(नेचुरोपैथी पर आधारित जानकारी)
# पीने के पानी का टीडीएस समय समय पर चैक कराते रहना जरूरी है, क्योंकि अधिक टीडीएस का पानी पीने से हड्डी संबंधी बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है।
# आरओ या किसी भी अन्य स्रोत का पानी पीने से पहले अगर पानी को मिट्टी के बर्तन जैसे घड़ा, सुराही आदि में भर कर रखा जाए तो शरीर को आवश्यक मिनिरल्स आसानी से मिल जाएंगे।
# शरीर में अम्लता बढ़ने से पेट, त्वचा लिवर, किडनी, मस्तिष्क से संबंधित बीमारी होने की संभावना बनी रहती है। इसलिए अपने डॉक्टर की सलाह से सदैव क्षारीय प्रकृति वाले आहार जैसे साबुत अनाज किशमिश अजवाइन, मौसम में आने वाले फल, हरी तरकारी, ब्रोकली, खीरा, बीन्स नट्स अंजीर आदि का सेवन करना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें