शुक्रवार, 31 मई 2024

मानसिक रोगियों के लिए जलवायु परिवर्तन ज्यादा घातक

मानसिक और तंत्रिका संबंधी विकारों जैसे स्ट्रोक माइग्रेन मिर्गी, अल्जाइमर, मेनिन्जाइटिस, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, चिंता, डिप्रेशन सिजोफ्रेनिया आदि से पीड़ित लोगों में जलवायु परिवर्तन और बढ़ता तापमान घातक हो सकता है।     

   एक न्यूरोलॉजिकल रिसर्च में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम के पैटर्न में बदलाव हो रहा है। इसके चलते होने वाली मौसमी घटनाएं मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों की सेहत पर गहरा प्रभाव डाल रही हैं। 

   गर्मी के मौसम में बढ़ता तापमान दिन के साथ ही रात्रि में भी कम नहीं होता है। ऐसे में गर्म रातें लोगों की नींद को प्रभावित करती हैं। नींद पूरी नहीं होने से दिमाग से जुड़ी कई समस्याएं होने लगती हैं। बचाव के लिए कमरे के तापमान को संतुलित बनाने के अलावा शरीर को ठंडक प्रदान करने वाले आहार का सेवन करना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

होर्डिंग्स का पंजीकरण कराना जरूरी : नगर आयुक्त

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जगह-जगह लगे होर्डिंग्स का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। बिना पंजीकरण के कोई भी होर्डिंग्स शहर में नहीं लग सकेगा। पंजीकरण कराए बगैर होर्डिंग्स लगाने पर होर्डिंग्स को अवैध करार कर दिया जाएगा। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि उन्हें शहर में जगह-जगह अनुमति से ज्यादा होर्डिंग्स लगे होने की जानकारी मिली है। इस पर अंकुश लगाने के लिए अब होर्डिंग्स लगाने के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा अब रूफटॉप होर्डिंग्स की संचालन कर्ता कंपनियों को होर्डिंग्स लगाने से पहले स्टक्चरल एबिलिटी सर्टिफिकेट देना होगा। इसे नहीं देने पर होर्डिंग्स को अवैध घोषित कर दिया जाएगा। 

   नगर आयुक्त ने बताया कि अगर किसी अवैध घोषित हुए होर्डिंग्स के गिरने से कोई हादसा होता है तो विज्ञापन करने वाली फर्म ही जिम्मेदार होगी। निगम की टीम द्वारा सभी होर्डिंग्स का सर्वे कर लिया गया है। अवैध होर्डिंग्स लगाने वाली फर्मों को ब्लैक लिस्टेड करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। इसके साथ ही शहर की सड़कों पर पोलों पर लगे सौ से अधिक अवैध होर्डिंग्स को नगर निगम की टीम द्वारा जब्त कर लिया गया है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 


बुधवार, 29 मई 2024

रोडवेज बस में हो परेशानी तो मोबाइल पर करें मैसेज

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) की बसों में यात्रा करने के दौरान अगर किसी यात्री को कोई भी परेशानी हो तो वह व्हाट्सएप नंबर 9415049606 पर मैसेज करके शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत मिलने पर निगम के अधिकारी शिकायत का तुरंत निराकरण करेंगे। 

      परिवहन निगम की बसों में यात्रियों को होने वाली असुविधाओं से बचाने के लिए यह पहल की गई है। यात्रा के दौरान यदि यात्री को बस में कोई कमी नजर आती है या फिर किसी तरह की कोई परेशानी होती है तो वह इस नंबर पर शिकायत कर सकता है। आगरा रीजन की बसों के कायाकल्प अभियान के तहत यह कदम उठाया गया है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

रेलवे स्टेशनों पर एटीवीएम से टिकट लेने पर मिलेगी छूट

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। आगरा मंडल के नौ रेलवे स्टेशनों पर लगाई जाने वाली ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) से टिकट लेने पर किराये में तीन फीसदी की छूट दी जाएगी। इसके अलावा यात्रियों को टिकट लेने के लिए टिकट खिड़की पर कतार में भी नहीं लगना होगा। 

