आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। मौसम में बदलाव के साथ ही धीरे-धीरे सर्दी दस्तक दे रही है। ऐसे में मानसिक रोगियों और बड़े बुजुर्गों को सावधानी बरतने की जरूरत है। क्योंकि सर्दी के मौसम में पैरालिसिस, मिर्गी, मांसपेशियों में दर्द, हाथ व पैरों में सुन्नपन और झनझनाहट का खतरा बढ़ जाता है।
यह कहना है न्यूरो फिजीशियन का। न्यूरो फिजीशियन की मानें तो सर्दी के मौसम में जब मस्तिष्क में खून की आपूर्ति में कमी आ जाती है और रक्तस्राव होने लगता है तो पैरालिसिस की संभावना बन जाती है। साठ साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों में भी पैरालिसिस का खतरा अधिक रहता है।
न्यूरो फिजीशियन का कहना है कि सर्दी के मौसम में अगर किसी व्यक्ति में चेहरे का एक तरफ टेढ़ा होना, सुन्न होना, एक साइड के हाथ व पैर कमजोर या सुन्न होना, बोलने में दिक्कत होना, आवाज में बदलाव आना, देखने, चलने और समझने में दिक्कत होना जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत न्यूरो फिजीशियन से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए।
पैरालिसिस के खतरे से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण सर्दी से बचाव जरूरी है। इसके लिए शरीर को गर्म रखने और गर्म कपड़े पहनने चाहिए बुजुर्गों और मरीजों के पास कोई न कोई तीमारदार अवश्य रहे। अगर कोई दवा पहले से चल रही है तो अपनी मर्जी से दवाओं का सेवन बंद नहीं करें। न्यूरो फिजीशियन की सलाह से ही दवाओं के साथ-साथ पौष्टिक आहार लेते रहें। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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