रविवार, 24 नवंबर 2024

तीन महीने आगरा फोर्ट लखनऊ इंटरसिटी की आवृत्ति में कमी

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। सर्दी के मौसम में कोहरे होने के चलते रेलवे प्रशासन द्वारा आगरा फोर्ट-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस के साथ ही एक अन्य ट्रेन की आवृत्ति में कमी की गई है। 

    आगरा रेल मंडल की जन संपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रेन नंबर 12180 आगरा फोर्ट-लखनऊ जंक्शन इंटरसिटी एक्सप्रेस एक दिसंबर से 23 फरवरी तक शनिवार और रविवार को निरस्त रहेगी। इसी तरह लखनऊ जंक्शन से आगरा फोर्ट के लिए आने वाली ट्रेन नंबर 12179 भी एक दिसंबर से 23 फरवरी तक निरस्त रहेगी। 

   जन संपर्क अधिकारी ने बताया कि ट्रेन नंबर 11905 आगरा कैंट-होशियारपुर एक्सप्रेस तीन दिसंबर से 28 फरवरी तक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को निरस्त रहेगी। वहीं ट्रेन नंबर 11906 होशियारपुर-आगरा कैंट एक्सप्रेस तीन दिसंबर से एक मार्च तक मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को निरस्त रहेगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

शुक्रवार, 22 नवंबर 2024

हस्तरेखा विश्लेषण : उपयोगी सूत्र

@ जिन जातकों की सबसे छोटी अंगुली यानि कनिष्ठिका के पहले पर्व में क्रॉस का चिह्न हो तो ऐसे जातक के विवाह की संभावना बहुत कम होती है। 

@ जिन जातकों की हथेली में चंद्र पर्वत का क्षेत्र नीचा हो, जबकि शनि पर्वत का क्षेत्र ऊंचा हो तो ऐसे जातकों में दूसरे के दोष देखने की आदत ज्यादा होती है। 

@ ऐसे जातक जिनके हाथ में सूर्य और बुध के क्षेत्र ऊंचे होते हैं, वे नई-नई खोज करने में विशेष रुचि रखते हैं। - प्रमोद कुमार अग्रवाल। 

स्कूली बच्चों को सकारात्मक रूप से जीने की कला भी सिखाएंगे अध्यापक

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के संचालित स्कूलों के बच्चों को अध्यापक तनाव से निपटने के लिए सकारात्मक रूप से जीवन जीने की कला भी सिखाएंगे। इसके लिए अध्यापकों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में प्रशिक्षित किया जा रहा है। 

   डायट की प्राचार्य पुष्पा कुमारी ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जीवन जीने के लिए दस प्रमुख कौशलों का निर्धारण किया गया है। जिसमें आत्म जागरूकता से लेकर सहानुभूति, रचनात्मक सोच, आलोचनात्मक सोच, निर्णय लेना, समस्या समाधान, प्रभावी संचार, पारस्परिक संबंध, तनाव और भावनाओं से निपटना शामिल है। 

    डायट प्राचार्य ने बताया कि इन्हीं जीवन कौशल से अध्यापकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद बच्चों को इसे सिखा सकें। अभी प्रथम बैच के अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस बैच में विकास क्षेत्र फतेहाबाद, अकोला, बाह, पिनाहट, खेरागढ़, बिचपुरी, फतेहपुर सीकरी और जगनेर के अध्यापकों को शामिल किया गया है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

बुधवार, 20 नवंबर 2024

हाथ की अंगुली और ग्रह संबंध

* हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हमारे हाथ की अंगुली और अंगूठे का संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है। अंगुली की लंबाई, आकार एवं अंगुली के पर्वों के विश्लेषण के आधार पर हस्तरेखा विशेषज्ञ जातक के बारे में बताते हैं। 

* हाथ के अंगूठे के ठीक नीचे शुक्र पर्वत होता है। इसलिए अंगूठे के तीसरे पर्व को शुक्र ग्रह का स्थान माना जाता है। 

* अंगूठे के बराबर वाली अंगुली तर्जनी कहलाती है। इस अंगुली के नीचे बृहस्पति ग्रह की स्थिति होने से तर्जनी को बृहस्पति ग्रह की अंगुली कहते हैं। 

