आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में बनी थैलेसीमिया यूनिट में इस रोग से पीड़ित मरीजों के निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसमें रक्त की उपलब्धता, आयरन के ओवरलोड नियंत्रित करने की दवा निशुल्क दी जाती है।
कॉलेज के बालरोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर नीरज यादव ने बताया कि थैलेसीमिया जेनेटिक डिसऑर्डर है। इसमें मरीज में खराब गुणवत्ता का खून बनता है जो स्वस्थ लोगों के मुकाबले तेजी से नष्ट होता है। इसमें मरीज को खून चढ़ा कर पूर्ति की जाती है। खून चढ़ाने से मरीज में आयरन की मात्रा ओवरलोड होने से किडनी, लिवर और अन्य अंग प्रभावित होते हैं।
डॉक्टर यादव ने बताया कि पारिवारिक रिश्तों में शादी करने से खून का म्यूटेशन होता है और इनकी संतान में थैलेसीमिया बीमारी का खतरा ज्यादा हो जाता है। अगर किसी के परिवार में कोई थैलेसीमिया का मरीज है तो शादी से पहले लड़की या लड़के का जैनेटिक परीक्षण करा लेना चाहिए। इस बीमारी के इलाज के लिए बोनमेरो ट्रांसप्लांट होता है, जो मंहगा है।
उन्होंने बताया कि थैलेसीमिया बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में थैलेसीमिया यूनिट बनी हुई है। इसमें 81 मरीज रजिस्टर्ड हैं। इनका इलाज पूरी तरह निशुल्क है। मरीजों को मंहगी दवाएं और खून निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे यहां रजिस्ट्रेशन कराकर निशुल्क इलाज पा सकते हैं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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