  रेलवे वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि आगरा मंडल के अंतर्गत नौ रेलवे स्टेशन आते हैं, इनमें आगरा के चार स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर अब यात्रियों की सहूलियत के लिए चौबीस एटीवीएम की खरीद की जा रही है। 

    प्रबंधक ने बताया कि आगरा में आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर पांच आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन पर तीन, ईदगाह रेलवे स्टेशन और राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर दो-दो एटीवीएम बढ़ाई जाएंगी। जबकि मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर पांच, धौलपुर रेलवे स्टेशन, कोसीकलां रेलवे स्टेशन और भूतेश्वर रेलवे स्टेशन पर दो-दो तथा होडल रेलवे स्टेशन पर एक एटीवीएम लगाई जाएंगी। 

    उन्होंने बताया कि एटीवीएम टच स्क्रीन आधारित टिकटिंग कियोस्क है, जो स्मार्ट कार्ड का उपयोग करके संचालित होगा। इससे द्वितीय श्रेणी और प्लेटफार्म टिकट प्राप्त की जा सकती है। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर अभी पांच एटीवीएम कार्य कर रही हैं। एटीवीएम से टिकट लेने पर यात्रियों को बिना कतार में लगे टिकट मिल जाएगी और टिकट के किराये पर तीन फीसदी की छूट भी मिलेगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

शनिवार, 25 मई 2024

स्वयं एप से कर सकते हैं पढ़ाई

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा हर वर्ग के विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से स्वयं एप तैयार किया गया है। इस एप को डाउनलोड कर विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाओं में 11 विषयों का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं।

   संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसे 22 मई से लागू कर दिया है। इस एप से एकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल, गणित भौतिक विज्ञान, मनोविज्ञान, अंग्रेजी और समाजशास्त्र विषयों की ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए सभी स्कूलों को स्वयं एप से विद्यार्थियों को जोड़ कर पढ़ाई कराने के निर्देश दिए हैं। स्वयं एप पर कक्षाएं 30 सितंबर तक संचालित होंगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

मुसीबत में मददगार होगा मेरा आगरा एप

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। स्मार्ट सिटी के एप मेरा आगरा से अब मुसीबत के समय मदद ली जा सकती है। एप में पुलिस की डायल 112 सेवा को एसओएस सर्विस के ऑप्शन के साथ जोड़ दिया गया है। अब तक दस हजार से ज्यादा लोग मेरा आगरा एप को डाउनलोड कर चुके हैं। 

     आगरा स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड के चीफ डाटा ऑफिसर सौरभ अग्रवाल ने बताया कि मेरा आगरा एप के जरिए हाउस टैक्स, वाटर टैक्स जमा करने के साथ ही ताजनगरी के स्मारकों के टिकट की ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है। अब इस एप में पुलिस की डायल 112 को एसओएस सर्विस के साथ जोड़ दिया गया है। इससे इमरजेंसी में एप यूजर को पुलिस से मदद मिल सकेगी। 

     उन्होंने बताया कि मेरा आगरा एप में यह फीचर है कि किसी इमरजेंसी मदद के लिए अगर यूजर द्वारा अपनी लोकेशन सही नहीं बताई गई है तो भी लोकेशन के साथ मैसेज पुलिस कंट्रोल रूम में पहुंच जाएगा। जहां से नजदीकी पुलिस स्टेशन पर इस मैसेज को भेजा जाएगा, जिससे एप यूजर को पुलिस की जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

संक्रमण से बचने के लिए जरूरी है साफ-सफाई

साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखने की वजह से होने वाले संक्रमण से हर साल दुनिया में करीब 77 लाख लोगों की मौत हो रही है, जिनमें 50 लाख मौतें ऐसे बैक्टीरिया के कारण हो रही हैं जो एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो गए हैं। अगर साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए संक्रमण की रोकथाम पर जोर दिया जाए तो हर साल करीब 7.50 लाख लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। 