* हाथ की सबसे बड़ी अंगुली को मध्यमा कहते हैं। इस अंगुली का संबंध शनि ग्रह से होता है क्योंकि इस अंगुली के नीचे शनि पर्वत का स्थान होता है।

* मध्यमा अंगुली के बराबर वाली अंगुली को अनामिका कहा जाता है। यह सूर्य ग्रह की अंगुली है क्योंकि इस अंगुली के नीचे सूर्य पर्वत होता है। 

* हाथ की सबसे छोटी अंगुली कनिष्ठिका कहलाती है। इसे बुध ग्रह की अंगुली कहा गया है क्योंकि इस अंगुली के नीचे बुथ पर्वत होता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल। 

सावधान : सर्दी के मौसम में बढ़ सकता है पैरालिसिस का खतरा

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। मौसम में बदलाव के साथ ही धीरे-धीरे सर्दी दस्तक दे रही है। ऐसे में मानसिक रोगियों और बड़े बुजुर्गों को सावधानी बरतने की जरूरत है। क्योंकि सर्दी के मौसम में पैरालिसिस, मिर्गी, मांसपेशियों में दर्द, हाथ व पैरों में सुन्नपन और झनझनाहट का खतरा बढ़ जाता है। 

    यह कहना है न्यूरो फिजीशियन का। न्यूरो फिजीशियन की मानें तो सर्दी के मौसम में जब मस्तिष्क में खून की आपूर्ति में कमी आ जाती है और रक्तस्राव होने लगता है तो पैरालिसिस की संभावना बन जाती है। साठ साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों में भी पैरालिसिस का खतरा अधिक रहता है। 

   न्यूरो फिजीशियन का कहना है कि सर्दी के मौसम में अगर किसी व्यक्ति में चेहरे का एक तरफ टेढ़ा होना, सुन्न होना, एक साइड के हाथ व पैर कमजोर या सुन्न होना, बोलने में दिक्कत होना, आवाज में बदलाव आना, देखने, चलने और समझने में दिक्कत होना जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत न्यूरो फिजीशियन से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए। 

    पैरालिसिस के खतरे से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण सर्दी से बचाव जरूरी है। इसके लिए शरीर को गर्म रखने और गर्म कपड़े पहनने चाहिए बुजुर्गों और मरीजों के पास कोई न कोई तीमारदार अवश्य रहे। अगर कोई दवा पहले से चल रही है तो अपनी मर्जी से दवाओं का सेवन बंद नहीं करें। न्यूरो फिजीशियन की सलाह से ही दवाओं के साथ-साथ पौष्टिक आहार लेते रहें। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

डीबीआरएयू : डिजी लॉकर से मिलेगी डिग्री

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (डीबीआरएयू) में 2023-24 सत्र के स्नातक और परास्नातक के विद्यार्थियों को अब डिजी लॉकर से डिग्री प्राप्त हो सकेगी। इसके लिए उनको लॉगिन आईडी बनानी होगी। 

   विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि बीते सत्र के स्नातक और परास्नातक 60212 छात्र व छात्राएं हैं। इनकी डिग्रियां विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डिजी लॉकर में अपलोड कर दी गईं हैं। डिग्री प्राप्त करने के लिए छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डिजी लॉकर पर अपनी लॉगिन आईडी बनानी होगी। 

   परीक्षा नियत्रंक ने बताया कि लॉगिन करने के बाद इसमें रोल नंबर, नामांकन संख्या, आधार संख्या सहित अन्य जानकारी दर्ज करनी होगी। इससे डिग्री लॉगिन आईडी में आ जाएगी। यह विश्वविद्यालय से प्रमाणित है और किसी भी शैक्षणिक कार्य में उपयोग हो सकेगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

रविवार, 17 नवंबर 2024

कंट्रोल रूम से स्कूलों के बाहर नजर रखेगी आगरा कमिश्नरेट पुलिस

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। स्कूलों के आसपास शोहदों की सक्रियता पर अंकुश लगाने के लिए अब पुलिस द्वारा स्कूलों के बाहर की निगरानी किए जाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत स्कूलों के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों को पुलिस कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया जाएगा। इससे स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और शोहदों पर नजर रखी जा सकेगी। 

