## आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व कोना) का संबंध स्वास्थ्य से होता है। इसके दूषित होने से घर में बीमारियों का वास होता है। इस दिशा में पानी का कोई भी स्रोत नहीं रखना चाहिए। बीमारी से बचाव के लिए आग्नेय कोण में लाल रंग का बल्व जला सकते हैं।
## वास्तु शास्त्र के अनुसार भूखंड खरीदते समय सबसे अच्छी दिशा उत्तर-पूर्व मानी गई है, लेकिन भूखंड किसी भी दिशा में हो, यदि उस पर निर्माण कार्य वास्तु शास्त्र के आधार पर कराया जाए तो सभी दिशाएं लाभप्रद होती हैं।
## जिस कमरे में सीढ़ी शुरू या समाप्त होती है, वहां किसी भी रोगी को नहीं रखना चाहिए। वरना जल्दी फायदा नहीं होगा।
## सोते समय पैर हमेशा ठोस दीवार की तरफ होने चाहिए। इससे प्राणिक ऊर्जा बढ़ने के साथ-साथ स्वास्थ्य भी ठीक बना रहता है।
## सीढ़ियों के नीचे खाली जगह में शौचालय बनवाने से स्वास्थ्य समस्या और मंदिर व तिजोरी बनवाने से कई तरह की विपत्तियों का सामना करना पड़ सकता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, ज्योतिष-वास्तु लेखक एवं सलाहकार।
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