    यह खुलासा द लैंसेट मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन रिपोर्ट में हुआ है। अध्ययन के अनुसार किसी भी तरह के संक्रमण से बचने के लिए हाथों की साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखना आवश्यक है। इसके अलावा सुरक्षित पीने का पानी और बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष टीकाकरण में वृद्धि करने से भी कई मौतों को टाला जा सकता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

  

    

गुरुवार, 23 मई 2024

पंद्रह रेलवे स्टेशनों का होगा कायाकल्प, आगरा फोर्ट स्टेशन बनेगा स्मार्ट

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। अमृत भारत योजना के तहत आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन को स्मार्ट बनाया जाएगा। इसके तहत आगरा फोर्ट स्टेशन परिसर का विकास करने के साथ ही यात्रियों के लिए सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसमें करीब 15.47 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 

   रेलवे वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि अमृत भारत योजना के अंतर्गत आगरा मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों को विकसित किया जाएगा।इसमें आगरा के 7 रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों में राजा की मंडी स्टेशन, ईदगाह स्टेशन, आगरा फोर्ट स्टेशन, अछनेरा स्टेशन, फतेहाबाद स्टेशन और फतेहपुर सीकरी स्टेशन हैं। इनमें से राजा की मंडी स्टेशन और ईदगाह स्टेशन पर विकास कार्य शुरू हो गए हैं। इसमें 25.20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    रेलवे वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन के विकास पर 15.47 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए सर्वे हो गया है। अगले महीने से कार्य शुरू होने की उम्मीद है। आगरा मंडल के कोसी कलां स्टेशन, धौलपुर स्टेशन, खेड़ली स्टेशन, महवा मंडावर स्टेशन, होडल स्टेशन भूतेश्वर स्टेशन, गोवर्धन स्टेशन और गोविंदगढ़ स्टेशनों का भी कायाकल्प किया जाएगा। 

   उन्होंने बताया कि अमृत भारत योजना के तहत विकसित किए जाने वाले स्टेशनों में परिसर क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। प्रवेश द्वार को सुंदर और आकर्षक बनाया जाएगा। प्लेटफॉर्म पर नए शेड, डिजिटल घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड, मल्टी लाइन डिस्प्ले बोर्ड, फुट ओवरब्रिज लिफ्ट और एस्केलेटर्स आदि लगेंगे। हाई मास्ट टावर लगाने के साथ ही स्टेशनों पर उद्घोषणा सिस्टम विकसित किया जाएगा। यात्रियों के बैठने के लिए स्टेशन और वेटिंग रूम में बेंच बढ़ाई जाएंगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

नवजात के शरीर का तापमान भी सही रखता है स्तनपान

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। नवजात शिशु को स्तनपान कराना शिशु की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान के बीच मां का दूध अमृत के समान काम करता है। स्तनपान नवजात के शरीर के तापमान को भी सही रखने में मदद करता है। बोतल से दूध पीने वाले शिशुओं के बीमार होने की दर मां का दूध पीने वाले शिशुओं की तुलना में कहीं ज्यादा देखी जाती है। 

    यह कहना है जिला अस्पताल की डॉक्टर नीता चिवाते का। उन्होंने बताया कि जो परिजन नवजात को मां के दूध की जगह बोतल का दूध पिला रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि बोतल का दूध नवजात की सेहत के लिए कतई अच्छा नहीं है क्योंकि सिर्फ मां का दूध ही नवजात को विभिन्न बीमारियों से लड़ने के लिए ताकत प्रदान करता है। बोतल का दूध पीने वाले नवजात के पेट में दर्द, गैस बनने और पेट फूलने की शिकायत हो सकती है। 

   डॉक्टर चिवाते ने बताया कि जितना ज्यादा संभव हो नवजात को मां के साथ ही रखना चाहिए। जितने ज्यादा लोग शिशु को हाथ लगाते हैं, उतना ही नवजात की सेहत के लिए हानिकारक है। खुले में संक्रमण के बीच शिशु को चटाई या जमीन पर लिटाना भी उसके लिए घातक हो सकता है। अगर परिजन शिशु को मां से दूर रखते हैं तो मां के शरीर में हार्मोन नहीं बन पाते जिससे मां को दूध नहीं आता। इसलिए शिशु को ज्यादा से ज्यादा समय तक मां के साथ ही रखना चाहिए। 