     मिशन शक्ति की नोडल प्रभारी असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर सुकन्या शर्मा ने बताया कि जांच में सामने आया है कि स्कूलों के आसपास शोहदे और कई छात्र एक ही जगह पर खड़े होकर गलत गतिविधियों में लिप्त रहते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए अब स्कूलों के गेट और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ने का काम किया जा रहा है। 

   उन्होंने बताया कि जल्द ही इस काम के पूरा होने पर दो पुलिस कर्मियों की ड्यूटी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज पर नजर रखने के लिए लगाई जाएगी। इसके अलावा पुलिस द्वारा स्कूल मैनेजमेंट की मदद से पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में स्कूलों के बाहर एंटी रोमियो स्क्वाड की ड्यूटी भी लगाई जाती है। इसका काम भी स्कूलों के बाहर विद्यार्थियों और शोहदों की गतिविधियों पर नजर रखना है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

दुर्घटनाओं का ग्राफ कम करने के लिए बनी समिति

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ कम करने के लिए शासन और प्रशासन के स्तर से कवायद के तहत तीन सदस्यीय सड़क दुर्घटना जांच समिति का गठन किया गया है। सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की मौत होने पर जांच समिति घटना स्थल पर जांच के लिए जाएगी। इसमें दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के साथ ही दोबारा ऐसी घटना को रोकने के उपाय किए जाएंगे। 

   संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) एके सिंह ने बताया कि तीन सदस्यों वाली सड़क दुर्घटना जांच समिति में यातायात पुलिस, लोक निर्माण विभाग और संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी शामिल किए गए हैं। समिति के सदस्य दुर्घटना स्थल पर पहुंच कर सड़क की स्थिति और दुर्घटनाग्रस्त वाहन की जांच करेंगे। 

    इसके अलावा सड़क दुर्घटना जांच समिति के बीच विवाद की स्थिति में समाधान के लिए छह सदस्यों वाली जिला समन्वय समिति का गठन भी किया गया है। इस समिति में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, संभागीय परिवहन विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ एक सदस्य गैर सरकारी संगठन का भी होगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

क्यूआर कोड से पता चल सकेगा ताजमहल जाने का रास्ता

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। ताजमहल जाने के लिए देशी और विदेशी पर्यटकों को रास्ता पूछना पड़ता है। गलत रास्ता बता दिए जाने के कारण कई बार पर्यटक भटक भी जाते हैं। इससे उन्हें काफी परेशानी होती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए यातायात पुलिस द्वारा हर चौराहे पर क्यूआर कोड लगाने की कवायद की जा रही है। इसे स्कैन करने पर ताजमहल जाने का रास्ता गूगल मैप के माध्यम से मोबाइल फोन पर आ जाएगा।

     असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर ट्रैफिक सैय्यद अरीब अहमद ने बताया कि यातायात पुलिस द्वारा ट्रैफिक कंट्रोल करने और लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पर्यटकों को रास्ता बताने के लिए क्यूआर कोड भी लगाए जा रहे हैं। शहर के पचास से अधिक चौराहों पर क्यूआर कोड लगाया जाना प्रस्तावित है। 

      उन्होंने बताया कि नवंबर माह में यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ एक्सप्रेसवे, इनर रिंग रोड, सिकंदरा, भगवान टाकीज चौराहा, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एतिहासिक इमारतों समेत सत्रह स्थानों पर क्यूआर कोड लगा दिए जाएंगे। इससे स्थानीय और बाहर से आगरा आने वाले पर्यटकों को ताजमहल पहुंचने के लिए लोगों से रास्ता पूछने की जरूरत नहीं होगी। क्यूआर कोड स्कैन करके अपने मोबाइल फोन पर ही रास्ता देख सकेंगे। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)  

हाथ में त्रिशूल और जाल चिह्नों का फल

@ जातक के हाथ में किसी भी जगह त्रिशूल का चिह्न हो तो ऐसे जातक के जीवन में सफलता और धनलाभ देखने को मिलता है। 

