@ जन्म कुंडली में जब केंद्र में बृहस्पति ग्रह, उच्च के हों अथवा अपनी राशि में बैठे हों तो यह स्थिति हंस योग कहलाती है। कर्क राशि में बृहस्पति उच्च के और धनु व मीन राशि में बृहस्पति स्व राशि के माने जाते हैं। जिन लोगों की कुंडली में हंस योग होता है वे सदैव सम्मानित होते हैं और उनके कार्य की प्रशंसा भी होती है।
@ ज्योतिष के अनुसार पुष्य नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। बृहस्पतिवार और रविवार को पुष्य नक्षत्र होना अत्यंत शुभ माना जाता है। इन दोनों दिनों में कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। वहीं सोमवार, मंगलवार, बुधवार और शनिवार को पुष्य नक्षत्र का होना मध्यम फलदायी होता है। इन दिनों में भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
@ शुक्रवार के दिन पुष्य नक्षत्र के होने से उत्पात नामक योग बनता है। इसलिए जब तक उत्पात योग रहे, तब तक कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, ज्योतिष-वास्तु लेखक एवं सलाहकार, आगरा
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