भारत में ज्योतिष और वास्तु को जीवन का एक ऐसा अद्भुत विज्ञान माना गया है, जिसके सिद्धांतों का अनुसरण करके धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के दर्शन का अनुभव किया जा सकता है। किसी भूखण्ड पर आवासीय या व्यावसायिक भवन का निर्माण कराने के बाद उस निर्मित वास्तु का, रहने या व्यवसाय अथवा व्यापार के लिए उपयोग करने से धर्म एवं मोक्ष, दोनों ही प्रभावित होते हैं।
किसी भी वास्तु के उपयोग से सुनिश्चित सफलता तभी संभव है, जब वह सभी तरह के वास्तु दोषों से मुक्त हो तथा उस वास्तु में प्रवेश करने से पहले विधि विधान से वास्तु पूजन संपन्न करा दिया गया हो। धर्म, आध्यात्म और ज्योतिष के साथ वास्तु विज्ञान का समन्वय निश्चित ही मानव कल्याण की उस भावना को साकार करता है, जिसके लिए वास्तु नियम बनाए गए।
वास्तु शास्त्र के अनुसार वास्तु का निर्माण और उपयोग जीवन को सुरक्षित, सुखी, संपन्न और प्रसन्नता प्रदान करता है, इसमें किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए। -- आचार्य प्रमोद कुमार अग्रवाल, ज्योतिष-वास्तु लेखक, आगरा।
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