@ जातक के हाथ में शुक्र पर्वत (अंगूठे के नीचे का क्षेत्र) और चंद्र पर्वत (कनिष्ठा के नीचे व मणिबंध से ऊपर का क्षेत्र) पर जाल का चिह्न हो तो जातक में कामवासना की प्रवृत्ति अधिक हो सकती है। 

@ जातक के हाथ में शनि पर्वत (सबसे बड़ी अंगुली के नीचे का क्षेत्र) पर जाल का चिह्न होना जातक को आर्थिक रूप से कमजोर बना देता है। 

@ जातक के हाथ में बुध पर्वत (सबसे छोटी अंगुली के नीचे का क्षेत्र) पर जाल का चिह्न बना हो तो जातक में जुआ, सट्टा, चोरी आदि की प्रवृत्ति हो सकती है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल। 

आगरा के जिला कारागार में बुजुर्ग बंदियों को मिल रही हैं बेहतर सुविधाएं

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। विभिन्न अपराधों के लिए जिला कारागार में निरुद्ध मजबूर बुजुर्ग बंदियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके तहत बुजुर्ग बंदियों को एक ही बैरक में रखते हुए उन्हें आरामदायक गद्दे दिए गए हैं। साथ ही चलने फिरने के लिए लाठी और व्हील चेयर की व्यवस्था भी की गई है। 

     जिला कारागार अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि मौजूदा समय में कारागार में 2350 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 18 से 21 की उम्र वाले 60 बंदी हैं, जबकि 70 से अधिक उम्र के 55 बंदी शामिल हैं। इनमें ज्यादातर दहेज हत्या के आरोप में निरुद्ध हैं। कुछ बंदी सजायाफ्ता हैं। इन बंदियों को एक अलग बैरक में रखा गया है। 

   कारागार अधीक्षक ने बताया कि सर्दी के मौसम में बुजुर्ग बंदियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए विशेष एवं अलग से व्यवस्था की गई है। बुजुर्ग बंदियों की सहायता के लिए अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। हर दिन डॉक्टर उनका चेकअप करने के लिए आते हैं। अगर किसी बंदी को उपचार की जरूरत होती है तो उसे कारागार अस्पताल में भर्ती कर लिया जाता है। 

  कारागार अधीक्षक ने बताया कि उत्तर प्रदेश की कारागारों में बंदियों की बैरक आवंटित करने की नई व्यवस्था लागू की गई है। जिसके तहत बंदियों के नाम के अंग्रेजी के पहले अक्षर के अनुसार बैरक दी जाती है। कारागार में पहली बार आने वाले बंदियों को बैरक नंबर नौ में दस दिन तक रखा जाता है। इसके बाद बैरक आवंटित होती है। अगर कोई बुजुर्ग और बेटे साथ आते हैं तो उन्हें एक साथ बैरक में रखा जाता है।

     कारागार अधीक्षक ने बताया कि कारागार में बंदियों को सुधारने की कोशिश भी चल रही है। कोई भी बंदी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा से लेकर कोई भी अन्य कोर्स कर सकता है। कारागार प्रशासन द्वारा 18 से 21 की उम्र सीमा वाले बंदियों को आदतन अपराध करने वाले बंदियों से अलग बैरक में रखा जाता है। उनके सुधार के लिए शिक्षा की व्यवस्था भी की जाती है। जिससे कि कारागार से छूटने के बाद वे अपने जीवन को बेहतर और शांतिपूर्ण तरीके से जी सकें। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

सोमवार, 11 नवंबर 2024

बांसुरी भी दूर करती है वास्तु दोष

@ वास्तु शास्त्र के अनुसार वास्तु दोष दूर करने के लिए बांसुरी का उपयोग किया जा सकता है। इसकी वजह यह है कि बांसुरी में चुंबकीय और जादुई प्रवाह होता है। जिससे निगेटिव एनर्जी का प्रवाह रुक जाता है। 

@ आवासीय और कॉमर्शियल बिल्डिंग में वास्तु दोष दूर करने के लिए बांसुरी का मुंह से बजाए जाने वाला मुख/भाग को नीचे की ओर करके लटका सकते हैं। 

