिटल पहचान दी जा रही है। करीब डेढ़ लाख से अधिक पुस्तकों पर बार कोड लगाया जा रहा है। इन पुस्तकों की वेबसाइट पर भी फीडिंग की जा रही है।
सेंट्रल लाइब्रेरी के तकनीकी सहायक डॉक्टर विनय चौधरी ने बताया कि पुस्तकों की डिजिटल पहचान के बाद लाइब्रेरी से बाहर पुस्तकों के ले जाने के दौरान यह ऑनलाइन जारी होगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय की वेबसाइट से ही यह भी पता किया जा सकेगा जो पुस्तक विद्यार्थी चाहता है, वह लाइब्रेरी में उपलब्ध है या नहीं। लाइब्रेरी की पुस्तकों का नाम, लेखक का नाम, प्रकाशन का वर्ष आदि का डाटा वेबसाइट पर फीड करने के बाद बार कोड जारी किया जा रहा है।
तकनीकी सहायक ने बताया कि विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी मेंदस हजार के करीब दुर्लभ पुस्तकें हैं। ये सभी भारत की आजादी से पहले की प्रकाशित हैं। वर्तमान में इन पुस्तकों की हालत काफी खराब है। पुस्तकों के खोलने पर पन्ने फटने लगते हैं। इनके संरक्षण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन कई एजेसियों से बात कर रहा है। जिससे कि इन दुर्लभ पुस्तकों का वैज्ञानिक तरीके से भविष्य के लिए संरक्षण किया जा सके। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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