      डॉक्टर चिवाते ने बताया कि अगर शिशु एक दिन में आठ बार पेशाब कर रहा है तो इसका मतलब उसका पेट भर रहा है। शिशु के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है कि शिशु को छह महीने का होने तक मां के दूध के अलावा कोई भी बाहरी दूध, शहद, पानी, फलों का रस आदि नहीं देना चाहिए। अगर कभी किसी वजह से शिशु को मजबूरी में बाहरी दूध देना पड़ जाए तो दूध पिलाने वाली बोतल और निपल को साफ पानी में कम से कम पंद्रह मिनट उबाल लेना चाहिए। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

सोमवार, 20 मई 2024

आगरा के एसएन में है थैलेसीमिया का निशुल्क इलाज

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में बनी थैलेसीमिया यूनिट में इस रोग से पीड़ित मरीजों के निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसमें रक्त की उपलब्धता, आयरन के ओवरलोड नियंत्रित करने की दवा निशुल्क दी जाती है। 

     कॉलेज के बालरोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर नीरज यादव ने बताया कि थैलेसीमिया जेनेटिक डिसऑर्डर है। इसमें मरीज में खराब गुणवत्ता का खून बनता है जो स्वस्थ लोगों के मुकाबले तेजी से नष्ट होता है। इसमें मरीज को खून चढ़ा कर पूर्ति की जाती है। खून चढ़ाने से मरीज में आयरन की मात्रा ओवरलोड होने से किडनी, लिवर और अन्य अंग प्रभावित होते हैं। 

    डॉक्टर यादव ने बताया कि पारिवारिक रिश्तों में शादी करने से खून का म्यूटेशन होता है और इनकी संतान में थैलेसीमिया बीमारी का खतरा ज्यादा हो जाता है। अगर किसी के परिवार में कोई थैलेसीमिया का मरीज है तो शादी से पहले लड़की या लड़के का जैनेटिक परीक्षण करा लेना चाहिए। इस बीमारी के इलाज के लिए बोनमेरो ट्रांसप्लांट होता है, जो मंहगा है।

   उन्होंने बताया कि थैलेसीमिया बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में थैलेसीमिया यूनिट बनी हुई है। इसमें 81 मरीज रजिस्टर्ड हैं। इनका इलाज पूरी तरह निशुल्क है। मरीजों को मंहगी दवाएं और खून निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे यहां रजिस्ट्रेशन कराकर निशुल्क इलाज पा सकते हैं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

शुक्रवार, 17 मई 2024

मंडल के पंद्रह रेलवे स्टेशनों का होगा कायाकल्प

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। अमृत भारत योजना के तहत आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन को स्मार्ट बनाया जाएगा। इसके तहत आगरा फोर्ट स्टेशन परिसर का विकास करने के साथ ही यात्रियों के लिए सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसमें करीब 15.47 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 

   रेलवे वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि अमृत भारत योजना के अंतर्गत आगरा मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों को विकसित किया जाएगा।इसमें आगरा के 7 रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों में राजा की मंडी स्टेशन, ईदगाह स्टेशन, आगरा फोर्ट स्टेशन, अछनेरा स्टेशन, फतेहाबाद स्टेशन और फतेहपुर सीकरी स्टेशन हैं। इनमें से राजा की मंडी स्टेशन और ईदगाह स्टेशन पर विकास कार्य शुरू हो गए हैं। इसमें 25.20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
    रेलवे वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन के विकास पर 15.47 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए सर्वे हो गया है। अगले महीने से कार्य शुरू होने की उम्मीद है। आगरा मंडल के कोसी कलां स्टेशन, धौलपुर स्टेशन, खेड़ली  स्टेशन, महवा मंडावर स्टेशन, होडल स्टेशन भूतेश्वर स्टेशन, गोवर्धन स्टेशन और गोविंदगढ़ स्टेशनों का भी कायाकल्प किया जाएगा। 
   उन्होंने बताया कि अमृत भारत योजना के तहत विकसित किए जाने वाले स्टेशनों में परिसर क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। प्रवेश द्वार को सुंदर और आकर्षक बनाया जाएगा। प्लेटफॉर्म पर नए शेड, डिजिटल घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड, मल्टी लाइन डिस्प्ले बोर्ड, फुट ओवरब्रिज लिफ्ट और एस्केलेटर्स आदि लगेंगे। हाई मास्ट टावर लगाने के साथ ही स्टेशनों पर उद्घोषणा सिस्टम विकसित किया जाएगा। यात्रियों के बैठने के लिए स्टेशन और वेटिंग रूम में बेंच बढ़ाई जाएंगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