@ अगर किसी बिल्डिंग में बीम या शहतीर के कारण वास्तु दोष बना हुआ है तो इसके निवारण के लिए दो बांसुरियों को अलग-अलग लाल रंग के कपड़े में लपेट कर बीमारी के दोनों तरफ लटका देना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल। 

बकाया टैक्स जमा नहीं कराया तो वाहन होगा जब्त,

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। संभागीय परिवहन विभाग का 15 हजार से अधिक व्यावसायिक वाहन स्वामियों पर करीब 62 करोड़ रुपये बकाया है। विभाग द्वारा एक मुश्त टैक्स जमा करने पर जुर्माना माफ करने की योजना शुरू की है। 

    एआरटीओ प्रशासन एनसी शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा व्यावसायिक वाहनों का बकाया टैक्स जमा करने के लिए एक मुश्त समाधान योजना प्रारंभ की गई है। इसके लिए विभाग में पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद टैक्स पर जुर्माने की राशि माफ कर दी जाएगी। हल्के मोटर वाहनों के लिए 200 रुपये और मालवाहक वाहनों के लिए 500 रुपये पंजीकरण शुल्क रखा गया है।

    एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि बकाया टैक्स के मामले में ई-रिक्शा सबसे आगे हैं। इन पर 4.50 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। व्यावसायिक वाहन स्वामी पंजीकरण कराने के बाद केवल बकाया टैक्स की धनराशि जमा करा सकेंगे। कई वाहन स्वामियों पर लाखों रुपये का जुर्माना है। एक मुश्त समाधान योजना के तहत जुर्माना पूरी तरह माफ हो सकता है। 

   उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कर्मचारियों को घर-घर जाकर बकाया टैक्स की वसूली के लिए भेजें। साथ ही परिवहन विभाग के कार्यालय में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाएं। परिवहन आयुक्त के निर्देश के बाद अब परमिट विभाग के कर्मचारियों को बकाया टैक्स की वसूली के लिए बकायेदार वाहन स्वामियों के घरों पर भेजा जाएगा। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

गुरुवार, 7 नवंबर 2024

ज्योतिष और गुण मेलापक विधि

 @ ज्योतिष शास्त्र में लग्न को शरीर तथा चंद्र ग्रह को मन के रूप में स्वीकार किया गया है। इसलिए विवाह से पहले जन्म राशि के अनुसार वर और कन्या के गुणों का मिलान किया जाता है। गुण मिलान के द्वारा वर और कन्या के स्वास्थ्य, शिक्षा, आर्थिक स्थिति, प्रजनन शक्ति, आपसी सामंजस्य, प्रेम आदि को जानने की कोशिश की जाती है। 

@ ज्योतिष में गुण मिलान पद्धति के अंतर्गत क्रमबद्ध रूप से एक से लेकर आठ तक आठ बातें होती हैं- 1. वर्ण, 2. वश्य, 3. तारा, 4. योनि, 5. ग्रह मैत्री, 6. गण, 7. भकूूट और 8. नाड़ी। इनकी संख्याओं का कुल योग 36 होता है।

  @ वर और कन्या के जन्म की तारीख, जन्म का समय और जन्म स्थान के आधार पर विवाह मेलापक विधि से गुणों का मिलान किया जाता है। इसके अनुसार कम से कम 18 गुण मिलने पर विवाह किया जा सकता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नाड़ी और भकूूट के गुण अवश्य मिलने चाहिए।

@ वर और कन्या के विवाह के लिए गुणों का मिलान करते समय दोनों की मांगलिक स्थित, कुंडली में दोष या विपरीत योग आदि को भी देखना चाहिए। जिससे कि विवाह के बाद दोनों प्रेमपूर्वक सुखी और संपन्न जीवन व्यतीत कर सकें। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 

  

   

जिम संचालन के लिए अनुमति जरूरी

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। लोगों को पसीना बहा कर शारीरिक रूप से सुडौल बनाने का दावा करने वाले जिम संचालन करने वाले संचालकों को जिम संचालन के लिए क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के कार्यालय से अनुमति लेना जरूरी है। बगैर अनुमति के संचालित हो रहे जिम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

