@ पढने वाला कमरा उत्तर-पूर्व में हो. कमरे में डरावने, युद्ध, हिंसक पशु-पक्षी, राक्षस आदि के चित्र न हों. पढ़ाई करते समय बच्चे का चेहरा पूर्व या उत्तर में हो तथा सिर व मेज के ऊपर बीम न हो.
@ पढ़ने वाली मेज, कुर्सी व पुस्तकों की रैक या आलमारी दक्षिण या पश्चिम में रखें. मेज पर इष्ट देव, सरस्वती व गणेश जी के चित्र उत्तर-पूर्व में तथा टेबल लैंप दक्षिण-पूर्व में ही रखें.
@ कमरे में बच्चों की पसंद के अनुसार हल्के रंग का पेंट दीवार पर करवाएं, परंतु गहरा लाल, नीला, बैंगनी, काला भूरा रंग कराने से बचें.
@ बच्चों को भोजन कराते समय उनका चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा में ही रखें जबकि सुलाते समय सिरहाना दक्षिण या पश्चिम दिशा में ही रखें.-- प्रमोद कुमार अग्रवाल, ज्योतिष-वास्तु लेखक एवं सलाहकार, आगरा।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें