यदि खरीदे गए नए घर में प्रवेश करने से पहले अथवा पुराने घर में मरम्मत या किसी भाग में फेरबदल कराने से पहले सब कुछ अच्छा चल रहा हो, घर में शांति, प्रेम व धन आगमन की स्थिति बेहतर रही हो, परंतु इसके बाद ही घर-परिवार में हारी-बीमारी, तनाव, अशांति, धन की हानि, तरक्की में रुकावट, व्यवसाय में नुकसान, बच्चों की पढ़ाई में बाधा, पति-पत्नी में कलह, शत्रु भय, चोरी, आगजनी व आकस्मिक दुर्घटना जैसी समस्याएं आने लगें तो यह माना जा सकता है कि खरीदा गया नया घर या पुराने घर में किया गया बदलाव वास्तु नियमों के विपरीत है. ऐसी दशा में किसी कुशल व अनुभवी वास्तुविद् की सलाह के अनुसार घर के वास्तु दोष को दूर करा लेना चाहिए, जिससे कि सुखद, सुरक्षित व कष्टमुक्त जीवन बिताया जा सके. --प्रमोद कुमार अग्रवाल, वास्तु आचार्य एवं ज्योतिष-वास्तु लेखक, आगरा।
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