    यह कहना है क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी सविता श्रीवास्तव का। उन्होंने बताया कि जिम संचालित करने के लिए हर साल पंद्रह हजार रुपये जिला खेल प्रोत्साहन समिति के एकाउंट में जमा कराने होते हैं। इसके बाद ही जिम संचालित करने की अनुमति दी जाती है। 

    क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि जिम ट्रेनर होने के लिए व्यक्ति को राष्ट्रीय खिलाड़ी होना या फिर प्रोफेशनल डिग्री अथवा फिटनेस संबंधी विषयों में ग्रेजुएट या डिप्लोमा होना चाहिए। इसके अलावा बीपीएड और एमपीएड डिग्री धारक भी जिम ट्रेनर या कोच बनने के लिए योग्य हैं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

मंगलवार, 5 नवंबर 2024

अग्नि से संबंधित वस्तुओं को सही दिशा में रखने से मिलता है लाभ

बिजली से चलने वाले और अग्नि से संबंधित उपकरण जैसे वाशिंग मशीन, टेलीविजन, फ्रिज, इन्वर्टर, पानी खींचने वाला पंप, जनरेटर, बॉयलर, इलेक्ट्रिक फरनेस, गैस चूल्हा, ओवन आदि को सदैव घर या फैक्ट्री में दक्षिण पूर्व विदिशा यानि आग्नेय कोण में ही रखना चाहिए। ऐसा करने से वास्तु दोष का असर कम हो सकता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 

  

तीन साल में रैबीज मुक्त शहर बनेगा आगरा

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। उत्तर प्रदेश में आगरा पहला ऐसा शहर बन जाएगा, जो रैबीज मुक्त होगा। नगर निगम द्वारा वर्ष 2027 तक ऐसा कर लेने का दावा किया गया है। 

   नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉक्टर अजय कुमार सिंह ने बताया कि आगरा को रैबीज मुक्त बनाने की पहल 26 जनवरी 2024 से शुरू हुई,जिसमें 90 हजार कुत्तों में से 49 हजार का वैक्सीनेशन हो चुका है। मौजूदा समय में भी हर महीने चार से पांच हजार कुत्तों को वैक्सीन लगाई जा रही है। हर कुत्ते पर 325 रुपये का खर्चा आ रहा है। 

     डॉक्टर सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक शहरों को रैबीज मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। आगरा नगर निगम ने तीन साल के अंदर शहर को रैबीज मुक्त करने की मुहिम शुरू की है। निगम के लोहा मंडी, शाहगंज, हरी पर्वत और ताजगंज जोन में रोजाना 250 से 300 लावारिस कुत्तों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। इसके लिए निगम ने एजेंसी की सेवाएं ली हैं। निगम द्वारा एजेंसी को वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही हैं। 

    पशु कल्याण अधिकारी ने बताया कि रैबीज का कोई इलाज नहीं है। वैक्सीन लगवाना जरूरी होता है। कई बार लोग अज्ञानता के कारण घाव पर लाल मिर्च आदि लगा लेते हैं। इससे रैबीज का वायरस और तेजी से नसों में संचारित होने लगता है। कुत्ते, बंदर आदि के काट लेने पर सबसे पहले घाव को नल के पानी की तेज धार में सोडा वाले साबुन से बीस मिनट तक धोना चाहिए। इसके बाद जल्द से जल्द एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाना चाहिए। 

     जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉक्टर राजेंद्र कुमार अरोड़ा ने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में कुत्ता व बंदर आदि काटने के रोजाना करीब साढ़े तीन सौ मरीज आते हैं। इनमें से कुछ ऐसे मरीज भी होते हैं जिन्हें घोड़ा, गधा, बिल्ली, चूहा आदि ने काटा होता है। बाकी मरीज कुत्तों के काटने के रहते हैं। ऐसे सभी मरीजों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई जाती है।  (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

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जनपद न्यायालय आगरा में 22 फरवरी को लगेगा वृहद विधिक साक्षरता सेवा शिविर

                        प्रमोद कुमार अग्रवाल   राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ क...