आरटीई के तहत प्रवेश नहीं देने पर होगी कार्रवाई

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत नए सत्र में चौदह वर्ष तक के बच्चों को सभी सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य निजी स्कूलों के लिए निशुल्क प्रवेश देना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रवेश नहीं देने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रवेश के लिए प्राप्त आवेदनों का निस्तारण बेसिक शिक्षा अधिकारी को सात दिन में करना होगा। 

    जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि उनके द्वारा ये निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी और समस्त स्कूल के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य को दे दिए गए हैं। नए सत्र में प्रवेश देने से इंकार करने की शिकायत मिलने पर स्कूल प्रबंधक स्वयं जिम्मेदार होंगे। आरटीई के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है। प्रवेश देने से मना करना आरटीई कानून का उल्लंघन है। 

     जिलाधिकारी ने बताया कि यदि किसी चयनित बच्चे के प्रवेश को लेकर कोई आपत्ति है तो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। प्रवेश को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो स्कूल चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं देंगे, उनके खिलाफ शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

गुरुवार, 16 मई 2024

सीबीआई की तर्ज पर मामलों की विवेचना करेंगे दरोगा

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। हत्या, डकैती, चोरी जैसे मामलों में अब विवेचना में लापरवाही नहीं बरती जा सकेगी। पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड ने सीबीआई की तर्ज पर मामलों की बेहतर विवेचना की योजना तैयार की है। विवेचक को विवेचना ग्रहण करने के चौबीस घंटे के अंदर पूरा प्लान बनाकर देना अनिवार्य कर दिया गया है। 

    पुलिस कमिश्नर ने बताया कि विवेचक को घटना स्थल के निरीक्षण, वैज्ञानिक सबूत जुटाने की तारीख आरोपियों के नाम बढ़ाने और निकालने की ठोस वजह, केस की फाइल में पहले पन्ने पर दर्ज करनी होगी। एसीपी और डीसीपी विवेचना की निगरानी करेंगे। केस की विवेचना के दौरान हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी। 

    पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आपराधिक मामलों की बेहतर विवेचना के लिए नई योजना तैयार की गई है। सीबीआई और सीबासीआईडी की तर्ज पर पुलिस द्वारा भी विवेचना की जाएगी। विवेचक को विवेचना से संबंधित पूरा प्लान बना कर देना होगा कि उन्होंने घटनास्थल पर जाकर क्या किया। केस में प्राथमिक स्तर पर क्या क्या सबूत जुटाए। आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। केस में फाइनल रिपोर्ट और चार्ज शीट लगाने से लेकर सबूत जुटाने में देरी पर विवेचक बहाना नहीं बना पाएंगे। 

    पुलिस कमिश्नर ने बताया कि एक जुलाई से भारतीय दंड संहिता में बदलाव किया जा रहा है। इसमें न्याय प्रक्रिया को त्वरित करने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही केस में समय पर चार्ज शीट और फाइनल रिपोर्ट लगाने से लेकर अभियुक्तों को जल्द सजा दिलाने पर जोर है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस और विवेचना के स्तर में बदलाव की कवायद की जा रही है। सही और समयबद्ध विवेचना के लिए एसीपी और डीसीपी की जवाबदेही भी तय की जा रही है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

जनपद न्यायालय आगरा में 22 फरवरी को लगेगा वृहद विधिक साक्षरता सेवा शिविर

                        प्रमोद कुमार अग्रवाल   राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ क...